उफ्फ ये बच्चे!-हाय मैं शर्म से लाल हुई 
Uff ye Bacche

Hindi funny Story: बात कुछ सालों पहले की है। तब मेरा बेटा थोड़ा छोटा था ,बहुत ही नटखट और उतना ही चंचल। खाने में बहुत ज्यादा ही चूजी था। लेकिन उसे अपना फेवरेट खाना  मिलता वह रुकता नहीं था खाता ही रहता था। उसे टोकना पड़ता था। ओवर ईटिंग की आदत हो रही थी।
हमारे पड़ोस में एक फैमिली रहते है उनसे हमारे बहुत ही अच्छे रिश्ते हैं।आना-जाना लगा रहता है।
रक्षाबंधन का समय था। उनके यहां उनकी दो बेटियां ही हैं।
उनकी मम्मी में राखी बंधवाने के लिए मेरे बेटे को रक्षाबंधन में अपने ही घर पर बुला लिया था।
मैंने अपने बेटे को समझा कर भेजा था कि सुनो ज्यादा खाना मत। अगर आंटी पूछे भी तो मना कर देना।
मेरे सामने उसने हां हां किया और वहां चला गया ।वहां लड़कियों की मम्मी ने उसे खाने के लिए खाना परोसा।
पूरी, सब्जी पुलाव,जो कि उसकी मनपसंद डिशेस थी।
पहले उसने ना ना किया तो उसकी मम्मी ने उससे पूछा “क्या बेटा ना ना क्यों कर रहे हो?”
उसने बड़े भोलेपन से कहा “आंटी ममा ने मना किया है कि तुम ज्यादा मत खाना।” उन्होंने कहा “मैं मम्मी से बात कर लूंगी तुम खाओ।”
“ ठीक है आंटी!” यह बोलकर वह खाना शुरू कर दिया।
बाद में भाभी जी ने मुझे टोकते हुए कहा “आप  बेटे को मना क्यों कर दीं थी। उसने मुझसे कहा कि मम्मी ने मना किया है खाने को!”
मैं अपना सिर पीट कर रह गई! क्या कहती? मैं झेंप गई।
कभी-कभी बच्चे की शर्मिंदा कर देते हैं।अब यह सोचकर हंसी भी आती है।

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