पौधों के लिए सही गमले का चुनाव है बेहद जरूरी, रखें इन बातों का ख्याल: Gardening Tips
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गमले का सही चुनाव है ज़रूरी

इन गमलों की ख़ास बात यह कि जरूरत के हिसाब से इन्हें एक से दूसरी जगह पर बहुत ही आसानी से रखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह ये है कि गमले का सही चुनाव होना चाहिए

Gardening Tips: पेड़ पौधे हमारे जीवन के अहम हिस्सा बन चुके हैं लेकिन शहरी ज़िंदगी में बाग़वानी करना आसान बात नहीं। कई तरह की तकनीकी का सहारा लेना पड़ता है। उसी में से एक है कंटेनर गार्डनिंग जोकि बहुत ही ज़्यादा पॉप्युलर हो चुकी है। इसके तहत क्यारियों की बजाय गमलों में पौधे उगाए जाते हैं। यह एक ऐसा पौधे उगाने का तरीक़ा है जो हमेशा से ही गार्डनिंग का शौक रखने वालों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। इस तरीक़े से हम वहाँ भी बाग़वानी कर सकते हैं जहां पर मिट्टी आदि नहीं होती है। इन गमलों की ख़ास बात यह कि जरूरत के हिसाब से इन्हें एक से दूसरी जगह पर बहुत ही आसानी से रखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में जो सबसे महत्वपूर्ण बात है वह ये है कि गमले का सही चुनाव होना चाहिए ताकि उसमें लगे पौधों को उचित पोषण मिलता रहे। गमले में लगे पौधे अच्छी तरह से ग्रो कर सकें। वैसे आपको एक ज़रूरी बात बता दें कि गमलों का चुनाव पौधों के अनुसार होता है। 

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when the plant is small

पौधा जब छोटा होता है तो उसके लिए हमें छोटे गमले की ज़रूरत पड़ती है। सामान्यतौर पर देखा जाए तो इन पौधों की जड़ें मिट्टी की सतह से 4-6 सेंमी नीचे तक ही जाती हैं। ऐसी स्थिति में उनके लिए 6-8 सेमी. की गहराई वाला गमला पौधे के लिए ठीक रहता है। इन छोटे छोटे गमलों में आप पुदीना, संजीवनी और मनी प्लांट जैसे पौधे आप लगा सकते  हैं। बस इस बात का ख़्याल रखें की उसमें जल निकासी आदि की सुविधा हो। 

medium sized plants
medium sized plants

मध्यम आकार के पौधों के लिए मध्यम आकर के गमले सही रहते हैं। एक तरह से देखा जाए तो इन पौधों की जड़े मिट्टी में 10-15 सेमी. नीचे तक जाती हैं। ऐसे में उन्हें 22-25 सेमी. की गहराई वाले गमले ठीक रहते हैं। मध्यम आकर वाले  पौधों की जड़े बहुत ज्यादा नहीं फैलती हैं। इस मध्यम आकार वाले गमलों में आप भिंडी, हरी मिर्च, बैंगन, टमाटर जैसे पौधे आते हैं। यह इसमें अच्छी तरह से लग जाते और विकसित होते हैं। 

use of scrap pot
use of scrap pot

हम सब पौधे लगाने के लिए गमलों के साथ साथ अपने घर की कई पुरानी चीज़ों को भी गमले के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इस विधि के द्वारा तैयार किए गए गमलों को लोग स्क्रैप पॉट कहते हैं जो स्टील के पुराने बर्तन, वुडेन कार्टन, प्लास्टिक मग या टब, कोल्ड ड्रिंक की बोतलें और टॉय ट्रक जैसे खिलौने से तैयार किए जाते हैं। इस तरह के स्क्रैप पॉट में सबसे पहले पॉलिथीन बिछाया जाता है। फिर तीन भाग मिट्टी में एक भाग जैविक खाद मिलाकर डाला जाता है। फिर अंत में पौधे लगाए जाते हैं। 

clay pot right
clay pot right

एक तरह से देखा जाए तो मिट्टी का गमला पौधों के विकास के लिए सबसे अच्छा होता है। इस तरह के गमलों में छोटे छोटे छिद्र होते हैं जिसकी वजह से पौधों की जड़ों को सही मात्रा में हवा मिल पाती है। यदि आपने मिट्टी के अलावा किसी अन्य तरह के गमले में पौधे लगाए हैं तो ये सुनिश्चहित कर लाइन कि उनकी जड़ों में छेद हो। इससे जो भी एक्स्ट्रा पानी होता है आसानी से निकल जाता है। 

संजय शेफर्ड एक लेखक और घुमक्कड़ हैं, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में हुआ। पढ़ाई-लिखाई दिल्ली और मुंबई में हुई। 2016 से परस्पर घूम और लिख रहे हैं। वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन एवं टोयटा, महेन्द्रा एडवेंचर और पर्यटन मंत्रालय...