jooton ke maare khade hain story in Hindi
jooton ke maare khade hain

jooton ke maare khade hain story in Hindi : एक बार बादशाह, बीरबल, फैजी तथा अन्य कई लोग कहीं बाहर गए थे।

सामान बँधवाकर फैजी पहले तैयार हो गए थे।

फैजी ने बीरबल से कहा, ‘जहाँपनाह क्यों खड़े हैं? चल क्यों नहीं रहे हैं?’

‘जूतों के मारे खड़े हैं।’

यह उत्तर फैजी को अभद्र लगा। परंतु वह चुप रहा।

थोड़ी देर बाद पता लग ही गया कि बादशाह के जूते गुम हो गए

हँसी-मजाक तो आपस में चलता ही रहता था। बीरबल ने ही मजाक में बादशाह के जूते फैजी के सामान में बँधवा दिए थे, फैजी को तो पता ही नहीं था।

जूते नहीं मिले तो बीरबल की सलाह पर तलाशियाँ हुईं। तलाशी में जूते फैजी के सामान से मिले। फैजी लज्जित हो गए और समझ भी गए कि यह शरारत बीरबल महाशय की है।

फैजी ने उपयुक्त अवसर देखकर बादशाह से कहा कि बीरबल ने उन्हें ‘जूतों के मारे’ कहा।

बादशाह ने बीरबल को जवाब-तलब कर लिया और कारण पूछा।

बीरबल ने बता दिया कि जब वह जूतों की वजह से खड़े थे तभी उसने कहा था कि बादशाह जूतों के मारे खड़े हैं। यह गलत बात नहीं है।

बादशाह उनका उत्तर सुनकर देर तक हँसते रहे।

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