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टीनएज बच्चों को सही तरीके से गले लगाना उन्हें भावनात्मक सुरक्षा, आत्मविश्वास और माता-पिता से जुड़ाव का एहसास कराता है।
Benefits of Hugging Teenagers: सभी माता-पिता अपने बच्चों से बहुत प्यार करते हैं, बस बढ़ती उम्र के साथ वह बच्चों को जता नहीं पाते हैं। जब बच्चा छोटा होता है तो माता-पिता उसे गले लगाते हैं, माथा और गाल चूमते हैं, गोद में बिठाते हैं। लेकिन जैसे ही बच्चा बड़ा होने लगता है, माता-पिता के शारीरिक स्पर्श द्वारा प्यार दिखाने की प्रवृत्ति घटती जाती है। खासतौर से बच्चों की टीनएज में पहुंचते पहुंचते ना के बराबर हो जाती है। अक्सर पेरेंट्स के यह सवाल होते हैं, क्या टीनएज के बच्चे को गले लगाना सही है। आईए जानते हैं इस लेख में।
क्या टीनएजर बच्चा पेरेंट्स से दूरी चाहता है
टीनएज में बच्चों के अंदर मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत से बदलाव होते हैं। बच्चा भावनात्मक रूप से काफी उग्र हो जाता है। उसके अंदर अपनी पहचान और स्वतंत्रता की चाह होती है। वह दोस्तों का साथ अधिक पसंद करता है, पर इसका यह मतलब नहीं कि वह माता-पिता से दूरी चाहता है।

असल में टीनएजर बच्चा अपने माता-पिता से पहले जैसा ही प्यार और लगाव चाहता है। वह चाहता है कि उसके पेरेंट्स उसे बिना किसी तुलना या आलोचना के स्वीकार करें। हो सकता है वह पूरी तरह से चीजों को ना समझ रहा हो पर उसे भी पेरेंट्स के द्वारा सुना और समझा जाए।
टीनएजर पर गले लगाने का प्रभाव
गले लगाने का मनोवैज्ञानिक असर: विज्ञान के अनुसार जब किसी व्यक्ति को प्यार से गले लगाया जाता है तो उसके शरीर में ऑक्सीटोसिन हार्मोन रिलीज होता है। जिसे लव हार्मोन भी कहते हैं। यह हार्मोन व्यक्ति में तनाव को कम करने, अच्छा और सुरक्षित महसूस करवाने के लिए जिम्मेदार है।
टीनएजर को गले लगाने के फायदे: टीनएज के दौरान पेरेंट्स का बच्चों को गले लगाना उन्हें भावनात्मक सुरक्षा प्रदान करता है। वह ज्यादा सुरक्षित और पेरेंट्स के साथ अधिक खुला महसूस करते हैं।
माता-पिता का अपने टीनएजर को गले लगाना उनके इस विश्वास को बढ़ाता है कि वह जैसे हैं, वैसे ही अपने माता-पिता को स्वीकार हैं।
माता-पिता से मिला भरपूर प्यार उन्हें भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत बनाता है। बच्चा खुद पर ज्यादा विश्वास करता है।
माता-पिता द्वारा दिया गया आलिंगन बच्चों को डिप्रेशन, एंजायटी और अकेलेपन की भावना से बचाता है।
पेरेंट्स द्वारा मिला बच्चों को सकारात्मक शारीरिक स्पर्श उनमें में सही रिश्ते की समझ पैदा करता है। वह भविष्य में गलत रिश्ते या गलत स्पर्श को आसानी से समझ पाते हैं।
टीनएजर को गले लगाते समय ध्यान देने वाली बातें
सहमति जरूर लें: अगर आप अपने टीनएजर को गले लगाना चाहते तो लगाने से पहले उनकी सहमति जरूर ले। उनसे पूछे क्या मैं तुम्हें गले लगा कर प्यार कर सकता हूं। अगर तुम्हें पसंद नहीं तो हम सिर्फ साथ बैठकर बात कर सकते हैं।
सही समय चुने: आप हर जगह या हर समय अपने टीनएजर को गले नहीं लगा सकते। खासतौर पर जब वह दोस्तों के साथ हो या भीड़ में हो। टीनएजर सामाजिक तौर पर अपने भावनाओं को दिखाना पसंद नहीं करते।
भारतीय समाज में टीनएजर को गले लगाना क्यों गलत समझा जाता है?
भारतीय समाज में शारीरिक स्पर्श को एक टैबू की तरह देखा जाता है। यहां यह सोच प्रचलित है, बच्चा बड़ा हो गया है उसे गले लगाना गलत बात है। जबकि टीनएजर बच्चों को गले लगाना बिल्कुल गलत नहीं है। बशर्तें उसकी सहमति शामिल हो।
