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आप जितना समझ रहे हैं शुगर फ्री और डाइट फूड उतना भी हेल्दी नहीं हैं। बल्कि यह आपके वजन को बढ़ा भी सकते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी में कई चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।
side effects of sugar free sweetener : वेट लॉस करने के लिए अगर आप भी कम कैलोरी वाली शुगर फ्री मिठाइयां, चॉकलेट, कुकीज या डाइट सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते हैं तो संभल जाएं। आप जितना समझ रहे हैं शुगर फ्री और डाइट फूड उतना भी हेल्दी नहीं हैं। बल्कि यह आपके वजन को बढ़ा भी सकते हैं। हाल ही में हुई एक स्टडी में कई चौकाने वाले परिणाम सामने आए हैं।
इसलिए हो सकता है नुकसानदायक

यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलिफोर्निया के शोधकर्ताओं का दावा है कि कम कैलोरी वाले सॉफ्ट ड्रिंक या फूड में चीनी की जगह डाले जाने वाले स्वीटनर असल में मस्तिष्क को ज्यादा खाने के लिए ट्रिगर करते हैं। ये कैलोरी फ्री स्वीटनर मस्तिष्क में भूख के हॉटस्पॉट को ज्यादा सक्रिय कर देते हैं। जिससे अंग भ्रमित होते हैं। ऐसे में आप ज्यादा भोजन खाने लगते हैं।
ऐसे काम करता है ब्रेन
शोधकर्ताओं के अनुसार स्वीटनर के सेवन से भूख ट्रिगर होने की समस्या मोटेे लोगों में ज्यादा होती है। हार्मोन और डायबिटीज स्पेशलिस्ट और शोध के लेखक डॉ. कैथलीन अलाना पेज का कहना है कि स्वीटनर ब्रेन में उलझन पैदा कर देता है। जब आपके शरीर को कैलोरी की जरूरत होती है तो ब्रेन स्वीटनर की लालसा पैदा करता है। जिससे आपको शुगर फ्री या डाइट फूड खाने का मन करता है।
ऐसे किया गया टेस्ट
नेचर मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने प्रतिभागियों को 3 अलग-अलग पेय पदार्थ दिए। और प्रतिक्रिया देखी। इन पेय पदार्थों में सादा पानी, आर्टिफिशियल स्वीटनर सुक्रालोज और चीनी से बना ड्रिंक शामिल था। इन ड्रिंक्स के सेवन के बाद हर प्रतिभागी के मस्तिष्क का एमआरआई स्कैन, ब्लड टेस्ट और भूख का निरीक्षण किया गया।
ये हुआ स्वीटनर का असर
परीक्षण में पता चला कि आर्टिफिशियल स्वीटनर सुक्रालोज के सेवन से प्रतिभागियों के मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस हिस्से में गतिविधियां बढ़ गईं। यह हिस्सा शरीर की प्रक्रियाओं को कंट्रोल करने के साथ ही तापमान, थकान और भूख के स्तर को कंट्रोल करता है। ऐसे में भूख बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। शोध में ये सभी प्रभाव मोटे लोगों पर ज्यादा नजर आया। वहीं ब्लड टेस्ट में भी यह सामने आया कि आर्टिफिशियल स्वीटनर खाने की लालसा को बढ़ाता है।
हैरान कर देगा ये रिजल्ट
चीनी का घोल पीने वाले प्रतिभागियों का रिजल्ट हैरान कर देने वाला था। उनके शरीर में भूख कम करने वाले हार्मोन का लेवल बढ़ा हुआ पाया गया। हालांकि सुक्रालोज पीने वाले लोगों में यह हार्मोन बना ही नहीं था। डॉ. पेज के अनुसार ये सभी हार्मोन ब्रेन को ये बताते हैं कि आपने भरपूर कैलोरी का सेवन किया है। जिससे भूख शांत होती है।
सोच समझकर करें फैसला
शोध में यह भी पता चला कि सुक्रालोज का सेवन करने का असर महिलाओं और मोटे लोगों पर ज्यादा होता है। कई अन्य अध्ययनों के अनुसार सुक्रालोज से मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है। यह शरीर में GLUT4 नामक प्रोटीन के स्तर को बढ़ाता है, जिससे कोशिकाओं में वसा जमने लगती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही लोग स्वीटनर्स को चीनी का विकल्प मानें। लेकिन ये मोटापे के साथ ही टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं।
