गर्भपात से बचने के तरीके
कई बार किसी कारणवश अगर गर्भपात हो जाता है तो ऐसे में महिला शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी बुरी तरह से टूट जाती है। कई बार यह डिप्रेशन बहुत खतरनाक रूप भी ले सकता है। हालांकि प्रेगनेंसी के दौरान कुछ बातों को ध्यान रखकर आप गर्भपात से बच सकती हैं।
Reasons of Miscarriage: माँ बनना किसी भी महिला के जीवन का सबसे सुखद अनुभव होता है, लेकिन कई बार किसी कारणवश अगर गर्भपात हो जाता है तो ऐसे में महिला शारीरिक ही नहीं मानसिक रूप से भी बुरी तरह से टूट जाती है। कई बार यह डिप्रेशन बहुत खतरनाक रूप भी ले सकता है। हालांकि प्रेगनेंसी के दौरान कुछ बातों को ध्यान रखकर आप गर्भपात से बच सकती हैं। जानते हैं गर्भपात के पांच कारण-
तनाव है बढ़ी वजह

प्रेगनेंसी में तनाव लेना हानिकारक होता है, यह ना केवल होने वाले बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि इसकी वजह से कई बार गर्भपात भी हो सकता है। ज्यादा तनाव में रहने से मस्तिष्क से स्त्रावित होने वाले हार्मोन आने वाले बच्चे के विकास को प्रभावित करते हैं। तनाव लेने पर मस्तिष्क से कॉर्टिकोट्रॉपिन हार्मोन का स्त्राव होता है, जिसके कारण गर्भपात हो सकता है।
कई बार प्रेगनेंसी के दौरान आपका ज्यादा व्यस्त रहना नुकसानदायक साबित हो सकता है। ज्यादा व्यस्त होने के कारण रात को देरी से सोना और सुबह जल्दी उठ जाना, आपकी नींद को प्रभावित करता है। इस वजह से भी तनाव होता है। इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी तरह के तनाव से दूर रहें। हर समय खुश रहने की कोशिश करें।
पेन किलर्स का ज्यादा सेवन
सिर दर्द या शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द होने पर बिना परामर्श के स्वयं दर्द निवारक दवाओं का सेवन करना कई बार गर्भपात होने की बड़ी वजहों बन जाता है। ऐसी किसी भी स्थिति में चिकित्सक को बताएं और परामर्श के बाद ही इन दवाओं का सेवन करें।

जंक फूड
आजकल के युवाओं के बीच जंक फ़ूड का प्रचलन ज्यादा है लेकिन, अधिक फास्ट फूड जैसे – बर्गर, पिज्जा, पास्ता, नूडल्स आदि का सेवन करना गर्भवती महिलाओं और शिशु के लिए घातक हो सकता है। इन चीजों से फूड इंफेक्शन की संभावना अधिक होती है, हो गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा बाजार में उपलब्ध रेडी टू ईट व अन्य तैयार खाद्य पदार्थ के सेवन से भी गर्भपात हो सकता है। पूरे 9 महीने तक घर का खाना ही खाएं।

अधिक या बहुत कम उम्र
बच्चे के सही तरह से विकसित होने के लिए सही समय पर गर्भधारण करना आवश्यक है, ताकि गर्भ, भ्रूण को संभालने और उसका विकास कर पाने में सक्षम हो। गर्भवती होने के लिए स्त्री की उम्र बहुत कम या बहुत अधिक भी नहीं होनी चाहिए। अगर आपकी उम्र ज्यादा है तो प्रेगनेंसी में पूरे समय डॉक्टर के साथ संपर्क में रहें और कम उम्र में माँ नहीं बनने की कोशिश करें।

धूम्रपान और शराब का सेवन
प्रेगनेंसी के दौरान सिगरेट पीने से निकोटिन की वजह से होने वाले शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास पर विपरीत असर होता है। इसी तरह अल्कोहल भी होने वाले बच्चे के लिए नुकसानदायक है कई बार ज्यादा सिगरेट और शराब के सेवन से गर्भपात की संभावना बढ़ जाती है ।इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान इन चीज़ों से दूरी बनाकर रखें।
अगर आप भी प्रेगनेंट हैं या प्रेगनेंसी प्लान कर रहीं हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
