Hundred Dates
Hundred Dates

Hindi Love Story: “तुम आजकल बदलते जा रहे हो।” “हाँ, तो बदलना कौन सा बुरा है। वक़्त के साथ बदलना तो चाहिए ही।”

“बदलने के साथ लड़कियाँ भी बदलते जाना चाहिए। है न?”

“अरे! क्या कह रही हो तुम। मैंने ऐसा क्या किया?”

“कुछ नहीं। तुम अपनी मर्ज़ी की लाइफ़ जीयो। मुझसे कोई कंसर्न रह ही कहाँ गया है तुम्हें।”

“पर हुआ क्या?”

“तान्या ने बताया कि, तुम्हारी उससे भी बात होती है।”

“हाँ, तो उसमें क्या हुआ?”

“परसों रात को दो बजे तक उससे बातें कर रहे थे? मुझसे दस मिनट बात करने के बाद तुम्हें लगता है कब फोन रखूँ।”

“ओहह्…उसको कुछ प्रॉब्लम थी न, उसकी लव लाइफ़ को लेकर; वही डिस्कस कर रही थी।”

“तो तुम लव गुरु हो, जो सबकी लाइफ़ की लव प्रॉबलम्स के लिए फ़्री कंसलटेंसी देते फिरते हो?”

“बात ही तो कर रहे थे यार हम।”

“हाँ अभी तो बातें शुरू हुई हैं न। डेट के लिए भी पूछ ही लो। लेट मत करो, उसकी बातों से लग रहा था,तुम्हारे साथ जाने के लिए वो भी एक्साइटेड है।”

“ठीक है, पूछ लेता हूँ।”

“ठीक है, मैं जा रही हूँ और कभी भी मुझसे बात करने की कोशिश मत करना। मैं भी देखती हूँ कोई लड़का, जिससे रात दो बजे तक लव प्राब्लम्स डिस्कस कर सकूँ।”

“सुनो। छोटी सी बात को खींचो मत। और मैंने कभी तुमसे कोई प्रॉमिस नहीं किया कि, मैं तुम्हारे अलावा किसी और से बात भी नहीं करूँगा। उसने तुमसे या किसी और से क्या कहा और क्यों कहा, इसकी मेरी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है। तुमसे कभी कुछ छिपाने की नहीं सोची; तुम्हें पता है कि, मेरी बहुत सी फ्रेण्ड हैं। अगर तुम यह चाहती हो कि तुमसे रिलेशनशिप की क़ीमत मुझे यह चुकानी होगी कि, मैं तुम्हारी मर्ज़ी से जीयूँ तो यह मुझसे होगा नहीं। तुमसे शर्तों पर मैंने प्यार नहीं किया था और ना अब शर्तों पर बंधना है मुझे।” मैंने लहू थूका।

“ओके ना। मैंने बाँधकर रखा था तुम्हें। अब फ़्री कर रही हूँ जाओ जहाँ जाना है।”

“एक बार ठंडे दिमाग से सोचना।”

“मुझे मत सिखाओ मुझे क्या करना है, अपनी उस तान्या को ही ज्ञान दो अपना। और उसी को क्यों, लाखों लड़कियाँ प्यार में दुखी हैं; तुम्हारी सलाहों के बिना तो मर जाएँगी ना बेचारियाँ…” वह बारूद की तरह भड़की।

“सुनो तो…”

“जितना सुनना था, सुन चुकी। अब ना कुछ सुनना है, ना कुछ कहना। तुम उस लायक़ ही नहीं कि तुमसे किसी कमिटमेंट की उम्मीद रखी जाए।”

“ठीक कहती हो तुम। मैं कमिटमेंट से प्यार नहीं ख़रीदता। जाओ, पर इतना याद रखना, मैं तुम्हें हमेशा प्यार करूँगा। कभी भी ज़िंदगी में यह लगे कि मुझसे बात की जानी चाहिए तो झिझकना मत।” मैंने उसका जाना देखा, पर इस तरह कि, उसे एक दिन वापस आना ही होगा।