आप फलों पर छिड़के गए कीटनाशक के बुरे असर से चिंतित हैं। होना भी चाहिए क्योंकि इस समय आप दो लोगों के लिए खा रही हैं लेकिन क्या आपने सोचा कि जिस स्पंज से आपने आड़ू को साफ किया, वह तीन सप्ताह से आपकी सिंक में यूं ही पड़ा था? क्या वह साफ था? क्या आप उसी चाकू से नाशपाती नहीं काट रहीं,जिससे आपने रात को कच्चा चिकन काटा था। इन छोटी-मोटी बातों के कारण ही बड़ी-बड़ी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। पेट में हल्के दर्द से लेकर गंभीर उथल-पुथल तक…। छाती में जलन भी एक लक्षण हो सकता है इसलिए जरा स्मार्ट मॉम बनें।
- जब भी किसी खाने-पीने की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो तो उसे फेंकने में ही भलाई है । खाने से पहले पैकेट पर दिए लेबल पढ़ना न भूलें ।
- जो मीट, अंडे या फिश फ्रिज में रखें हो या बर्फ पर न पड़े हों, उन्हें कभी न खरीदें । डिब्बे खोलने से पहले धोएं और अपना कैन आपनर भी समय-समय पर गर्म पानी से धोएं ।
- खाने से पहले, मीट अंडे व मांस छूने के बाद अपने -हाथ धोएं । हाथ मे कट हो तो खाना पकाने से पहले दस्ताना पहने । समय-समय पर दस्ताने भी धोएं ।
- किचन का काउंटर व सिंक साफ रखें । बर्तन धोने का स्पंज व कपड़ा साफ रखें व समय-समय पर बदलें ।
- ठंडा खाना ठंडा व गर्म खाना गर्म ही परोसें । बचा खाना उसी समय फ्रिज में लगाएं और भाप में गर्म करने के बाद ही खाएं । फ्रिजर में रखा सामान यदि पिघल गया हो तो दोबारा फ्रीज करके न खाएं ।
- फ्रिज के तापमान की समय-समय पर जांच करें । फ्रिज का तापमान 0°F पर होना चाहिए । अगर आपका फ्रिजर ऐसा नहीं है तो भी कोई बात नहीं!
- फ्रीज में रखे जाने वालों भोजन को कमरे के तापमान पर न गलाएं । अगर आप जल्दी में हैं तो उसे ठंडे पानी में गलाकर इस्तेमाल करें ।
- मीट, फिश या पोस्ट्री को काउंटर की बजाय फ्रिज में मैरीनेट करें । बाद में मैरीनेट हटा दें क्योंकि इसमें जहरीले बटन हो सकते हैं । अगर आप मैरीनेट को डिप की तरह इस्तेमाल करना चाहें तो कुछ हिस्सा पहले ही निकाल कर रखें । हर बार मैरीनेट के लिए क्या लगाए।
- गर्भावस्था मे कच्चा या अधपका मीट, पोली, फिश या सी-फूड न खाएं । ये सभी खाद्य पदार्थ उचित तापमान पर पकाए जाने चाहिए ।

- अंडे अच्छी तरह फेंट कर ही पकाएं । अगर किसी व्यंजन में कच्चे अंडे डाले गए हैं तो उन्हें अपनी अंगुलियां काटने से बाज आएं । यदि अंडे पाश्चराइज हों तो बेहतर होगा ।
- कच्ची सब्जिया अच्छी तरह धोए । यह जरूरी नहीं कि ऑर्गेनिक सब्जी की धूल मिट्टी और प्रदूषण से रहित होगी ।
- ऐसे अंकुरित पदार्थ न लें, जिनमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना हो ।
- पाश्चराइज डेयरी उत्पाद ही लें व इन्हें फ्रिज मे रखें । अनपाश्चराइज दूध से बने चीज व डेयरी उत्पाद न ही लें तो बेहतर होगा । यदि खाने ही हों तो उन्हें अच्छी तरह पका लें ।
- हॉट डॉग, डेली मीट व कोल्ड स्मोक्ख सी फूड भी संक्रमित हो सकता है । सावध -नी के तौर पर कोई भी मीट खाने से पहले भाप में गर्म कर लें ।
- जूस को पाइश्चराइज होना चाहिए। ईख फूड स्टोर हो या रोड के किनारे बना स्टैंड, हमेशा पाश्चराइज जूस ही पीए। यदि उसके बारे में पक्का पता न हो तो उसे न पीएं ।
- बाहर खाना खाते समय साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दें । यदि खराब होने वाले खाद्य पदार्थ बाहर ही
- पड़े हों और बाथरूम गंदे पड़े हों तो वृहां मक्खियों को आने का खुला निमंत्रण मिलता है, ऐसी जगह न जाना ही ठीक रहेगा।
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