4 तरह की पर्सनालिटी वाली मां, जानें आप किस तरह की मां हैं
किसी को गुस्सा ज्यादा आता है और किसी को कम। किसी का स्वाभाव चुप रहने का होता है और किसी को बोलना पसंद होता है।
Parenting Tricks: मां शब्द में हर बच्चे का संसार में समाया हुआ है। जितना प्यार एक मां अपने बच्चे से करती है, शायद ही कोई और उसे कर पाए। हर मां का अपने बच्चे को पालने का तरीका अलग होता है। लेकिन प्यार में किसी मां के कोई फर्क नहीं होता है। लेकिन हर मां का व्यवहार और पालने का तरीका अलग होता है। किसी को गुस्सा ज्यादा आता है और किसी को कम। किसी का स्वाभाव चुप रहने का होता है और किसी को बोलना पसंद होता है। लेकिन कई बार लोग मां के स्वाभाव और बच्चे की पेरेंटिंग के तरीके को ले कर उनके बारे में तरह तरह की बातें करने लगते हैं।
आइये जानते हैं आप किस तरह की पर्सनालिटी वाली मां हैं।
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परफेक्शनिस्ट

परफेक्शनिस्ट मां हर काम में परफेक्शन चाहती हैं। उनका वक़्त के हिसाब से चलना तय है। समय से काम करना और समय पर काम ख़तम करना भी उनकी टॉप लिस्ट में शामिल होता है। ऐस अखना बिलकुल गलत नहीं होगा की वो घडी के हिसाब से नहीं चलती बल्कि उनकी घडी उनके हिसाब से चलती है। ऐसे मां होने बच्चे को भी सकारात्मक रूप से ये सारी चीजें सिखाना चाहती हैं। इस तरह बच्चे शुरुआत से ही हर काम समय से करना सीख जाते हैं।
अंधविश्वास में यकीन

हर मां का अपने बच्चे को पालने का तरीका अलग होता है। कोई माता पिता कभी नहीं कहते की वो अपने बच्चे को कुछ भी गलत या नेगेटिव सिखाएं। हर मां अपने बच्चे के लिए एक आदर्श मां बनना चाहती है। कई बार हमारे घरों में कुछ बातें पहले से ही मानी जाती रही हैं। जैसे कोई काम किसी एक ख़ास समय पर ना करना या किसी चीज की खरीददारी शनिवार या हफ्ते के किसी एक निर्धारित दिन ना करना। यही चीज हम पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाते चले जाते हैं। बेशक इन बातों के पीछे का लॉजिक हर मां को अपने बच्चे को जरूर समझाना चाहिए।
शेफ
घर के रसोईघर में मां का दिखना आम बात है। एक मां ही अपने बच्चों के लिए खाना नाश्ता आदि बनाती है। लेकिन कई माएं बहुत ज्यादा एक्स्प्लोर करने में विश्वास रखती हैं। वो अपने बच्चे के लिए एक से बढ़कर एक डिश बनाने की ख्वाहिश रखती हैं। अलग अलग तरह के स्नैक्स बनाना, कभी मीठा तो कभी तीखा अलग अलग स्वाद अपने बच्चे को चखाना इस तरह की शेफ मां की पहली पसंद होती हैं। ऐसे मां किसी भी समय किचन में जा कर अपनी शेफ एबिलिटी को निखारने में विशवास रखती हैं।
इतनी चिंता क्यों

कई बार हम माएं बच्चों की कुछ ज्यादा ही चिंता करने लगती हैं। उनकी हर छोटी छोटी बात का ख्याल कुछ ज्यादा ही रखना। बच्चे को थोड़ी देर के लिए भी इधर उधर न छोड़ना। हर वक़्त बच्चे पर नज़र रखना। कभी कभी इस स्वभाव के पीछे वजह अलग अलग होती हैं। हो सकता है कभी किसी मां ने अपने बच्चे को खो दिया हो या फिर उसे किसी तरह की गंभीर चोट लग गयी हो। कभी भी मां अपने बच्चे के लिए गलत नहीं सोचती है। इस तरह की मां भी अपने बच्चे से बहुत ज्यादा जुड़ाव रखती हैं।
