अशुभ शनि को कैसे करें शुभ
कुंडली में शनि अगर अशुभ स्थिति में हो तो जीवन परेशानियों से घिर जाता है। नवग्रह में शनि देव की दृष्टि अधिक भारी होती है। लेकिन सरल उपाय से शनि को शांत कर सकते हैं।
Shani Dev Upay: शनि को ज्योतिष में क्रूर ग्रह कहा जाता है, क्योंकि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार अच्छा या बुरा फल देते हैं। इसलिए शनि को दंडाधिकारी और कर्म प्रधानदाता भी कहा जाता है। बता दें कि नवग्रहों में शनि की दृष्टि सबसे अधिक भारी होती है। कुंडली में जब शनि की स्थिति भारी या अशुभ रहती है तो जीवन परेशानियों से गिर जाता है। शनि देव को अगर गुस्सा आ जाए या जिस व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही हो तो समझिए उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। ऐसे लोगों पर शनि की टेढ़ी नजर रहती है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में ऐसे उपायों के बारे में बताया गया है जिससे उग्र शनि को शांत किया जा सकता है और नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। इन उपायों को करने से कुंडली में शनि शांत रहते हैं और परेशानियों से छुटकारा मिलता है। आइए जानते हैं कुंडली में शनि की दशा भारी होने पर किन कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है और इससे बचने के लिए कौन से उपाय करने चाहिए।
कुंडली में शनि भारी होने पर क्या संकेत मिलते हैं?

- किसी जातक की कुंडली में शनि अशुभ स्थान में बैठे हों या भारी हो तो उसे किसी काम में सफलता नहीं मिलती और सारे प्रयास असफल हो जाते हैं।
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति के जीवन में शनि का अच्छा या बुरा प्रभाव 7 से 10 वर्ष तक का होता है। शनि जब अशुभ फल देते हैं तो व्यक्ति को नौकरी छूटने, काम में बाधा, बिजनेस में घाटा जैसी तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- कुंडली के तीसरे, सातवें या दसवें भाव में शनि विराजमान हों तो शनि दोष होता है और इससे जीवन में समस्याएं आती हैं। शनि दोष होने पर व्यक्ति के जीवन का सुख और वैभव क्षीण हो जाता है।
- शनि दोष होने पर व्यक्ति को अचानक शराब, जुआ और अन्य बुरी आदतें लग जाती है। वह कर्ज से बोझ में डूब जाता है। घर पर आग लगना, चोरी होना, मकान का बिनका आदि भी शनि दोष के लक्षण होते हैं।
इन उपायों से दूर होगा शनि दोष

- शनिवार के दिन काले कुत्ते को सरसों तेल में चुपड़ी रोटी खिलाएं। इससे शनि देव प्रसन्न होंगे और बुरी दृष्टि का प्रभाव कम होता है। वहीं आपकी कुंडली में शनि अशुभ स्थिति में हो तो कुत्तों को सताना नहीं चाहिए।
- शनि देव को काला रंग प्रिय है। इसलिए शनिवार के दिन आप काले पशु-पक्षियों जैसे कौआ आदि को भोजन कराएं और काली वस्तुओं का दान करें। इस उपाय से भी शनि देव शुभ फल देने लगते हैं।
- शनिवार के दिन जल में काला तिल मिलाकर पीपल पेड़ की जड़ में डालें और तीन बार परिक्रमा करें। इससे भी कुंडली में शनि का प्रभाव कम हो जाता है।
- शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ कराने से भी शनि शुभ फल देते हैं। शनि ग्रह को शांत करने और शनि देव के साथ ही बजरंगबली और महादेव की पूजा करना फलदायी होता है।
