CBSE board exam 2026 class 10
CBSE board exam 2026 class 10

Overview:

10वीं की परीक्षा अब साल में दो बार होगी। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी मई-जून में। इसी के साथ 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 के बीच होंगी।

CBSE Board Exam 2026 class 10: बोर्ड की परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक जरूरी खबर है। अब उन्हें परीक्षा से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सीबीएसई ने 10वीं कक्षा की परीक्षा पैटर्न में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। अब 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। ये नया नियम 2025-26 सेशन से लागू होगा। पहली बार साल 2026 में इसका ट्रायल होगा। पहली परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च 2026 के बीच होगी। वहीं दूसरी परीक्षा 15 मई से 1 जून 2026 के बीच कराई जाएगी। इसी के साथ 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं भी 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 के बीच होंगी।

ये नया एग्जाम पैटर्न में

CBSE Board Exam 2026- 10 की परीक्षा अब साल में दो बार होगी।
10th exam will now be held twice a year.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि नई व्यवस्था स्टूडेंट्स को बेहतर करने का एक और मौका देगी।

1. 10वीं की परीक्षा अब साल में दो बार होगी। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी मई-जून में।
2. सभी स्टूडेंट्स को दोनों बार परीक्षा देना जरूरी नहीं है। उनके पास तीन विकल्प होंगे।
– साल में एक ही बार परीक्षा दें।
– दोनों बार परीक्षा दें।
– पहली बार अगर किसी विषय में अच्छा प्रदर्शन न हुआ हो तो उसी विषय को दूसरी परीक्षा में दोबारा दें।
3. सबसे खास बात यह है कि स्टूडेंट के जो नंबर बेहतर होंगे, वही फाइनल माने जाएंगे। ऐसे में अगर पहली परीक्षा में कम और दूसरी में ज्यादा नंबर आए तो दूसरी के नंबर रिजल्ट में जुड़ेंगे। अगर दूसरी बार नंबर कम हैं तो पहली परीक्षा के अच्छे नंबर ही फाइनल होंगे।
4. स्टूडेंट्स को सिर्फ 3 मुख्य विषयों में सुधार का मौका मिलेगा। दूसरी परीक्षा यानी ऑप्शनल एग्जाम में स्टूडेंट्स साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज में से किसी भी 3 विषयों में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं।

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

विंटर बाउंड स्कूल यानी जिन क्षेत्रों में स्कूल सर्दियों में बंद रहते हैं, वहां के स्टूडेंट्स को दोनों परीक्षाओं में बैठने की छूट होगी। अगर कोई स्टूडेंट पहली परीक्षा में 3 या उससे ज्यादा विषयों में शामिल नहीं होता है तो वह दूसरी परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। इसी के साथ सप्लीमेंट्री एग्जाम खत्म कर दिए जाएंगे। अब दूसरी परीक्षा को ही सुधार का मौका माना जाएगा। स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए दोनों परीक्षाओं का एग्जाम सेंटर एक ही रखा जाएगा।

जानें कितनी बार होंगे प्रैक्टिकल एग्जाम

बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन एक बार ही होगा। अगर स्टूडेंट दोनों परीक्षाओं का ऑप्शन चुनते हैं तो फीस एक साथ ही ली जाएगी। हालांकि प्रैक्टिकल एग्जाम दो बार नहीं होंगे। ये पहले की तरह दिसंबर-जनवरी में एक ही बार होंगे।

कॉपी चेकिंग की विशेष व्यवस्था

सीबीएसई ने कॉपी चेकिंग की भी विशेष व्यवस्था की है। हर विषय की परीक्षा के लगभग 10 दिन बाद कॉपियों की जांच शुरू होगी। ये काम 12 दिन में पूरा किया जाएगा। ऐसे में बच्चों को अगली परीक्षा की तैयारी का अंदाजा सही समय पर लग सकेगा। वो उसी के अनुसार आगे की रणनीति तैयार कर सकते हैं।

इसलिए किए ये बदलाव

शिक्षा मंत्रालय ने अगस्त 2024 में ही साल में दो बार परीक्षा कराने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा था कि जिस प्रकार से जेईई जैसी परीक्षाएं साल में दो बार होती हैं। वैसे ही बोर्ड परीक्षाएं भी दो बार होंगी ताकि छात्रों को सुधार का मौका मिल सके। सीबीएसई, एनसीईआरटी, केवीएस, एनवीएस और कई स्कूलों के अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें यह बड़ा फैसला लिया गया।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...