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heart attack symptoms : सीने में दर्द हमेशा हार्ट अटैक नहीं होता

बढ़ते तनाव और बदलती दिनचर्या के चलते हार्ट अटैक होना जैसे एक आम समस्या हो गई है। परंतु इसका मतलब यह भी नहीं कि जरा सा सीने में दर्द हार्ट अटैक की ही खबर देता हो।
इसलिए ऐसे में जानना जरूरी है उन लक्षणों व टेस्ट रिपोट्ïर्स को जो बताते हैं कि सीने में उठने वाला दर्द हार्ट अटैक है या कुछ और?

छाती में दर्द के बाद भयभीत होकर अस्पताल पहुंचे मरीजों पर बेवजह एंजियो-प्लास्टी कर कुछ अस्पताल मालामाल हो रहे हैं। उन्होंने छाती के दर्द के मरीजों को फांसने के लिए कई जगह अपने छोटे-छोटे चेस्ट पेन क्लिनिक खोल रखे हैं। आप वहां गए नहीं कि वहां बैठे अस्पताल के एजेंट आपको अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा देंगे।

कई ऐसे टेस्ट हैं जिसके जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि छाती का दर्द ‘लो रिस्कÓ है या जानलेवा साबित हो सकता है लेकिन वे ऐसा नहीं करते। दवा से दिल के मरीजों का इलाज करने वाले कई विशेषज्ञ निजी बातचीत में यह स्वीकार करते हैं कि छाती के दर्द के भय का फायदा उठा कर कुछ डॉक्टर व अस्पताल दिल का मामला नहीं होने के बावजूद एंजियोप्लास्टी जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर डालते हैं लेकिन वे खुल कर ऐसा कहने की जुर्रत नहीं करते क्योंकि एंजियोप्लास्टी आज कल किसी भी अस्पताल की कमाई का बहुत बड़ा जरिया बन गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार कई संबंधित टेस्टों में से एक टेस्ट ऐसा है, जिससे यह साफ हो जाता है कि छाती का दर्द हार्ट अटैक है या नहीं। ‘ट्रोपोनिन आई/ ञ्जह्म्शश्चशठ्ठद्बठ्ठ-ढ्ढ या ञ्जह्म्शश्च-ढ्ढ’ नामक एक ब्लड टेस्ट करने पर यह पता चल जाता है। अगर यह टेस्ट निगेटिव आता है तो यह निश्चित किया जा सकता है कि छाती के इस दर्द का हार्ट अटैक से कोई लेना-देना नहीं।

लेकिन यह टेस्ट करने के बजाय डॉक्टर एंजियोग्राम कर देते हैं। दिल की नली में ब्लॉक की जांच इसी विधि से की जाती है। इस जांच के बाद ही एंजियोप्लास्टी होती है।

अब अधेड़ उम्र के किसी भी व्यक्ति की जाच इस विधि से करें तो दिल की नली में कुछ न कुछ रुकावट तो मिल ही जाएगी। इसी को आधार बना कर जरूरत नहीं होने पर भी एंजियोप्लास्टी कर दी जाती है।

डॉक्टरों के अनुसार यही वजह है कि अनेक लोगों में एंजियोप्लास्टी के बाद भी छाती का दर्द नहीं रुकता है क्योंकि वह दर्द किसी और वजह से हो रहा होता है। दुनिया में रोज लाखों लोग छाती के दर्द से पीड़ित होते हैं लेकिन हर दर्द हार्ट अटैक का नहीं होता है। हां, सबके लिए यह एक डरावना दर्द जरूर है।

एंजाइना दर्द और हार्ट अटैक से उत्पन्न दर्द में भी फर्क है और एंजाइना को दवाओं द्वारा काबू में रख कर राहत पहुंचा कर इलाज जारी रखा जाता है और एंजियोप्लास्टी/स्टेंटिंग इसमें आवश्यक नहीं है।

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