बच्चों के सामने भूलकर भी न करें ऐसी बातें, पड़ता है विपरीत असर, ऐसे रखें ध्‍यान: Chanakya Niti
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Chanakya Niti Tips: आधुनिक युग में, हर घर में लड़ाई झगड़े होना एक आम बात है। विशेषकर पति पत्नी के बीच आपसी समझ की कमी के कारण घरेलू झगड़े बढ़ते ही जा रहे हैं। जिसका सबसे ज्यादा असर घर के बच्चों पर पड़ता है। घर में माता पिता के बीच होने वाली कलह से बच्चे तनाव की स्थिति से गुजरते हैं। जाने अनजाने में माता पिता बच्चों के सामने कुछ ऐसी बातें कह जाते हैं, जिनका बच्चों पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।

बच्चे अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं और गलत संगति में पड़कर अपना भविष्य खराब कर लेते हैं। आचार्य चाणक्य ने अपने नीतिशास्त्र में यह बताया है कि घर के हर सदस्य को बच्चों के सामने सोच समझकर बातें करनी चाहिए। क्योंकि बच्चे गीली मिट्टी के समान होते है। इसलिए बचपन से ही बच्चों को जैसी परवरिश दी जायेगी, उनका व्यवहार व आचरण उसी परवरिश का नतीजा होगा। आज हम जानेंगे कि चाणक्य के नीतिशास्त्र के अनुसार बच्चों के सामने कैसी बातों को बोलने से बचना चाहिए।

Chanakya Niti: इन विशेष बातों का ध्यान रखें

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Chanakya Niti Tips

कहा जाता है कि बच्चे मन के सच्चे होते हैं। इसलिए वो को देखते है, सुनते है उसी को सच मन लेते हैं। इसलिए घर के सभी सदस्यों को विशेष रूप से माता पिता को बच्चों के सामने झूठ बोलने से परहेज करना चाहिए। इससे बच्चे खुद भी झूठ बोलना सीख जाते है और घर के लोगों से बाते छुपाने लगते हैं। बच्चों के सामने कभी भी किसी गलत बात में अपनी सहमति नहीं देनी चाहिए। इससे बच्चे सही गलत चीजों में फर्क करना नहीं सीख पाते हैं।

माता पिता को एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रखना चाहिए। साथ में यह भी ध्यान रखना चाहिए की बच्चों के सामने कभी किसी बड़े बुजुर्ग का अपमान न करें। इससे बच्चों के मन में अपने माता पिता के लिए भी आदर और सम्मान की भावना बनी रहती है। यदि माता पिता से कोई गलती हो जाती है तो उन्हें अपने बच्चों से माफी मांगनी चाहिए, ताकि बच्चे भी गलती होने पर माफी मांगना सीख सकें।

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Chanakya Niti Gyan

बच्चों के सामने बात करते समय खासकर माता पिता को एक दूसरे के साथ सम्मान और आदर से बात करनी चाहिए। बच्चों के माता पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि जब वो दोनो आपस में बात करें तो अपने मुंह से एक दूसरे के लिए अपशब्द ना कहे। यदि माता पिता बच्चों के सामने एक दूसरे से बात करते समय चिल्लाते है या भद्दे शब्दों का उपयोग करते है तो यह बच्चो की मानसिक सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है।

माता पिता के एक दूसरे के लिए खराब व्यवहार से बच्चों में चिड़चिड़ाहट, अकेलापन, तनाव, घुटन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती है। इसलिए यह जरुरी है कि माता पिता अपने बच्चों के साथ समय बिताएं और बच्चों के मन की बातों को जानें। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपनी सभी अच्छी बुरी बातों को अपने माता पिता को बताता है।

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