हम सभी यह बखूबी जानते हैं की किसी भी व्यक्ति की उम्र, स्वस्थ, त्वचा एक जैसी नहीं रहती है।  उम्र बढ़ने के साथ साथ इंसान की हेल्थ पर प्रभाव पड़ता है। और हम सभी को अपने ऊपर ध्यान ज़रुर देना चाहिए। हम अक्सर अपने काम के चाकर में अपने ऊपर ध्यान देना भूल जाते है। अक्सर 30 साल की उम्र के बाद ही हमें महसूस होता है की   फिटनेस हमारे लिए कितना ज़रूरी होता है। 30 साल की उम्र के बाद हमारी हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती है, हमारे हार्मोन्स चेंज होने लगते है, शरीर में पोषण की कमी होने लगती है। पर हम इन सभी चीज़ो से छुटकारा पा सकते है यदि हम एक हैल्थी लाइफस्टाइल जीना शुरू कर दे।  यहाँ लाइफस्टाइल का मतलब यह नहीं है की आप अपने ऊपर खूब पैसे खर्च करे या घंटो जिम में जाकर पसीने बहाएं। एक हैल्थी लाइफस्टाइल का अर्थ होता है की आप अपना खान-पान सुधारे, जल्दी उठे और कुछ फिजिकल एक्टिविटी में हिस्सा लें। 

फ़िटनेस का मतलब यह भी नहीं है की आप केवल अपने शरीर पर ध्यान दे,  यह फिटनेस का मतलब यह है की आप अपने दिमाग़ और शरीर दोनों से फिट रहें। 30 में आने बाद हमारे पास इतना समय नहीं होता है की हम जिम जाएं और घंटो वहां समय बिताएं , आप अपनी फिटनेस का ध्यान घर भी रख सकते है सुबह जल्दी उठकर ताज़ी हवा में योग करें, सुबह-सुबह  बॉडी को एक्टिव बनाएं रखने के लिए डांस करें, और अगर आप यह भी नहीं कर सकते तो आप अपने बच्चों के साथ शाम को कम से कम 30 मिनट के लिए वॉक पर ज़रूर जाएं। इससे आपके बच्चे और आप खुद भी एक्टिव रह सकते है।

अपने  खाने की  आदतों को बदलें एक हैल्थी लाइफ न केवल फिजिकल एक्टिव रहने से बल्कि  अच्छे खान-पान से भी होता है। और खाने का सबसे अहम हिस्सा होता है हमारा रोज़ का ब्रेकफास्ट जिसे हमें कभी कभी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। सुबह उठाते ही आप पहले एक ग्लास गर्म पानी पीजिए, उसके ठीक दो घंटे बाद आप बादाम कॉर्न फलैक्स, वेजिटेबल पोहा आदि जैसी चीज़े आप खा सकते है। 

लंच टाइम में हमेशा दही, दाल सलाद लेना बिलकुल न भूले।  पानी जितना हो सके उतना पीजिए। यदि आप  बाहर जा रहे है तो अपना टिफ़िन साथ ले कर चले, जिससे आपको बाहर का अन्हेल्थी खाना खाने की ज़रूरत न पड़े। कोशिश करें की आप रोज़ाना खाने खाने  थोड़ा चले, जिससे आपका खाना पच सके और आप हल्का महसूस करें।  आप इन सभी हैल्थी आदतों से अपने फिटनेस का रख सकते है।

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