इन अजीबोगरीब बातों पर प्रेगनेंसी में बिलकुल न करें विशवास
आने वाला बच्चा काला होगा या गोरा यहां तक भी कयास लगाये जाते रहे रहे हैं और आज भी लोग इन प्रेग्नेंसी मिथ पर यकीन करते हैं।
Pregnancy Myths: बधाई हो, तुम्हारा चेहरा और पेट का आकार देख कर लग रहा है बेटा ही होगा। देखा मै ना कहती थी इस तरह की चीजें खाने का मन करता है तो पक्का बेटी ही होगी। इन बातों से आपका अंदाजा लगाना बिलकुल ठीक है, ये शब्द हर महिला अपनी 9 महीने की प्रेग्नेंसी जर्नी में ना जाने कितनी ही बार सुनती है। उनमे से कई तो इन प्रेग्नेंसी मिथ पर पूरी तरह यकीन कर भी लेती हैं। आने वाला बच्चा काला होगा या गोरा यहां तक भी कयास लगाये जाते रहे रहे हैं और आज भी लोग इन प्रेग्नेंसी मिथ पर यकीन करते हैं। इन बातों में बच्चे के लिंग से लेकर उसके स्वास्थ, भविष्य आदि के बारे में भी बहुत कुछ अनुमान लगा लिया जाता है। क्या कभी आपने सोचा है इन प्रेग्नेंसी मिथ का होने वाली माँ पर क्या असर पड़ता है। कई तो इन प्रेग्नेंसी मिथ से उमीदें लगा बैठती हैं और वैसा ना होने पर निराश हो जाती हैं।
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आइये जानते हैं एक महिला को गर्भावस्था में किन किन तरह के प्रेग्नेंसी मिथ के बारे में सुनने को मिलता है, और साथ ही जानेंगे इनका सच।
जैसा देखो वैसा पाओ

जैसे ही पता चलता है घर की कोई महिला गर्भवती है सबसे पहले उसके कमरे में सुन्दर बच्चों की तस्वीर लगा दी जाती है, फिर आती है बारी एक बड़े प्रेग्नेंसी मिथ की, सुन्दर बच्चों की तस्वीर रोज़ देखने से आने वाला बच्चा सुन्दर होगा, जबकि ऐसा नहीं है। बच्चे का रूप पूरी तरह से उसके जीन पर निर्भर करता है। सुन्दर बच्चों की तस्वीर लगाने से होने वाली मां उन्हें देख कर खुश रहे इसके पीछे ये भावना होनी चाहिए।
दूध या टॉर्चर

प्रसव का समय नज़दीक आने पर सबसे बड़ा मिथ माना जाता है महिला को दूध में घी तेल मक्खन आदि डाल कर पिलाना। ऐसा माना जाता है इस तरह से बच्चा गर्भाशय से नीचे की तरफ फिसलेगा और जल्द ही नार्मल डिलीवरी हो जायेगी। ये कैसा टॉर्चर है, इस तरह होने वाली मां की तबियत बिगड़ सकती है और उल्टियां भी शुरू हो सकती हैं। दूध पीना अच्छा है पर इस तरह का मिथ ना पालें की इसमें घी तेल आदि मिलाएं।
सेक्स पोजीशन निश्चित करें

बहुत से लोगों का मानना है,गर्भधारण करने से पहले एक निश्चित पोजीशन में सेक्स किया जाए तो बेटे या बेटी का जन्म होता है। इस मिथ से दूरी बनाएं, सेक्स को लेकर हर कपल अपनी सहजता और प्लेज़र पर फोकस करते हैं। ऐसा मान लेना सेक्स पोजीशन बच्चे का लिंग निर्धारित करती है पूरी तरह से गलत है। इस मिथ को बढ़ावा ना दें और अपनी सेक्स लाइफ को बिना किसी स्ट्रेस एन्जॉय करें।
पोछा लगाना

बेशक पोछा लगाना एक्सपर्ट्स की तरफ से एक तरह की एक्सरसाइज मानी जाती है। लेकिन इसके लिए भी प्रेग्नेंसी की कंडीशन मायने रखती है। अगर गर्भवती को किसी तरह की तकलीफ या परेशानी है तो उन्हें पोछा आदि लगाने के लिए दबाव ना बनाएं। किसी भी तरह के मिथ पर यकीन करने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें।
