Child Depression Symptoms
Child Depression Symptoms Credit: Istock

Summary: समय पर मदद से बच सकता है बचपन

बच्चों की चुप्पी को नजरअंदाज न करें, ये डिप्रेशन का संकेत हो सकता है। समय रहते मदद जरूरी है।

Child Depression Symptoms: बहुत से लोगों को लगता है, डिप्रेशन के शिकार केवल बड़े होते हैं चिंता, तनाव यह सब बड़ों को होता है, इसलिए डिप्रेशन भी बड़ों को होता है। अगर बच्चा बहुत बोलता है, अचानक से चुप, अलग-अलग रहने लगता है तो माता-पिता इस पर ध्यान नहीं देते उन्हें लगता है शायद बच्चा थक गया है या उसका मन नहीं है इसलिए वह चुप है। पर हम इस बात पर ध्यान देना भूल जाते हैं कि इस तनाव पूर्ण माहौल में बच्चा भी डिप्रेशन का शिकार हो सकता है। आईए जानते हैं इस लेख में बच्चों के अंदर कौन से संकेत नजर आने पर माता-पिता को सतर्क होने की जरूरत है।

डिप्रेशन बच्चों के अंदर एक मानसिक स्थिति है, जिसमें बच्चा उदास, चिड़चिड़ा या अकेलापन महसूस करता है। अगर बच्चे के अंदर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसका बच्चों के विकास पर बुरा असर पड़ता है।

बच्चों में डिप्रेशन क्यों है गंभीर: बच्चों के अंदर डिप्रेशन उनके मानसिक विकास और आत्मविश्वास पर बुरा असर डालता है। अगर बच्चा डिप्रेशन में है और उस पर ध्यान ना दिया जाए तो यह बच्चे को भावनात्मक रूप से कमजोर करता है। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि बच्चों के अंदर खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार आते हैं। बच्चों में इस स्थिति को बिगड़ने से पहले संभालना जरूरी है।

Child Depression Symptoms
What is depression in children and why is it serious?

अलग-थलग रहना: अगर बच्चा पहले सबके साथ रहना पसंद करता था, उसका व्यवहार काफी मिलनसार था और अब वह हर समय अकेले रहना चाहता है, किसी से बात करना पसंद ना नहीं करता है तो माता-पिता के लिए यह सतर्क होने का संकेत है।

नींद में बदलाव: अगर आपके बच्चे के सोने के पैटर्न में बदलाव हुआ है, वह पहले से बहुत ज्यादा या बहुत कम सोने लगा है तो यह डिप्रेशन का लक्षण हो सकता है।

रुचि में कमी: अगर बच्चा अपनी पढ़ाई, खेल या बाकी कामों में रुचि ना ले रहा हो किसी भी काम को करने में अनिच्छा जाहिर करें तो यह डिप्रेशन का संकेत है।

खुद को कमतर समझना: डिप्रेशन के शिकार बच्चों में आत्मविश्वास की कमी आ जाती है। ‘मैं बेकार हूं, मुझे कोई पसंद नहीं करता’ बच्चा इस तरह की सोच से खुद को घेरे रखता है।

गुस्सा और चिड़चिड़ापन: बच्चा हर समय छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा हो जाता है और हर समय उसका स्वभाव चिड़चिड़ा बना रहता है।

शारीरिक दर्द होना: डिप्रेशन में गए बच्चों में अक्सर सर दर्द, पेट दर्द जैसी परेशानियां बनी रहती है। इसका जांच करवाने पर कोई और लक्षण सामने नहीं आता जो दर्द की वजह बने।

मरने का ख्याल आना: अगर बच्चा डिप्रेशन के गंभीर स्थिति में है तो उसके अंदर आत्महत्या जैसे ख्याल आते हैं। इस समय तुरंत आपको प्रोफेशनल मदद लेने की जरूरत है।

बच्चों में डिप्रेशन के मुख्य कारण है,

पारिवारिक तनाव: अगर बच्चा लगातार अपने माता-पिता को झगड़ते देखाता है या परिवार में किसी प्रकार के शोक को देखा है तो बच्चा डिप्रेशन में जा सकता है।

स्कूल की परेशानी: अगर बच्चे के साथ उसके कक्षा के साथियों या अध्यापक द्वारा सही व्यवहार नहीं किया जाता है या फिर बच्चा अत्यधिक परीक्षा का दबाव लेता है तो भी बच्चा डिप्रेशन में जा सकता है।

आत्मसम्मान में कमी: अगर बच्चा अपने शारीरिक बनावट, रंग, रूप या अपने भाषा के कारण खुद को कमतर समझता है तो उसमें आत्मविश्वास की कमी आती है जो कि उसके डिप्रेशन का कारण बनता है।

आनुवांशिक कारण: अगर परिवार में डिप्रेशन का मेडिकल इतिहास है तो बच्चे में इसके होने का खतरा बढ़ जाता है।

निशा निक ने एमए हिंदी किया है और वह हिंदी क्रिएटिव राइटिंग व कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। वह कहानियों, कविताओं और लेखों के माध्यम से विचारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं। साथ ही,पेरेंटिंग, प्रेगनेंसी और महिलाओं से जुड़े मुद्दों...