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प्रेगनेंसी

‘‘मैं स्पाइनल कॉर्ड की चोट के कारण व्हीलचेयर पर हूं। मैं मेरा पति काफी समय से एक शिशु चाहते थे। अब मैं गर्भ से हूंअब क्या होगा?”

सबसे पहले तो आपको अपनी अवस्था के हिसाब से किसी सही डॉक्टर का चुनाव करना होगा। उन्हें आप जैसे मरीजों का विशेषज्ञ होना चाहिए आजकल कई अस्पतालों में इस ओर खास तौर से ध्यान दिया जाने लगा है। आपकी शारीरिक अपंगता के हिसाब से ही तय होगा कि आपकी गर्भावस्था को स्वस्थ व सुखद बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए।

अपने शरीर का वजन नियंत्रित रखें। ऐसा आहार लें, जिससे गर्भावस्था की जटिलताएं घटाई जा सकें। व्यायाम से शरीर की मजबूती बढ़ानी की कोशिश करें। वैसे आपके लिए वाटर थेरेपी सुरक्षित रहेगी।

हालांकि दूसरी महिलाओं की तुलना में गर्भावस्था आपके लिए थोड़ी तकलीफदेह हो सकती है, लेकिन शिशु के लिए ऐसा नहीं है।ऐसे कोई सबूत भी नहीं मिले कि स्पाइनलकॉड या फिर किसी दूसरी वजह से अपंग मांके यहां अपंग शिशु ने जन्म लिया हो। हालांकि आपको किडनी संक्रमण, ब्लैडर से जुड़ी परेशानियां, पसीना आना व एनीमिया की शिकायत हो सकती है। अपनी चोट की वजह से आपका प्रसव दर्द रहित होगा इसलिए आपको दूसरे लक्षण देखकर पहचान करनी होगी। आपसे अपने गर्भाशय को समय-समय पर महसूस करने को कहा जाएगा ताकि आपको प्रसव पीड़ा शुरू होने का पता चल सके।

अस्पताल में भी आपकी इस अवस्था का पता होना चाहिए ताकि डिलीवरी के समय आपकी जरूरतों के हिसाब से प्रसव कराया जा सके।

शिशु जन्म के पहले कुछ सप्ताह तो वैसे ही चुनौती से भरे होते हैं पर आप दोनों के लिए थोड़े ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं। अपने घर में उसी हिसाब से तैयारी कर लें। किसी को मदद के लिए बुला लें। घर में सामान को इस तरह व्यवस्थित करें कि आपको शिशु की देखभाल में कोई दिक्कत न आए।

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