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Sindoor
Sindoor Tips

Sindoor को सुहाग की निशानी के रूप में देखा जाता है। हिंदू समाज में सिंदूर का अपना एक खास महत्व है। पति की सलामती और सुख समृद्धि के लिए औरतें अपनी मांग में सिंदूर भरती आई है। उत्सवों के मौके पर सिंदूर की महत्ता और भी बढ़ जाती है। मांग में भरा सिंदूर वधु की न केवल खूबसूरती को बढ़ाता है बल्कि एसे सौभाग्यवती भी बनाता है। ऐसा माना जाता है कि यह प्रथा 5000 वर्ष पूर्व से ही प्रचलित है। विवाह के मंडप पर कन्या की मांग में उसके पति के हाथों सबसे पहले सिंदूर भरने की प्रथा है। इस प्रथा को हिंदू रीति रिवाजों में सिंदूरदान का नाम दिया गया है। सुहाग की इस निशानी को लेकर कुछ वैदिक धारणाएं भी हैं। इसे लगाने के बाद पति को अपनी पत्नी का रक्षक बनना होता है तथा उसे हर सुख दुःख का साथी भी बनना पड़ता है। अक्सर औरतें सुबह सवेरे स्नान के बाद तैयार होते वक्त सबसे पहले अपनी मांग भरती है यदि आप भी ऐसा करती है, तो इन बातों का ख्याल रखें अन्यथा आपको भी आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ सकता है।

गीले बालों में न लगाएं सिंदूर

आमतौर पर महिलाएं स्नान के बाद श्रृंगार करती है और सबसे पहले मागं में सिंदूर को भरती हैं। ध्यान रखें कि अगर आपने बाल धोएं हुए है और बाल अभी गीले है यां बालों में से पानी टपक रहा है, तो ऐसी अवस्था में बालों में सिंदूर नहीं लगाना चाहिए। वास्तु की मानें तो ऐसा करने से घर में अशांति का माहौल बन जाता है। हर वक्त मन में दुविधाएं और बुरे विचार पनपने लगते हैं। ऐसे में आप बालों को पहले सुखा लें और फिर उनमें सिंदूर को लगाएं अन्यथा बेवजह आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 

किसी का उपहार दिया सिंदूर न लगाएं

कई बार साज श्रृंगार के सामन में हमें सिंदूर की डिबिया भी उपहार में मिल जाती है। ये कोई अपशगुन नहीं हैं। ऐसी मान्यताएं है की किसी के पैसे से खरीदा हुआ सिंदूर कभी न लगाएं। ऐसा करने से पति के जीवन में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल जाता है। शादी के वक्त ससुरालपक्ष की ओर से मिला श्र्ंगार का सामान दुल्हन के जीवन सौभाग्य लाता है। मगर किसी मित्र यां अन्य लोगों से मिला सिंदूर मांग में भरने से पति का जीवन मुश्किलों से भर सकता है। 

किसी और का सिंदूर न लगाएं

अधिकतर देखा जाता है कि महिलाएं कई बार सजने संवरने के लिए एक दूसरे का सामान इस्तेमाल कर लेती है। मगर किसी और की डिबिया से सिंदूर मांग में भरने से पति को धन संबधी उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर से किसी से मांग कर सिंदूर अपनी मांग में न सजाएं अन्यथा पति पर अर्थिक संकट आ सकता है।

माथे पर सिंदूर का गिरना

बहुत बार पूजा के वक्त यां सिंदूर लगाते वक्त सिंदूर माथे पर गिर जाता है। अगर ऐसा आपके साथ होता है तो ये डरने की बात नहीं है बल्कि ऐसा होना आपके लिए सौभाग्य की बात है। माथे पर सिंदूर गिरने का अर्थ है कि आपका भाग्य चमकने वाला है।

नाक पर सिंदूर का गिरना

सिंदूर लगाते वक्त नाक पर गिरना बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा होना इस बात का संकेत है कि जल्द ही आपको अपने पति से कोई खुशखबरी यां फिर तोहफा मिलने वाला है। 

एकांत में जाकर मांग में भरें सिंदूर

सिंदूर को लगाते वक्त इस बात का खासतौर से ख्याल रखें कि आपके आसपास कोई भी न हो। पति की मौजूदगी में आप सिंदूर लगा सकती है। मगर किसी भी अन्य शख्स के सामने सिंदूर लगाने से परहेज करें। ऐसा माना जाता है कि सिंदूर को किसी के सामने लगाने से आपके पति को नजर लग सकती है और उसका असर दांपत्य जीवन पर नज़र आता है। किसी के सामने सिंदूर लगाने से आपके रिश्ते को भी नजर लग सकती हैं। साथ ही अपने पति के साथ आपके रिश्तों में कउ़वाहट पैदा हो सकती है।

सूखे सिंदूर का करें इस्तेमाल

इस बात खास ख्याल रखें कि सुहागिन महिलाएं अपनी मांग को भरने के लिए हमेशा सूखे सिंदूर का ही इस्तेमाल करें। हांलाकि इन दिनों लिक्विड सिंदूर काफी चलन में हैं और वो कई रंगों में बाजार में उपलब्ध भी है। लिक्विड सिंदूर को लगाना भी बेहद आसान है। दरअसल, महिलाओं के अनुसार सूखा सिंदूर माथे यां नाक पर गिरने का डर रहता है। ऐसे में वे सूखे सिंदूर को लगाने से परहेज करती है। मगर नाक और माथे पर सिंदूर का गिरना सौभाग्य लेकर आता है। इसका अर्थ है कि अपने पति के साथ आपका घनिष्ठ रिश्ता है।

सिंदूर का रंग विवाहित जीवन को खुशियों और समृद्धि से पूर्ण बनाता है। सिंदूर न केवल हमारी सभ्यता और संस्कृति की झलक पेश करता है बल्कि इसके पीछे कई ऐसे वैज्ञानिक रहस्य भी है, जो हमारे जीवन को खुशियों से भर देते हैं। दरअसल, सिंदूर बनाने के लिए हल्दी, चूना और मरकरी का इस्तेमाल होता है। जहां एक तरफ मरकरी शरीर के तापमान को नियंत्रित करने का काम करता है, तो वहीं दिमागी परेशानी यां मानसिक तनाव से भी बाहर निकालता है। सिंदूर लाल और संतरी रंग का होता है, जिसे सिर के बीचों बीच मांग में लगाया जाता है। जहां पर शरीर की मुख्य नसें स्थित होती हैं। इससे शरीर के चक्र सक्रिय हो जाते हैं जिससे शरीर में पॉजिटिविटी का संचार होता है।

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