विवाहित महिलाओं के लिए क्यों खास होती है बिंदी? स्वास्थ्य से जुड़ा है इसका महत्व: Bindi Importance
Bindi Importance

Bindi Importance: पौराणिक काल से ही हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार महत्वपूर्ण माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं का श्रृंगार करना उनके पति की दीर्घायु, सौभाग्य, सेहत और तरक्की के लिए शुभ फालदायी होता है। महिलाओं के सोलह श्रृंगार में सिंदूर, काजल, मेहंदी, चूड़ी, पायल, बिछिया आदि महत्वपूर्ण होते हैं। महिलाओं के श्रृंगार में बिंदी का भी विशेष महत्व होता है। विवाहित महिलाओं के लिए बिंदी उनके सुहाग की निशानी होती है। कुछ महिलाएं सिर्फ अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए भी बिंदी लगाती हैं। पौराणिक ग्रंथो के अनुसार, देवी लक्ष्मी हमेशा अपने माथे पर लाल बिंदी लगाए रखती हैं। वहीं, विवाहित महिलाएं भी अपने घर की लक्ष्मी होती हैं, इसलिए शास्त्रों में विवाह के बाद सभी विवाहित महिलाओं का बिंदी लगाना अनिवार्य बताया गया है। आयुर्वेद में भी बिंदी को महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है। तो चलिए जानते हैं धर्म शास्त्रों में बिंदी का क्या महत्व है।

संस्कृत भाषा का शब्द है ‘बिंदी’

Bindi Importance
Bindi Importance and Meaning

पंडित इंद्रमणि घनस्याल बताते हैं कि बिंदी शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा के बिंदु शब्द से हुई है। बिंदु शब्द का अर्थ होता है ‘बूंद’। शास्त्रों में बताया गया है कि हम सभी के शरीर में सात चक्र होते हैं जो हमारे शरीर के प्रत्येक तत्व में संतुलन बनाये रखते है। इसलिए बूंद जितने आकार की बिंदी लगाने से महिलाओं का छठा चक्र जिसे आज्ञा चक्र कहते हैं, वह सक्रिय हो जाता है, जिससे महिलाओं की मानसिक चेतना जागृत होती है। महिलाओं द्वारा अपने माथे पर दोनों भौंहों के बीच बिंदी लगाने से उन्हें मानसिक शांति मिलती है और आत्म ज्ञान की प्राप्ति होती है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, पति पत्नी के वैवाहिक जीवन में खुशहाली बनाएं रखने के के लिए मंगल ग्रह का सही होना बहुत ही आवश्यक होता है और मंगल ग्रह का रंग भी लाल है, इसलिए विवाहित महिलाओं द्वारा लाल रंग की बिंदी लगाना बेहद शुभ माना गया है।

बिंदी लगाने से होता है स्वास्थ्य लाभ

Bindi Importance
Bindi Importance and Benefits

आयुर्वेद में बताया गया है कि महिलाओं द्वारा बिंदी लगाने से उनकी सेहत भी अच्छी बनी रहती हैं। आयुर्वेद के अनुसार बिंदी लगाने से महिलाओं का मन स्थिर हो जाता है जिसके कारण उन्हें अच्छी नींद आती है। आज्ञा चक्र के बीच में शरीर की सभी नसें एक साथ आकर मिलती है, इसलिए बिंदी लगाने से महिलाओं के माथे के बीच में दबाव पड़ता है जिससे उन्हें तनाव और घबराहट से मुक्ति मिलती है। बिंदी लगाने से महिलाओं का ध्यान एक जगह केंद्रित होता है और उनकी एकाग्रता बढ़ती है। बिंदी लगाने से महिलाओं की सुनने की शक्ति भी बढ़ जाती है क्योंकि कान की नसें भी माथे से होकर गुजरती हैं। एक्यूप्रेशर विधि के अनुसार बिंदी लगाने से माथे पर दबाव बनता है जिससे सिरदर्द में आराम मिलता है।

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