Indian couple sitting apart on a bed looking confused and thoughtful, symbolizing gap between expectations and real intimacy
Indian couple sitting apart on a bed looking confused and thoughtful, symbolizing gap between expectations and real intimacy

Overview: पोर्न से बनी उम्मीदें रियल लाइफ में क्यों काम नहीं आतीं

पोर्न और रियल सेक्स में बड़ा फर्क है। इस लेख में समझें गलत एक्सपेक्टेशन क्यों बनती हैं और असल जिंदगी में चीज़ें अलग क्यों होती हैं।

Porn vs Reality: मॉडर्न युग में काफी कुछ बदल गया है। आज के समय में इंटरनेट ने हमें काफी कुछ सिखा दिया है। यहां तक कि बेहतर तरीके से फिजिकल रिलेशन बनाना और खूब एन्जॉय करना भी हम इंटरनेट की मदद से सीख रहे हैं। सेक्स एक ऐसा टॉपिक है, जिस पर बात करने में आज भी लोग हिचकते हैं, ऐसे में लोग फिजिकल रिलेशन के बारे में ज्यादा जानने व समझने के लिए पोर्न का सहारा लेते हैं। इसकी मदद से वे पोश्चर से लेकर मूव्स तक के बारे में जानने की कोशिश करते हैं। वे सोचते हैं कि पोर्न से सीखकर वे अपने पार्टनर के साथ बेहतर रिलेशन बनाने में कामयाब हो पाएंगे।

लेकिन वास्तव में ऐसा होता ही नहीं है। जैसे ही बात रियल लाइफ में आती है, सारा कॉन्फिडेंस कहीं गायब हो जाता है। नर्वसनेस, झिझक और कन्फ्यूजन पैदा होने लगती है। कभी-कभी तो खुद पर गुस्सा तक आने लगता है कि इतना सब देखने के बाद भी सबकुछ वैसे क्यों नहीं हो रहा, जैसा कि उन्होंने सोचा था। अगर आपके साथ भी ऐसी स्थिति पैदा हुई है तो आपको परेशान होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। दरअसल, पोर्न हमें जो दिखाता है, वो हकीकत नहीं बल्कि एक परफॉर्मेंस होती है। रियल लाइफ इससे बिल्कुल अलग होती है, जहां दो इंसान अपनी फीलिंग्स, डर और एक्सपेक्टेशन के साथ आते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम इसके बारे में विस्तार से बात करते हैं-

Concept image showing difference between scripted performance and real-life intimate moments
porn is a performance

अमूमन यह देखने में आता है कि पोर्न देखने वाले लोग उसे सच मान लेते हैं, जबकि वह रियलिटी नहीं, बल्कि एक परफार्मेंस है। जिस तरह आम फिल्मों की कहानी होती है, ठीक वैसे ही पोर्न भी एक स्क्रिप्टेड शो होता है, जिसमें सब कुछ पहले से प्लान किया जाता है। इसमें कैमरा एंगल से लेकर कट्स और एडिटिंग होती है। सब कुछ वन शॉट में नहीं होता है, इसलिए उसे सच मानने की गलती ना करें। पोर्न में भी एक्टर्स “परफॉर्म” करते हैं, उसे महसूस नहीं करते। लेकिन असल जिन्दगी में न कैमरा होता है, न डायरेक्टर। वहां दो इंसान होते हैं, जिनका अपना शरीर, अपनी स्पीड और अपनी फीलिंग्स होती हैं।

Indian man sitting on bed looking stressed and anxious, representing performance pressure
The pressure to perform increases

पोर्न देखने का एक सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि इससे परफॉर्म करने का प्रेशर काफी बढ़ जाता है। जो लोग पोर्न देखते हैं, उन्हें लगता है कि उन्हें भी पार्टनर को खुश करने के लिए वैसा ही करना होगा। उन्हें भी ज्यादा देर तक टिके रहने की जरूरत है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं हो पाता है। उनकी यह सोच ही दिमाग पर इतना ज्यादा प्रेशर डाल देती है कि बॉडी साथ ही नहीं देती। याद रखें कि सेक्स कोई परीक्षा नहीं है, लेकिन पोर्न की वजह से हम कुछ ऐसा ही समझने लगते हैं।

Indian woman looking at her reflection in mirror, symbolizing unrealistic body expectations
False expectations about the body begin to arise

पोर्न में एकदम परफेक्ट बॉडी दिखाई जाती है और जब लोग पोर्न देखते हैं तो ऐसे में अपनी या पार्टनर की बॉडी को लेकर गलत उम्मीदें बना लेते हैं। यही अनरियल स्टैंडर्ड उन्हें खुद या पार्टनर के प्रति अरूचि पैदा करती हैं। जिसका सीधा सा असर बेडरूम पर भी पड़ता है। याद रखें कि रियल लाइफ में हर बॉडी अलग होती है और यही नॉर्मल है।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...