मैं 22 वर्षीय महिला हूं, मुझे अभी कुछ दिन पहले ही पता चला कि मुझे हाइपोथायरॉइडिज्म है। टिन लेवल 15 है। क्या मुझे थायरॉइड समस्या के साथ प्रेगनेन्सी में परेशानी आ सकती है?

 — विनीता शर्मा, जबलपुर

 

यदि आपको थायरॉइड की समस्या का पता है तो आपको एण्डोक्राइनोलोजिस्ट को दिखा कर तुरन्त उसकी दवाइयां शुरू करनी होगी व कन्ट्रोल हो जाने पर आप प्रेगनेन्सी प्लान कर सकती हैं। यदि थायरॉइड बढा रहता है तो बच्चे के दिमागी विकास पर इसका असर होता है और मां का ब्लड प्रेशर बढना, बच्चे की ग्रोथ कम होने की समस्या हो सकती है। थायरॉइड ग्रंथि का प्रजनन में अहम किरदार होता है हार्मोनल असंतुलन थायरॉइड की समस्या के लिए जिम्मेदार है। इसके चलते गर्भपात का खतरा भी हो सकता है। हाइपोथायरॉइड अंडर एक्टिव थायरॉइड होता है, इससे पीडि़त महिलाओं को अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है। इसका उपचार न होने पर बच्चे के अंगों का न बनना, यहां तक कि गर्भपात की समस्याएं भी सामने आती हैं। थायरॉइड कन्ट्रोल ना होने पर डिलीवरी समय से पहले होने की आशंका बढ जाती है जिससे बच्चे की जान को खतरा हो सकता है।