Ajwain Planting
Ajwain Planting

Summary: अजवाइन का पौधा ऐसे लगाएं कि बने सेहत और स्वाद का खजाना

घर पर अजवाइन का पौधा लगाना आसान है, बस सही मिट्टी, धूप, सिंचाई और जैविक खाद का ध्यान रखें। इससे न सिर्फ स्वाद बढ़ेगा, बल्कि स्वास्थ्य लाभ भी मिलेगा।

Ajwain Planting: अजवाइन अपने औषधीय गुणों और स्वाद के लिए घर-घर में पसंदीदा मसाले का पौधा है। यह न केवल रसोई में जायका बढ़ाता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी कई तरह से फायदेमंद होता है। अगर आप घर पर अजवाइन का पौधा लगाना चाहते हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है ताकि आपका पौधा स्वस्थ और हरा-भरा बढ़ सके। इस लेख में हम अजवाइन के पौधे को सफलतापूर्वक उगाने के लिए पांच महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करेंगे।

Ajwain Planting
Choosing the right soil

अजवाइन को उगाने के लिए हल्की, दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है। गमले या बागवानी के प्लॉट में ऐसे मिट्टी का चयन करें जो पोषक तत्वों से भरपूर हो। अगर मिट्टी ज्यादा भारी या चिकनी हो तो उसमें रेत या कम्पोस्ट मिलाकर उसका बनावट सुधार सकते हैं। यह पौधा अधिक नमी पसंद नहीं करता इसलिए मिट्टी में पानी जमा होने से बचाएं ताकि जड़ें सड़ने से बच सकें।

अजवाइन का पौधा अच्छी धूप पसंद करता है। इसे ऐसी जगह लगाएं जहां दिन में कम से कम 5 से 6 घंटे की धूप मिले। पर्याप्त धूप मिलने से पौधा मजबूत होगा और उसमें आवश्यक तेलों की मात्रा भी अच्छी बनेगी जो इसके स्वाद और औषधीय गुणों के लिए जरूरी हैं। अगर आप घर के अंदर पौधा लगा रहे हैं तो इसे खिड़की के पास रखें या समय-समय पर बाहर धूप में रखें।

irrigation
Right method of irrigation

अजवाइन की सिंचाई में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। बहुत अधिक पानी देने से पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं और कम पानी से पौधा सूख सकता है। शुरुआत में बीज बोने के बाद मिट्टी को हल्का गीला रखें लेकिन गमले या बाग में पानी जमने न दें। सप्ताह में 2-3 बार हल्की सिंचाई करना पर्याप्त होता है। गर्मी में थोड़ा अधिक पानी दिया जा सकता है लेकिन सावधानी बरतें कि पानी अधिक न हो।

अजवाइन के बीज बोते समय 1-2 सेमी गहरे बोएं। बीज बोने के बाद मिट्टी को हल्के हाथों से दबाएं ताकि बीज जमीन से अच्छी तरह संपर्क में आ जाएं। बीज अंकुरित होने में लगभग 7-10 दिन लगते हैं। पौधों के बीच लगभग 15 से 20 सेंटीमीटर की दूरी रखें ताकि वे अच्छे से बढ़ सकें। यदि गमले में लगा रहे हैं तो बड़े आकार का गमला चुनें जिससे जड़ों को जगह मिले।

अजवाइन को अच्छे पोषण के लिए हल्की जैविक खाद जैसे कम्पोस्ट या गोबर की खाद देना लाभकारी होता है। रासायनिक खादों का उपयोग आवश्यकतानुसार करें लेकिन ज्यादा मात्रा से बचें। कीटों से बचाव के लिए नीम का स्प्रे या हल्दी के घोल का उपयोग करें। अजवाइन पर आमतौर पर कीट कम लगते हैं लेकिन अगर किसी तरह के रोग या फफूंदी दिखाई दे तो तुरंत उपाय करें। नियमित रूप से पौधों की जांच करते रहें।

घर पर अजवाइन का पौधा लगाना और उसकी देखभाल करना जितना आसान है सही तरीके से ध्यान देने पर उतना ही फायदेमंद भी होता है। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप, नियमित लेकिन संतुलित सिंचाई, उचित बीज बोने की तकनीक और पौष्टिक खाद का उपयोग आपके अजवाइन के पौधे को स्वस्थ और मजबूत बनाएगा। घर में ताजी अजवाइन होने से न केवल आपके खाने में स्वाद बढ़ेगा बल्कि इसके औषधीय फायदे भी मिलेंगे। 

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...