Duryodhan Wife: महाभारत को सबसे विनाशकारी युद्ध माना गया है। 18 दिन तक चले महाभारत के युद्ध में पांडवों की विजय हुई थी। श्रीकृष्ण ने पांडवों की ओर से युद्ध में भाग लिया था और अर्जुन के रथ के सारथी बने थे। महाभारत के सभी पात्रों का रोचक इतिहास रहा है। महाभारत में युधिष्ठिर, भीम, कर्ण और दुर्योधन जैसे वीर योद्धाओं ने साहस का परिचय दिया था। महाभारत में स्त्रियों से जुड़ी कहानियां भी काफी प्रसिद्ध हुईं, जिसमें द्रौपदी का चीर हरण हो या फिर कुंती के पांच पुत्र की कहानी। महाभारत में पांडवों और कौरवों के साथ-साथ द्रौपदी के अलावा भानुमति भी मुख्य पात्रों में से एक थी, पर इनकी कहानी अधिक प्रचलित नहीं हो पाई। भानुम ति महाभारत के योद्धा दुर्योधन की पत्नी थीं। महाभारत में दुर्योधन की पत्नी होते हुए भी लोग भानुमति से इतने वा किफ नहीं है। लेकिन, भानुम ति का विवाह अर्जुन से भी हुआ था। ऐसे में आज हम आपको भानुमति से जुड़े रोचक तथ्य बताएंगे कि उन्होंने आखिर अर्जुन से शादी क्यों की थी। तो चलिए जानते हैं।
अर्जुन और भानुमति के विवाह की कहानी

एक पौराणिक कथा के अनुसार, महाभारत के युद्ध का कारण दुर्योधन को माना जाता है। कथा में वर्णन मिलता है कि किस प्रकार से दुर्योधन ने द्रौपदी का चीर हरण करवाया था, जिसके बाद महाभारत के युद्ध की घोषणा हुई। दुर्योधन की पत्नी का नाम भानुमति था। भानुमति कई गुणों में संपन्न थीं और वह कांबोज के राजा चंद्रवर्मा की पुत्री थीं। विवाह योग्य होने पर राजा चंद्रवर्मा ने अपनी पुत्री के विवाह के लिए स्वयंवर रचा, जिसमें बड़े बड़े दिग्गज योद्धा शामिल हुए। इसमें दुर्योधन भी शामिल हुए थे। लेकिन, भानुमति ने दुर्योधन का चुनाव ना करके माला लेकर आगे बढ़ने लगी। इससे दुर्योधन क्रोधित हो उठे और जबरन अपने गले में माला पहनवाली और भानुमति को पत्नी बना लिया। विवाह के बाद दोनों के दो बच्चे, पुत्र लक्ष्मण और पुत्री लक्ष्मणा को जन्म दिया था।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भानुमति की पुत्री लक्ष्मणा भी उनकी तरह काफी सुंदर व चतुर थीं। जब वह विवाह योग्य हुई तो दुर्योधन ने उसका विवाह कर्ण के पुत्र वृषसेन से करने की योजना बना ली। लेकिन, उनके विवाह में भी दुर्योधन विवाह जैसी घटना घटी। दुर्योधन ने लक्ष्मणा के विवाह के लिए एक स्वयंवर का आयोजन किया जिसमें पहले से तय था कि लक्ष्मणा किसे वरमाला पहनाएंगी। लेकिन, कृष्ण के पुत्र साम ने जबरदस्ती माला अपने गले में पहना कर विवाह रचा लिया।
ऐसा माना जाता है कि जब युद्ध की समाप्ति हुई और दुर्योधन की मृत्यु हो गई, जब पांडवों ने अपने वंश को आगे बढ़ाने के लिए भानुमति को पत्नी बनाने का विचार किया। इसके बाद भानुमति ने अर्जुन से विवाह रचा लिया और पांडवों के परिवार का सदस्य बन गई।
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