मां बनना किसी भी नारी के लिए एक बेहद सुखद अनुभव होता है। शिशु जन्म के बाद होने वाले रीतियां भले ही जातियों में अलग-अलग हों पर आश्चर्यजनक रूप से मिथ समान है। प्रेगनेन्सी के इन नौ महीनों में अपनी सेहत का ख्याल रखने के साथ-साथ, होने वाली मां को सामान्य भ्रान्तियों से बचना चाहिए ताकि वो एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सके।

आइये जानते है क्या है यह भ्रांति और इनके पीछे की सच्चाई क्या है। मेहता नर्सिंग होम की निदेशक डॉ. सपना मेहता मानती है कि गर्भवती को जानना जरूरी है कि क्या सही है, क्या गलत। नहीं तो प्रेगनेन्सी में इन भ्रांतियों की वजह से समस्याएं आ सकती हैं-

भ्रांति- गर्भवती को दो लोगो के लिए भोजन करना चाहिए।

वास्तविकता- डॉ. सपना कहती हैं कि गर्भवती को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता तो होती है पर दो लोगों के लिए खाने की जरूरत नहीं। बैलेंस्ड डाइट लें। बच्चा मां के खाने से सारे पोषक तत्व लेता है इसलिए सुनिश्चित करें कि उसे पर्याप्त मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स कैल्शियम मिले जो उसके वृद्धि के लिए आवश्यक है।

भ्रांति- सिजेरियन डिलेवरी के पश्चात नॉर्मल डिलवरी नहीं हो सकती।

वास्तविकता- सिजेरियन प्रसव काम्पलिकेशन्स आने पर किया जाता है। अगर दूसरी डिलेवरी में दिक्कत नहीं है तो बेबी नार्मल हो सकता है। 

भ्रांति- प्रेगनेन्ट लेडी को एक्सरसाइज से बचना चाहिए।

वास्तविकता- सरासर भ्रांति है, महिला जितना एक्टिव होगी नार्मल डिलेवरी के चान्स उतने ज्यादा होंगे।

भ्रांति- प्रेगनेन्सी के दौरान सेक्स नहीं होना चाहिए।

वास्तविकता- बाद के महीनों में सेक्स अनकम्फर्टेबल हो सकता है पर यदि आपका डाक्टर एडवाईज़ करे तो कम्फर्टेबल पोजिशन से आप सेक्स का आनन्द लें।

भ्रांति- कैस्टर ऑयल पीने से बच्चा फिसल के नीचे आ जाता है।

वास्तविकता- गर्भवती महिलाओं को कैस्टर ऑयल नहीं पीना चाहिए वो इससे बीमार पड़ सकती हैं।

भ्रांति- गर्भवती महिलाओं को मीठा नहीं खाना चाहिए। 

वास्तविकता- गर्भवती मीठा खाएं पर ज्यादा नहीं क्योंकि कार्बोहाईड्रेट शरीर में बढ़ने से दिक्कत ही होगी।

भ्रांति- गर्भवती महिलाओं को म्यूजिकल कान्सर्ट में नहीं जाना चाहिए।

वास्तविकता- कुछ हद तक सही है। कई बार लाउड म्यूजिक से बच्चे के ऊपर असर पड़ सकता है डिलेवरी जल्दी हो सकती है।

भ्रांति- गर्भवती अगर नारियल मिश्री खाए या दूध में केसर डाल के पीए तो बच्चा गोरा और सुन्दर होता है।

वास्तविकता- पौष्टिक खाना यदि पर्याप्त मात्रा में खाएंगें तो बच्चा स्वस्थ होगा। सुन्दरता आनुवांशिकता पर आधारित होती है।

भ्रांति- गर्भवती को हवाई यात्रा नहीं करनी चाहिए।

वास्तविकता- गर्भवती को बाद के महीनों में प्लेन में प्रसव से होने वाली असुविधा से बचने के लिए ऐसा कहा जाता है। कई बार प्लेन में प्रेशर और आल्टीट्यूड से दिक्कत हो सकती है। डॉक्टर की सलाह से आप हवाई यात्रा कर सकती हैं।

भ्रांति- गर्भवती को हील नहीं पहननी चाहिए।

वास्तविकता- अगर आप हील पहनने से कम्फर्टेबल महसूस करती हों तो पहने नहीं तो गिरने का खतरा रहता है।

भ्रांति- गर्भवती को सोनोग्राफी ज्यादा नहीं करवानी चाहिए, इससे बच्चे पर बुरा असर पड़ता है।

वास्तविकता- डॉक्टर्स भू्रण की पोजि़शन और अन्य जरूरी बातें जानने के लिए सोनोग्राफी करवाते हैं। तीसरे, पांचवे, सातवें और नवें महीने में जानना बहुत जरूरी है, ताकि बच्चा स्वस्थ पैदा हो।

भ्रांति- खट्टा खाने की इच्छा हो तो लड़का होगा और मीठा खाने का मन है तो लड़की।

वास्तविकता- इस बात का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं, हार्मोन्स के उतार-चढ़ाव के कारण ऐसा होता है।

भ्रांति- डिलेवरी के पहले से बच्चे के लिए शॉपिंग न करें।

वास्तविकता- पूरा टाईम होते-होते थोड़ी बहुत शापिंग कर ही लेनी चाहिए। नवजात के कपड़े, साबुन, पालना, शीट इत्यादि खरीदना सही रहता है।

भ्रांति- कोको बटर स्ट्रेच मार्क्स को खत्म कर देता है।

वास्तविकता- केवल डॉक्टर से पूछ कर तेल या टयूब लगाएं। कोको बटर स्ट्रेच मार्क्स को खत्म नहीं करता।

भ्रांति- प्रेगनेन्सी के दौरान आप मोटी नहीं हुई तो डिलवरी में परेशानी होगी।

वास्तविकता- हर एक के फिज़ीक और बेबी की ग्रोथ के हिसाब से वजन बढ़ता है। अगर आपकी हाईट ज्यादा है तो भी आप मोटी नहीं दिखेंगी। इसका डिलीवरी की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।

भ्रांति- गर्भवती को नशा करने से बचना चाहिए।

वास्तविकता- सही है। धूम्रपान, मद्यपान या किसी भी तरह का नशा भू्रण को नुकसान पहुंचा सकता है।

भ्रांति- गर्भवती महिला को बाल डाई नहीं करने चाहिए।

वास्तविकता- अगर आप पहले से बाल डाई कर रही हैं तो कोई बात नहीं पर कोशिश करिए की केमिकल्स का उपयोग आप बाद में करें।

भ्रांति- अगर आपको हार्ट बर्न जैसा लगता है तो आपके बच्चे को बहुत बाल होंगे। 

वास्तविकता- हार्ट बर्न की फिलिंग पेट मे ऐसिड की वजह से होती है। इसका बच्चे की रूंआली से सम्बन्ध नहीं। 

भ्रांति- पपीता खाने से गर्भपात हो जाता है और चावल और दही खाने से बच्चा जम सकता है।

वास्तविकता- ये बातें सिर्फ भ्रांतियां हैं, सच्चाई से इनका कोई वास्ता नहीं।

भ्रांति- देर से प्रसव होने पर लड़की होती है और जल्दी प्रसव होने पर लड़का।

वास्तविकता- डिलीवरी देर से या जल्दी होने का कारण मेडिकल होता है लड़का-लड़की नहीं।

भ्रांति- गर्भावस्था में जिसको ज्यादा देखेंगे बच्चा उसी पर जाएगा।

वास्तविकता- बच्चे की नाक-नक्श आपके जीन्स पर निर्भर करती है ना कि रोज दिखने वाले लोगों पर। 

प्रेगनेन्सी की भ्रांतियों की लिस्ट कभी न खत्म होने वाली है। अपनी डॉक्टर से सलाह लेकर, प्रश्न पूछकर आप भी जन्म दे सकतीं है एक सुन्दर स्वस्थ बच्चे को। आवश्यकता है सकारात्मक सोच, पर्याप्त श्रम एवं आराम और अच्छे डॉक्टर के निर्देशन में पौष्टिकता बरकरार रखने की। ठ्ठ

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