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दूसरी बार डैड बनने की ख्वाहिश है तो इन बातों का पति रखे ख्याल

गर्भधारण करवाने से पहले डैड क्या करें :- डॉक्टर से मिलें :- अपनी शारीरिक जाँच कराके तय कर लें कि आप टेस्टीकल सिस्ट,ट्यूमर या डिप्रेशन जैसे किसी रोग से ग्रस्त नहीं हैं या आपको ऐसा कोई रोग नहीं है जो आपके साथ की स्वस्थ गर्भावस्था में रुकावट पैदा कर सके। किसी भी तरह की दवा लेने से पहले पता कर लें कि उसका असर आपकी यौन क्षमता पर तो नहीं पड़ेगा। कई बार उनकी वजह से स्पर्म की संख्या घट भी जाती है, उम्मीद है कि आप ऐसा तो नहीं चाहेंगे। जैनेटिक स्क्रीनिंग कराएँ, अगर जरूरत हो तो:- यदि परिवार में पहले ऐसा हो चुका है तो गर्भाधारण से पहले जैनेटिक स्क्रीनिंग अवश्य करवा लें। बर्थ कंट्रोल के तरीके छोड़ दें :- यदि आपकी पत्नी बर्थ कंट्रोल का कोई तरीका अपना रही है या कोई गोलियाँ ले रही है तो वह सब बंद कर दें। कम से कम दो मासिक चक्र खुल कर होने दें। यदि चाहें तो उस दौरान स्पर्मीसाइड के बिना कंडोम इस्तेमाल करें। आहार में सुधार :- आहार जितना बेहतर होगा, गर्भधारण के लिए स्पर्म भी उतने ही स्वस्थ होंगे। गर्भधारण से पूर्व माता-पिता, दोनों को ही पौष्टिक आहार लेना चाहिए। कोशिश करें कि आपके आहार में विटामिन सी, ई, जिंक, कैल्शियम व विटामिन डी की भरपूर मात्रा हो। गर्भधारण करवाने से पहले विटामिन-मिनरल का सप्लीमेंट लें। इनमें थोड़ा फौलिक सीसा भी होगा तो आपके काम आएगी। यदि आप मधुमेह के रोगी हैं तो ब्लडशुगर नियंत्रित कर लें। जीवनशैली में सुधार :- शोध व अध्ययनों से पता चला है कि अगर गर्भधारण करवाने से पहले पुरुष साथी किसी भी तरह के ड्रग्स लेता है तो इससे उसकी यौन क्षमता प्रभावित होती है। ड्रग्स व शराब से न केवल स्पर्म की संरचना व गुणवत्ता प्रभावित होती है बल्कि टेस्टोसेहरान का स्तर भी घट जाता है। शिशु में जन्मजात दोष भी आ सकते हैं। शिशु का वजन घट सकता है। यदि आप ड्रग्स व शराब छोड़ सकें तो आपके महिला साथी के लिए भी ऐसा करना आसान हो सकता है। धूम्रपान न करें :- धूम्रपान करने से स्पर्म की संख्या घटती है तथा गर्भधारण करवाने में कठिनाई हो सकती है। यह धुँआ आपके आने वाले शिशु व महिला साथ के लिए भी खतरनाक है इसलिए इससे बचाव करना जरूरी है। इनसे बचें :- जी हां, पेंट, वार्निश, मैटल डीग्रीसर व पेस्टीसाइड आदि में ऐसे हानिकारक रसायन पाए जाते हैं, जिनके कारण आपको गर्भ धारण करवाने में कठिनाई हो सकती है। इनसे बचें या जहाँ तक संभव हो, इनके अधिक निकट संपर्क में न आएँ।  उन्हें रखें शीतल :- जी हाँ, हम आपके वृषणों (टेस्टीकल) की बात कर रहे हैं। यदि इन्हें जरूरत से ज्यादा गर्माहट मिले तो भी स्पर्म की संख्या घट सकती है। इन्हें बाकी शरीर के तापमान से थोड़ा ठंडा रखना ही बेहतर होता है। हॉट टब, हॉट बाथ, सोना बाथ, टाइट कपड़े व अंतर्वस्त्रों का ज्यादा प्रयोग न करें। सिंथैटिक पेंट व अंडरवियर भी गरमी के दिनों में ज्यादा गर्म होते हैं। उन्हें रखें सुरक्षित :- यदि आप फुटबॉल, सॉकटए बास्केट बॉल या घुड़सवारी जैसे खेल खेलते हैं तो शरीर के इन नाजुक अंगों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। जरूरत से ज्यादा साईकलिंग भी नुकसान पहुँचा सकती है क्योंकि उसमें लगातार निचले अंगों पर दबाव पड़ता है। यदि वह हिस्सा साइकिल चलाते समय थोड़ा सुन्न सा लगे तो गर्भधारण के दिनों में उसका इस्तेमाल न करना ही बेहतर होगा। परेशानी बढ़ने पर डॉक्टर के पास जाने से न घबराएँ।  शांत रहें :– यह आप दोनों के लिए बहुत अहमियत रखता है। तनाव से न केवल काम क्षमता घटेगी बल्कि स्पर्म की संख्या में भी कमी आएगी। इस बारे में ज्यादा न सोचें, सब कुछ प्राकृतिक तौर पर सहज हो जाएगा। इसके बाद…….? एक नई शुरूआत का वक्त है। गर्भधारण से पूर्व की तैयारी होने के बाद गर्भधारण वाले अध्याय से पढ़ना शुरू कर दें और इसका पूरा आनंद लें! यह भी पढ़ें – दूसरी बार कर रही हैं प्रेगनेंसी प्लान तो पहले क्रॉनिक रोगों पर पाएं काबू क्रॉनिक रोगों पर काबू पाएं