बच्चों में अवसाद के लक्षण होते हैं बेहद गंभीर
हमारे ही समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो ये मानने को तैयार ही नहीं है की बच्चे भी अवसाद का शिकार हो सकते हैं।
Depression in kids: डिप्रेशन एक मानसिक अवसाद है। इस से पीड़ित व्यक्ति कई तरह की गंभीर समस्याओं से जूझता है। आजकल की बदलती जीवन शैली में ना सिर्फ बड़े बल्कि बच्चे भी अवसाद का शिकार होते जा रहे हैं। बच्चों में अवसाद के लक्षण भी ठीक उसी तरह के होते हैं जैसे की बड़ों में, पर हम इसे बच्चों की जिद, आलस या नादानी समझ कर लगातार नकारते रहते हैं। हमारे ही समाज में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो ये मानने को तैयार ही नहीं है की बच्चे भी अवसाद का शिकार हो सकते हैं।
इसके पीछे बहुत सी वजह हैं। आइये जानते हैं कैसे पहचाने की आपका बच्चा अवसाद का शिकार है।
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नींद की समस्या

बच्चों के लिए भरपूर नींद लेना बेहद जरुरी है। पूरी नींद लेने से बच्चों का विकास होता है और उनके अंदर ऊर्जा बनी रहती है। कभी कभी खेल में व्यस्त होने पर बच्चे जल्दी सोना पसंद नहीं करते हैंकभी कभी ऐसा होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर ये स्तिथि ऐसी ही बनी हुई है और बच्चा समय पर ठीक से सो नहीं पा रहा है या बस लेते लेते ही वो अधिकतर समय गुजार रहा है तो आपको समझ जाना चाहिए की ये लक्षण डिप्रेशन के हो सकते हैं।
किसी काम में रूचि ना दिखाना

बच्चे काफी एक्टिव होते हैं, उन्हें इधर उधर भागना दौड़ना, नयी नयी बातों में रूचि लेना और कई तरह के सवाल करना पसंद आता है। हर बात में अनगिनत सवाल करने वाला बच्चा, नयी नयी बातों के बारे में जानने की उत्सुकता रखने वाला बच्चा जब कसी भी काम में रूचि लेना बंद कर देता है तो इसे नज़रअंदाज़ ना करें। पहले अपने बच्चों का मन टटोलने की कोशिश करें और उसके बाद जल्द से जल्द अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
माता पिता से चिपके रहना

हर वक़्त माता पिता से चिपके रहना, किसी भी तरह की गतिविधि में रूचि ना लेना, बात बात पर चिड़चिड़ा हो जाना, इस तरह के व्यवहार से बच्चे के मन को समझा जा सकता है की कुछ तो ऐसा है जो सामान्य नहीं है। माता पिता से लगाव एक अलग बात है और हर समय उनके साथ ही बने रहना इशारा है की आपका बच्चा सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है इसलिए वो आपके पास ही बैठा रहता है।
पेटदर्द या सिरदर्द का बने रहना

बच्चा जब मानसिक अवसाद से घिर जाता है तो ये चीज़ें उसकी पाचन क्रिया पर असर डालती हैं और इसके साथ ही शुरू होता है उसके पेट और सर्व में लगातार दर्द बने रहना, या बेचैनी होना। बच्चा जब इस तरह की शिकायत बार बार करे तो सावधान हो जाएँ, समय रहते अपने बच्चे की इस समस्या से उबरने में मदद करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
थकान

डिप्रेशन का सबसे मुख्य लक्षण है थकान बने रहना, दिनभर आलस आना और किसी भी काम को करने के लिए हिम्मत ना जुटा पाना। बिना कोई काम किये थका हुआ महसूस होना, या किसी भी काम को करते हुए बार बार थकना, हाथ पैर दुखना आदि भी डिप्रेशन के ही लक्षण हैं।
बच्चों में डिप्रेशन की समस्या आजकल काफी आम हो गयी है, समय रहते इस पर ध्यान दें और बच्चों के बचपन को बचाएं रखें।
