भारत कथा माला
उन अनाम वैरागी-मिरासी व भांड नाम से जाने जाने वाले लोक गायकों, घुमक्कड़ साधुओं और हमारे समाज परिवार के अनेक पुरखों को जिनकी बदौलत ये अनमोल कथाएँ पीढ़ी दर पीढ़ी होती हुई हम तक पहुँची हैं
किसी नगरी में एक बनिया रहता था। गरीब होने के कारण वह बहुत ही दुखी रहता। उसके मन में सदा यही इच्छा कसकती रहती थी कि वो किसी भी तरीके से धनवान बन जाए। यही इच्छा लिए वह साधु-संत के पास जाता रहता था।
एक दिन किसी साधु ने उससे कहा कि यदि वह शिव जी की उपासना करेगा तो उसे अवश्य ही धन मिलेगा।
बस उसी दिन से वह शिव जी की पूजा करने लगा। पूरे चालीस दिन तक वह दिन-रात पाठ करता रहा। ठीक चालीसवीं रात को शिव जी ने उसे स्वप्न में दर्शन देकर कहा- “पुत्र! तुम्हारी आराधना सफल हुई। अब तुम कल सुबह उठते ही नहा-धोकर, तैयार होकर अपने घर के द्वार के पीछे छिपकर खड़े हो जाना। फिर एक भिखारी तुम्हारे घर के अंदर आएगा। बस, तुम एक लाठी उसके सिर पर मारना। जैसे ही उसके सिर पर लाठी पड़ेगी, वह वहीं पर ढेर हो जाएगा। फिर तुम उसके पास जाकर उसे छूना। तुम्हारे द्वारा छुए जाने पर उसका शरीर सोने में बदल जाएगा। वह सोना तुम्हारे सारे जीवन के लिए बहुत है।
सुबह उठते ही उस बनिए ने ऐसा ही किया। उसने भिखारी के सिर पर लाठी मारी तो वह धरती पर गिर पड़ा। जैसे ही उसने उसे छुआ तो उसका सारा शरीर सोने का हो गया। इस प्रकार से वह बनिया रातों-रात अमीर बन गया। यह सब कुछ बनिए को हजामत करने के लिए उसके घर पर आया हुआ एक नाई भी देख रहा था। नाई ने सोचा कि यदि किसी भिखारी के सिर पर लाठी मारने से इतना सारा सोना मिल जाता है तो वह क्यों न ऐसा करके धनी बन जाए।
यह सोच कर वह भी अपने घर के पीछे लाठी लेकर खड़ा हो गया। उसे किसी भिखारी के आने की प्रतीक्षा थी। उस दिन तो उसकी इच्छा पूरी न हुई। किन्तु दूसरे दिन सुबह ही एक भिखारी उसके घर में आया तो नाई ने झट से उसके सिर पर वार कर दिया। वह बेचारा भिखारी वहीं पर ढेर हो गया। शव के पास पहुंच कर नाई ने जब हाथ लगाकर देखा तो उसे मृत पाया। नाई सोचने लगा कि वह अभी तक सोने का क्यों नहीं बना?।
उसी समय राजा के सिपाही वहाँ आए और उसे हत्या के दोष में पकड़कर ले गए। राजा ने नाई को फाँसी की सजा सुना दी। बेचारे नाई को सोना तो नहीं मिल सका, परन्तु फांसी की सजा मिल गई। इसीलिए कहते हैं कि किसी की देखा-देखी जो भी काम किया जाता है, उसका परिणाम अच्छा नहीं होता।
शिक्षा- इस कहानी को पढ़कर हमें यह प्रेरणा मिलती है कि किसी को कोई कार्य करते देखकर उसकी हकीकत जाने बिना, उस कार्य को नहीं करना चाहिए तथा लालच का परिणाम हमेशा ही बुरा निकलता है।
भारत की आजादी के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव) पूर्ण होने पर डायमंड बुक्स द्वारा ‘भारत कथा मालाभारत की आजादी के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव) पूर्ण होने पर डायमंड बुक्स द्वारा ‘भारत कथा माला’ का अद्भुत प्रकाशन।’
