Posted inनैतिक कहानियां, हिंदी कहानियाँ

गरज उठा शेर – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story:“स्वराज्य हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। उसे हम लेकर रहेंगे। हम अपनी स्वाधीनता के लिए अंग्रेजों से भीख नहीं माँगेंगे।” हजारों लोगों की विशाल सभा में मराठा शेर गरज रहा था और उसकी दहाड़ अंग्रेजी सत्ता के बहरे कानों में पिघले हुए सीसे जैसी पड़ रही थी। लेकिन सुनने वाले लोग बार-बार वंदेमातरम् का […]

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बीबी वासंती की कुर्बानी – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: “स्वतंत्रता की माँग करना कोई गुनाह नहीं है। देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले वीरों पर गोली और लाठियाँ चलाना घोर अन्याय और बर्बरता है। मैं इस अन्याय का विरोध करती हूँ। और इसके लिए जेल जाना पड़े, तो भी मैं हिचकूँगी नहीं।” यह आवाज थी इंग्लैंड से आई उस […]

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हँसकर सही अंग्रेजों की लाठियाँ – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: “मेरी छाती पर पड़ी लाठियों की एक-एक चोट भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की काठी में एक-एक कील साबित होगी।” अंग्रेजों की लाठियों से घायल पंजाब का बूढ़ा शेर गरज रहा था, तो उसकी जोशभरी वाणी में पूरी भारतीय जनता का दर्द बोल रहा था। भारत के स्वाधीनता-संग्राम के इस महानायक पर पड़ी […]

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जलती रहे क्रांति की मशाल – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: “भारत इसलिए गुलाम है, क्योंकि भारतवासियों में हीनता और अज्ञानता घर कर बैठी है। जिस दिन वे इस हीनता से उबरेंगे, उन्हें आजाद होने से कोई नहीं रोक पाएगा।” यह लेख अखबार में छपा, तो लोगों में उत्साह और जोश भर गया। उन्हें लगने लगा, जैसे किसी ने उन्हें अंधकार से निकलकर […]

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भला मैं क्यों पीछे हटूँगी! – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: “यदि आप कष्ट उठा सकते हैं, मेरे बेटे कष्ट झेल सकते हैं, तो फिर भला मैं क्यों पीछे हटूँगी? मैं सत्याग्रह में जरूर भाग लूँगी। यदि मैं जेल के कष्टों से घबराकर माफी माँगने लगूँ, तो आप मुझसे किसी भी प्रकार का संबंध रखने से इनकार कर दें।” ये साहस और वीरता […]

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जोरावर की बहादुरी – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: माघीपुर का राजा जोरावरसिंह जितना साहसी और शूरवीर था, उतना ही उदार, नेकदिल और अपनी प्रजा को जान से बढ़कर प्यार करने वाला भी। इसलिए प्रजा भी उस पर जान छिड़कती थी। वह रात-दिन प्रजा की भलाई के बारे में सोचता था। उसके महल के बाहर एक घंटा लटकता रहता था। जोरावरसिंह […]

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जरा तुम्हीं हटा दो – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: पांडवों के वनवास का समय खत्म होने को था। कौरवों की कुटिलता वे जानते थे। लगता था, लड़ाई के बिना राज्य वापस नहीं मिलेगा। इसी तरह की बातें चल रही थीं। तभी भीम ने सोचा, ‘चलो, थोड़ा टहल आएँ। मन बदलेगा।’ चलते-चलते भीम काफी दूर निकल गए। अब वे एक ओर दुर्गम […]

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भिम्मा तीरंदाज – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: भिम्मा एक अनाथ भील लड़का था। जंगल में रहकर रात-दिन निशानेबाजी का अभ्यास करता था। तीर चलाने में उसका कोई जोड़ नहीं था। उसके कबीले के लोग उसकी बहादुरी और तीरंदाजी की बहुत तारीफ करते थे। कहते थे, ‘निशाना साधने की कला तो कोई भिम्मा से सीखे। यह चाहे तो मीलों दूर […]

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राजा हठीसिंह का गुस्सा – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: बलवानपुर का राजा था हठीसिंह। वह बड़ा ही वीर था और प्रतापी था। आसपास के राजा उसका नाम सुनकर काँपते थे। कहते हैं, उसने छप्पन राज्यों को जीता था। इसलिए दूर-दूर तक लोग उसे छप्पनिया राजा कहकर पुकारते थे। चारों तरफ उसके नाम का डंका पिटता। इसलिए उसके घमंड और अहंकार का […]

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सुमल्ल और हिम्माल – शौर्य और बलिदान की अमर कहानियाँ

Hindi Immortal Story: अमरावती के राजा सुमल्ल की वीरता की दूर-दूर तक चर्चा थी। वह था भी ऐसा प्रतापी। हाथ में तलवार ले, काले घोड़े पर सवार हो, युद्ध के मैदान में आता, तो शत्रु थर्राने लगते। लेकिन यही वीरता सुमल्ल के लिए अभिशाप बन गई। घमंड का पुतला तो था ही वह। धीरे-धीरे गुस्सैल […]

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