A mother gently holding her newborn baby close to her chest, touching her forehead to the infant’s head with a warm, loving expression. The soft, bright background enhances the tender moment between them.
This tender moment between a mother and her newborn captures the beauty of a precious new beginning.

Summary:न्यू बॉर्न बेबी के स्लीप पैटर्न से लेकर दिनचर्या तक

मां बनना एक खूबसूरत अनुभव है, लेकिन नवजात की देखभाल के साथ सही रूटीन बनाना भी जरूरी है। करीब छह से आठ सप्ताह के बच्चे आमतौर पर एक पैटर्न बनाने लगते हैं। ऐसे में उनके उठने-सोने के समय को ध्यान से ऑब्जर्व करना मददगार होता है

New Born Care: मां बनना अपने आप में एक बेहद खूबसूरत अनुभव होता है। लेकिन अगर आप एक न्यू बॉर्न की मां हैं तो उसे प्यार करने के अलावा कुछ बातों को ध्यान रखना जरुरी है। सबसे पहले बात आप जो भी रूटीन बच्चे के लिए सैट करें उसे बहुत हार्ड ना बनाएं, उसमें लचीलेपन और बदलाव की गुंजाईश बनी रहनी चाहिए। ध्यान दें कि अगर आप छह से आठ सप्ताह के बच्चे का एक रुटीन सैट करेंगी तो यह आदत उसके और आपके लिए बहुत अच्छी रहेगी। उसे अपनी आने वाली जिंदगी को एक रूटीन में रखने की आदत हो जाएगी।

सबसे पहले पैटर्न चैक

आमतौर से दो महीने के बच्चों का एक पैटर्न बन जाता है। आप इस पैटर्न को ध्यान से समझने का प्रयास करें। आप चाहें तो इसे एक डायरी में भी लिख सकती हैं। इससे आपको उनका रुटीन सैट करने में आसानी होगी। आपको पता चलेगा कि वो आमतौर पर किस समय उठते हैं। और दोबारा सोने के लिए वो कब तैयार होते हैं।

स्लीप पैटर्न करें फिक्स

A newborn baby peacefully sleeping, wrapped in a soft blanket and dressed in light blue clothing, with tiny hands resting near the face.
This peacefully sleeping newborn brings a sense of calm and sweetness to the entire home.

छोटे बच्चे अमूमन 14 से 16 घंटे सोते हैं लेकिन उनके सोने के टाइम बहुत थोड़ी देर के होते हैं। लेकिन न्यू बॉर्न का कुछ समय बीतने के बाद उन्हें आभास कराना शुरु कर दें कि दिन और रात क्या हैं। रात होने पर जब आप उन्हें सुलाना चाहती हैं हमेशा हाथों से जेंटल मसाज देकर रात के कपड़े पहनाएं।

इसके बाद अच्छे से फीड कराने के बाद लाइट को मद्धम कर दें। इसके बाद आप उन्हें एक फिक्स समय पर सुलाएं। कोई भजन या लोरी या कोई कहानी जो भी आप सुनाना चाहती हैं उसे सुनाएं। छोटा बच्चा है वो बीच में बार बार फीड लेने के लिए उठेगा ही, लेकिन इस दौरान लाइट को हल्का ही रखें। एक सूदिंग सा एंवॉयरमेंट बनाएं। वो धीरे धीरे इसे महसूस करने लगेगा। धीरे धीरे वो समझ जाएगा यह रात का सोने का टाइम है।

सुबह के काम हों समय पर

a close-up portrait of a woman tenderly holding a newborn baby against her chest.
a smiling woman holding a newborn baby.

जब बच्चा अपनी अच्छी सी नींद लेकर उठें तो आप रुम में माहौल को भी ऊर्जावान रखें। जैसे ही वो उठे आपको कडलिंग करनी हैं। यानी कि उसके साथ एक बहुत खूबसूरत टाइम स्पैंड करना है। उसे ग्रीड करें, उसे बताएं कि सुबह हो गई। इसके बाद उसकी साफ-सफाई और फीडिंग करवाएं।

बच्चा डेढ़ से दो महीने का है तो उसे अपने रूम से बाहर लेकर आएं। अगर आप जॉइंट फैमिली में रहते हैं तो कोई दिक्कत ही नहीं है कोई ना कोई उसे गोद में लेगा ही लेकिन अगर आप अकेली हैं तो उसे थोड़ी देर हॉल में लेकर आएं। अगर बालकनी में धूप आती है तो सुबह की धूप आप उसे दिखा सकती हैं। छोटा सा बच्चा है वो थककर दोबारा सो जाएगा।

स्लीप पैटर्न से बनता है रुटीन

अगर आपके बच्चे का स्लीप पैटर्न एक बार सैट हो गया तो उसकी बहुत सी चीजें अपने आप सैट हो जाती हैं। स्लीप पैटर्न के साथ ही आप उसके खेलने और घूमने का एक रूटीन सैट कर सकती हैं। वो जब दोपहर में सोकर उठे तो उसके खेलने का एक टाइम बनाएं। जब हर चीज का एक टाइम और पैटर्न रहेगी तो आप भी अपने और घर के कामों को उसके अनुसार एडजस्ट कर पाएंगी। इससे आपके अंदर भी एक पॉजिटिविटी बनी रहेगी।