How many slokas does Skanda Purana have?

Skanda Purana : अपनी धार्मिक मान्यताओं और संस्कृति की जानकारी के लिए हम हिन्द पुराण और कई वेदों की जानकारी हासिल करते हैं। इन्हीं में से एक है स्कंद पुराण, जिसे हिंदू धार्मिक ग्रथों की श्रेणी में एक खास स्थान दिया गया है। जी हां स्कंद पुराण को महापुराण कहा जाता है। इस पुराण की खासियत ये है कि इस खास पुराण का नाम भगवान शिव के पुत्र यानि कार्तिकेय के नाम से जाना जाता हैं। जी हां भगवान कार्तिकेय को स्कन्द के नाम से भी जाना जाता है। शैव संप्रदाय का ये पुराण अठारह प्रमुख पुराणों में तरहवें स्थान पर आता है। इस पुराण में सुनाई जाने वाली कथा में भगवान कार्तिकेय के हाथों हुए तारकासुर के वध की कथा का सजीव चित्रण किया जाता है। इसके आलवा इसमें मनुष्य के जीवन को सफल बनाने वाली ज्ञानवर्धक बातों की भी जानकारी मिलती है, जो समाज को एक नई दिशा प्रदान करती है।

भगवान शिव का मिलता है आर्शीवाद

ऐसी मान्यता है कि महापुराणों की श्रेणी में खास स्थान रखने वाले स्कंद पुराण को पढ़ने से शिव जी अपने भक्तों से बेहद खुश हो जाते हैं।  स्कंद पुराण के बारह ज्योर्तिलिगों से जुड़े रहस्य और विशेष घटनाओं का जानकारी दी जाती है। इस कथा में बारह ज्योर्तिलिगों की उत्पत्ति का सजीव चित्रण किया जाता है। भगवान शिव की अराधना में लीन होने वाले भक्तों से भगवान शिव बेहद प्रसन्न रहते हैं।

प्रदोष व्रत का ज़िक्र

स्कन्द पुराण की खास बात ये हे किं इसके स्मरण के साथ आपको प्रदोर्ष व्रत की भी जानकारी हासिल होगी। इस पुराण में प्रदोष व्रत की विस्तृत जानकारी दी गई हैं। ऐसी मान्यता कि अगर स्कंद पुराण के स्मरण के साथ आप प्रदोष व्रत भी करते हैं, तो आपको इसका दोगुना लाभ मिलेगा और आपकी सभी इच्छाएं महादेव ज़रूर पूर्ण करेंगे। एक विधवा ब्राह्मणी और शांडिल्य ऋषि की कथा के दौन इस महा पुराण में इस खास व्रत की कथा की अपार महिमा का जिक्र किया गया हैं।

गृहस्थ जीवन का ज्ञान

अगर आप स्कंद पुराण का पाठ करते हैं, तो इसका एक खास फायदा जो आपको मिलेगा वो ये है कि इससे आपको गुहस्थ जीवन की बेहतरीन जानकारी हासिल होगी। साथ ही आप इस रहस्य को भी जान पाएंगे कि मनुष्य का जीवन सफल बनाने में किन चीजों का खास योगदान है। इसके अलावा इस पुराण में इस बात का भी जिक्र आता है कि धर्म, समाज, पुत्र, धन, पत्नी और कर्म का हमारे जीवन में क्या महत्व है और इससे मनुष्य जीवन पूर्ण कैसे होता है। दरअसल, इस पुराण के ज़रिए मनुष्यों को पारिवारिक जिम्मेदारियों का ज्ञान दिया जाता है, जिनसे कई बार मनुष्य अपना मुंह फेर लेता है। अगर आप भी अपने गृहस्थ जीवन से निराश हैं और इसे निर्थक मानते है, तो स्कंद पुराण का पाठ करने से आपको जीवन के कई रहस्यों की जानकारी हाासल होगी और अपने अमूल्य जीवन के महत्व का भी पूर्ण ज्ञान हासिल होगा।

वैशाख महीने की महत्ता

स्ंकद पुराण में जीवन से जुड़े बहुत से रहस्य मौजूद हैं। इस पुराण में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि अगर आप अपने जीवन में पुण्य का प्राप्ति चाहते हैं, तो वैशाख महीने का उसमें क्या महत्व है। इस पुराण के वैष्णव खंड अध्याय 4 में वैशाख महीने की जानकारी दी गई है। इस खंड के अध्याय 4 के श्लोक 34 में ये बताया गया है कि ऐसे समय में तेल मालिश, दिन में के वक्त विश्राम, कांसे के बर्तनों में भोजन, दो बार भोजन करना व रात में भोजन करना गलत क्यों कहा जाता है। वैशाख के महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इस पुराण में विस्तारपूर्ण जानकारी दी गई है कि महीरथ नाम के राजा ने सिर्फ वैशाख स्नान से ही बैकुण्ठधाम प्राप्त किया था।

श्रद्धा एवं मेधा का महत्व

कई ऐसे अनमोल विचार है, जिनका उल्लेख आपको स्कंद पुराण में मिला जाएगा। इस पुराण के हिसाब से ब्रहमा जी ने ज्ञान और विश्वास को किसी भी तरह के क्रोध को शांत करने का उपाय बताया है। इसके अलावा इस महापुराण में तुलसी के महत्व और तुलसी के पौधे संरक्षण का भी उल्लेख मिल जाता है। बहुत से लोग तुलसी के रखरखाव को लेकर गलती कर देते हैं, जो किसी बड़ी परुशानी कारण साबित होती है। ऐसे में घर और रिश्तों में सुख और सामंजस्य कामय करने के लिए तुलसी की पवित्रता का ख्याल रखें। इसके अलावा तुलसी के लाभ का जिक्र आपको पुराण में मिल जाएगा।

बिना निमंत्रण जाने के दुष्प्रभाव

हम में से ऐसे बहुत से लोग है, जो दूसरों की जिंदगी में हर वक्त व्यस्त रहते हैं। खुद को संवारने की बजाय दूसरों को परखने में वो हर पल मसरूफ रहते हैं। ऐसे लोग जब बिना बुलाए कहीं पहुंच जाते हैं, तो उनके साथ होने वाले व्यवहार की इस पुराण में विस्तार से चर्चा की गई है। इस पुराण के मुताबिक बिना बुलाए कहीं भी पहुंचने वाले मेहमान मृत्यु से भी ज्यादा पक्ट भोगते हैं और घोर तिरस्कार का समाना भी करना पड़ता है। जब आप स्कन्द पुराण पढ़ लेंगे तब आजपको यह समझ आ जाएगा कि आखिर क्यों हमे बिन बुलाये बाराती नहीं बनना चाहिए। इस पुराण के महेश्वर खंड में इस बात का ज़िक्र हैं और इसमें बताया गया है कि जो लोग दूसरो के घर बिन बुलाये जाते है तो उनके साथ क्या होता हैं।  बड़े ही सुंदर ढंग से इस बात को समझाया गया हैं कि जो लोग दूसरों के घर बिना बुलाये जाते हैं वे वहां मृत्यु से भी अधिक कष्टदायक अपमान पाते हैं और सहते है।

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