Women Success Story: जब एक स्त्री शिक्षित होती है तो उसके पूरे परिवार का विकास होता है। इसलिए जब भी हम ‘कॉलम’ के लिए नये परिचय की तलाश करते हैं तो हमारी कोशिश होती है कि शख्सियत ऐसी हो जिससे आप प्रेरित हो सकें। तो चलिए आज के इस अंक में देश-विदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से चुनी गई भारतीय महिलाओं से रूबरू होते हैं।
टीवी से फिल्मों का सफर
गुजराती फिल्म ‘कच्छ’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली मानसी पारेख एक जानी-मानी एक्ट्रेस होने के साथ सिंगर, प्रोडूसर्स और कंटेंट क्रिएटर भी हैं। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से नेशनल अवॉर्ड लेते हुए उनकी आंखों से बहते आंसू इस बात का सबूत है कि ये पल उनके लिए कितना सम्माननीय रहा। सिर्फ गुजराती फिल्म ही नहीं मानसी ने कई अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया है। कई धारावाहिक में भी वह नजर आ चुकी हैं। मानसी का जन्म 10 जुलाई 1986 में गुजरात के अहमदाबाद में हुआ, लेकिन उनकी परवरिश सपनों की नगरी मुंबई में हुई। इसके बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में काम शुरू किया। उनका एक्टिंग करियर ‘कितनी मस्त है ‘जिंदगी’ धारावाहिक से साल 2004 में शुरू हुआ। लेकिन उन्हें पहचान धारावाहिक ‘इंडिया कॉलिंग’ से मिली। इस धारावाहिक में उनके सह कलाकार विपुल गुप्ता रहे थे। साल 2008 में उन्होंने गायक एवं संगीतकार पाॢथव गोहिल से शादी कर ली। मानसी को करियर की ऊंचायों पर शादी करने को लेकर काफी ताने सुनने पड़े। इतना ही नहीं वजन बढ़ने को लेकर उनके काम पर भी असर पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने अभिनय की दुनिया में अपने काम करना जारी रखा। वह अपनी मात्र भाषा गुजराती में बनने वाली फिल्मों में काफी साल से सक्रिय हैं। हाल ही में फिल्म ‘कच्छ’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। मानसी ने कई बार शादी के बाद महिलाओं के काम पर पड़ने वाले असर और सिनेमा में महिला कलाकारों के अधिकारों को लेकर अपनी बात को सभी के सामने बेझिझक रखा।
स्टार बेटे की स्टार मां
रणवीर अलाहबादिया आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। छोटी सी उम्र में कामयाबी के इस शिखर पर
पहुंचकर अपनी पहचान बनाना दूसरों के लिए एक प्रेरणा है। रणवीर ने धीरूभाई अंबानी स्कूल से पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने यूट्यूब के जरिये करियर बनाया। उन्हें बड़े-बड़े बॉलीवुड सेलिब्रिटी और मंत्रियों के
साथ शूट करते हुए देखा जा चुका। रणवीर को तो सब जानते हैं लेकिन उनकी मां डॉ. स्वाति अलाहबादिया भी एक मशहूर व्यक्तित्व वाली महिला हैं। रणवीर की मां स्वाति अलाहबादिया एक फॢटलिटी एक्सपर्ट हैं।
डॉ. स्वाति अलाहबादिया को लोगों ने तब सबसे ज्यादा फॉलो करना शुरू किया जब वह एक पॉडकास्ट में नजर आईं। यह पॉडकास्ट किसी और का नहीं बल्कि उनके बेटे रणबीर अलाहबादिया का था। जहां
उन्होंने पहले चरण में पेरेंटिंग के बारे में अपने अनुभव और टिप्स सांझा किए। दूसरे चरण में उन्होंने महिलाओं के मेनोपॉज और पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द के बारे में महत्वपूर्ण बातें बताई।
सायन हॉस्पिटल में लेक्चरर के रूप में जुड़ते हुए उन्होंने एसोसिएट प्रोफेसर का काम जारी रखा। उन्होंने बीईएएमएस और एथिकॉन इंस्टिट्यूट के साथ जर्मनी की गीसेन और कील यूनिवॢसटी में पढ़ाई की। इसके साथ
ही उन्होंने कील यूनिवॢसटी से स्त्री रोग संबंधी एंडोस्कोपी में डिप्लोमा प्राप्त किया। स्वाति अलाहबादिया भारत, एशिया और अफ्रीका के सौ से अधिक डॉक्टरों को एंडोस्कोपी तकनीक सिखा चुकी हैं, जो उनके जीवन की बड़ी सफलता है। रणवीर ने अपने पॉडकास्ट में अपनी मां को बतौर गेस्ट बुलाया था और उनसे कई सवाल-जवाब किए। रणवीर ने अपनी मां से एक सवाल किया, मां बनने का सबसे अच्छा और सबसे
बुरा पहलू क्या है? इस पर स्वाति अलाहबादिया ने जवाब दिया, सबसे अच्छा पहलू यह है कि यह बहुत संतुष्टिदायक है। यह ऐसा है जैसे जब आप किसी पौधे को पानी देते हैं और उसे बढ़ते हुए देखते हैं, तो यह संतुष्टि की भावना देता है, खासकर अगर पौधा अच्छी तरह से बढ़ता है। सबसे बुरी बात यह है, खासकर एक कामकाजी महिला के लिए, आपको हमेशा अपराध बोध होता है कि आपने एक मां के रूप में पर्याप्त नहीं
किया है, या आपने अपने करियर के लिए पर्याप्त नहीं किया है। परवरिश ग पर उनका ये जवाब कहीं न कहीं आज की मां के जहां में भी जरूर आता होगा।
विदेश में फहराया तिरंगा
भारतीय मूल की कमला हैरिस अमेरिकी राजनीतिज्ञ और वकील हैं। वे साल 2021 से अमेरिका की उप-राष्ट्रपति पद पर कार्यरत हैं। कमला हैरिस अमेरिका की 49वीं और पहली महिला उप-राष्ट्रपति हैं। उनकी मां
का नाम श्यामला गोपालन हैरिस और पिता का नाम डोनाल्ड जे. हैरिस है। कमला का जन्म 20 अक्तूबर 1964 में कैलिफोर्निया में हुआ। उन्होंने हावर्ड यूनिवॢसटी और कैलिफोर्निया यूनिवॢसटी, हेस्टिंग्स कॉलेज ऑफ लॉ से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने जिला अटॉर्नी, सिटी अटॉर्नी और सीनेट के रूप में काम किया। सैन फ्रांसिस्को की डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी बनने वाली वह पहली अश्वेत और महिला अटॉर्नी बनी। कैलिफोॢनया की अटॉर्नी जनरल के पद पर सेवा देने वाली भी वह पहली महिला और पहली अश्वेत अटॉर्नी बनी। इसके बाद वह
साल 2017 से लेकर 2021 तक कैलिफोॢनया से अमेरिकी सीनेटर के पद पर कार्यरत रहीं। साल 2021 से लेकर वर्तमान तक वह अमेरिकी उप-राष्ट्रपति के पद कार्यरत हैं। कमला हैरिस ने डगलस एमहॉफ से शादी की है जो एक वकील, और सेकंड जेंटलमेन ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स हैं। उन्हें खाना पकाने का शौक है,
खासकर भारतीय भोजन में उनकी अलग ही दिलचस्पी है। कमला हैरिस प्रजनन अधिकारों और लैंगिक समानता के लिए मुखर वकील रही हैं। उन्होंने मेडिकेयर का विस्तार करने और सभी के लिए स्वास्थ्य
सेवा सुलभ बनाने का समर्थन किया है। अपने इस सफल करियर के दौरान उन्होंने कई तरह की चुनौतियों और आलोचनाओं का भी सामना किया है। इससे पता चलता है देश कोई भी हो विकसित या
विकासशील महिलाओं के लिए चुनौतियां कभी कम नहीं होती।
बॉलीवुड की फिटनेस ट्रेनर
कटरीना कैफ, दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट जैसी बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस की फिटनेस के
पीछे यास्मीन कराचीवाला का बड़ा हाथ है। यास्मीन कराचीवाला सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर और इंस्ट्रक्टर हैं। यास्मीन बहुत कम उम्र में ही फिटनेस के प्रति एक्टिव हो गयी थीं। आज बॉलीवुड हसीनाओं को फिटनेस ट्रेनिंग
देने वालीं यास्मीन पहले एक स्कूल टीचर हुआ करती थीं। जानकारी के मुताबिक, यास्मीन अपने एक दोस्त के कहने पर पहली बार जिम गईं तो उन पर इसका खुमार इस कदर चढ़ा कि 26 साल की उम्र में उन्होंने ‘बॉडी इमेज’ नाम से अपना फिटनेस स्टूडियो खोल लिया। यास्मीन कराचीवाला कभी जीरो फिगर की मल्लिका करीना कपूर खान की फिटनेस ट्रेनर रह चुकी हैं। इसके बाद कई बॉलीवुड एक्ट्रेस उनकी क्लाइंट बनी तो
उनका फिटनेस वर्ल्ड में नाम बना। फिटनेस के मामले में 54 साल की उम्र में यास्मीन आज भी नई-नई एक्ट्रेस को कड़ी टक्कर देती हैं। बात करें इनके दिन की शुरुआत की तो यास्मीन सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीती हैं। नाश्ते में वे ग्लूटन फ्री म्यूसली, बादाम, कोकोनट योगर्ट और मौसमी फल खाती हैं।
