यदि महीने के शुरु में ही माँ के शरीर में पर्याप्त मात्रा में फौलिक एसिड है तो उसके पूर्ण गर्भावस्था के दौरान न कभी गर्भपात की शिकायत और ना ही कभी कमजोरी  होगी। गर्भवती महिला को शरीर में फोलिक एसिड, प्रोटीन,कैल्शियम की मात्रा पूरी रखनी चाहिए।  गर्भावस्था के दौरान हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि माँ हमेशा प्रोटीन डाइट ही लें। प्रोटीन डाइट जैसे अंडा, पनीर, मछली व हरी पत्तेदार सब्जियों के सेवन से गर्भ में बच्चे का पूर्ण रूप से विकास होता है और बच्चा भी स्वस्थ पैदा होता है।

गर्भावस्था के दौरान आपके भोजन में हो ये जरुरी चीजें

आयरन- दिल्ली की डायटीशियन ऋतू अरोरा का कहना है कि गर्भवती महिलाओं को एक दिन में 27 मिलीग्राम आयरन की जरूरत होती है। 27 मिलीग्राम आयरन बच्चे को आक्सीजन के साथ रक्त की मात्रा को बढ़ाने में भी मदद करता है। आयरन मांस,सेम,मुर्गी, बीज और चावल जैसे खाद्य पदार्थों में होता है जिसे आप अपनी डायट में शामिल कर सकती हैं। मछली,चिकन,अंडे की जर्दी,ब्रोकली,मसूर, मटर,पालक, जामुन,सोयाबीन, किशमिश जैसे सूखे फल डायट में शामिल करें। आयरन का अधिक सेवन करने से प्रसव के दौरान होने वाले एनीमिया से बचा जा सकता है।

प्रोटीन- गर्भावस्था के दौरान अधिक प्रोटीन की आवश्कता होती है इससे बच्चे के विकास में मदद मिलती है। हर गर्भवती महिला को अपने भोजन में प्रोटीन को जरुर शामिल करना चाहिए। उच्च मात्रा का प्रोटीन हमें पनीर,दूध,दही,मछली, स्प्राउट्स,मांस,सेम,टोफू,नट आदि से भरपूर मिलता है। अगर आप शाकाहारी हैं तो आप सोयाबीन,उबले हुए चने,पनीर और टोफू ले सकती हैं। जिन खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है उन्हें अपनी डायट में शामिल जरुर करे।

 

कैल्शियम- गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम खाना आपके लिए बहुत जरुरी हैं। कैल्शियम के लिए रोजाना अपनी डायट में कम से कम 2 गिलास दूध शामिल करें। कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ दूध,दही,डेयरी उत्पाद, दलिया,साग,बादाम और तिल के बीज हैं इन्हें आप अपनी डायट में शामिल कर कैल्शियम की कमी को दूर कर सकती हैं ।

 

विटामिन डी- विटामिन डी की मात्रा हमेशा शरीर में पूरी होनी चाहिए ताकि कैल्शियम की कमी ना हो।  डायटीशियन ऋतू अरोरा का यह भी कहना है कि अगर गर्भवती महिला पूर्ण रूप से कैल्शियम ले भी रही है तो भी विटामिन-डी की कमी उस कैल्शियम को अब्सोर्ब कर लेगा।

फोलिक एसिड- फोलिक एसिड न्यूरल ट्यूब के दोष के जोखिम को कम करने में मदद करता है इसलिये हर गर्भवती मां के लिए फोलिक एसिड खाना बहुत जरूरी है। फोलिक एसिड हमें स्ट्रॉबेरी, संतरे, दलिया, पत्तेदार सब्जियों,फलों से भरपूर मात्रा में मिलते हैं, गर्भवती महिलायें अपने भोजन में इन्हें शामिल कर फोलिक एसिड पा सकती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि फोलिक एसिड (400 माइक्रोग्राम ) डायट में शामिल करें। आप चाहे तो इसे भोजन के रूप में या फिर गोली के रुप में लें, यह आप की इच्छा पर निर्भर करता है।

आयोडीन -समुद्री मछली और समुद्री नमक या आयोडीन युक्त नमक के साथ-साथ डेयरी उत्पाद आयोडीन के अच्छे स्त्रोत हैं। एक गर्भवती महिला को अपने गर्भस्थ शिशु के संपूर्ण विकास के लिए पर्याप्त मात्रा में आयोडीन शामिल करने की जरुरत है।

पेय पदार्थ- पेय पदार्थ विशेष रूप से पानी और ताजा फलों के रस रोजाना अपनी डायट में शामिल करें। नारियल पानी खूब पिएं, साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि आप स्वच्छ उबला हुआ या फिल्टर्ड पानी पीयें। गर्भावस्था के दौरान एक और बात का ख्याल रखें कि डिब्बाबंद जूस का सेवन कम ही करें, क्योंकि इनमें बहुत अधिक चीनी होती है ।

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