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Healthy Diet: गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित भोजन
Healthy Diet

Healthy Diet: आपके घर में कोई गर्भवती है या नहीं भी है तो भी आप अक्सर आजकल बाजार में मिलने वाले फलों पर छिड़के गए कीटनाशकों के बुरे असर से चिंतित हो जाती हैं। होना भी चाहिए क्योंकि इससे आपके परिवार का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। 

ऐसे में अगर आप गर्भवती हैं तब तो आपकी चिंता बढ़ना लाजमी ही है क्योंकि इस समय आप दो लोगों के लिए खा रही हैं। लेकिन क्या आपने सोचा कि जिस स्पंज से अपने अपने बर्तनों को साफ किया, वह तीन सप्ताह से आपके सिंक में यू ही पड़ा था। क्या वह साफ था।

क्या आप उसी चाकू से नाशपाती नहीं काट रहीं, जिससे आपने रात को कच्चा चिकन काटा था। इन छोटी-मोटी बातों के कारण भी बड़ी-बड़ी परेशानियां खड़ी हो जाती हैं। पेट में हल्के दर्द से लेकर गंभीर उथल-पुथल तक…। छाती में जलन भी एक लक्षण हो सकता है इसलिए अब आप जरा स्मार्ट माॅम बनें।

जब भी किसी खाने-पीने की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो तो उसे फेंकने में ही भलाई है। खाने से पहले पैकेट पर दिए लेबल पढ़ना न भूलें।

  1. जो मीट, अंडे या फिश फ्रिज में रखें हों या बर्फ पर न पड़े हों, उन्हें कभी न खरीदें। डिब्बे खोलने से पहले धोएं और अपना केन ओपनर भी समय-समय पर गर्म पानी से धोएं।
  2. खाने से पहले, मीट अंडे व मांस छूने के बाद अपने हाथ धोएं। हाथ में कट हो तो खाना पकाने से पहले दस्ताना पहनें। समय-समय पर दस्ताने भी धोएं।
  3. किचन का काउंटर व सिंक साफ रखें। बर्तन धोने का स्पंज व कपड़ा साफ रखें व समय-समय पर बदलें।
  4. ठंडा खाना ठंडा व गर्म खाना गर्म ही परोसें। बचा खाना उसी समय फ्रिज में लगाएं और भाप में गर्म करने के बाद ही खांए। फ्रिज में रखा सामान यदि पिघल गया हो तो दोबारा फ्रीज़ करके न खाएं।
  5. फ्रिज के तापमान की समय-समय पर जांच करें। फ्रिज का तापमान 0 डिग्री पर होना चाहिए। अगर आपका फ्रिजर ऐसा नहीं है तो भी कोई बात नहीं।
  6. फ्रिज में रखे जाने वालों भोजन को कमरे के तापमान पर न गलाएं। अगर आप जल्दी में हैं तो उसे ठंडे पानी में गलाकर इस्तेमाल करें।
  7. मीट, फिश या पोल्ट्री को काउंटर की बजाय फ्रिज में मैरीनेट करें। बाद में मैरीनेट हटा दें क्योंकि इसमें जहरीले पदार्थ हो सकते हैं। अगर आप मैरीनेट को डिप की तरह इस्तेमाल करना चाहें तो कुछ हिस्सा पहले ही निकाल कर रखें। 
  8. गर्भावस्था में कच्चा या अधपका मीट, पोल्ट्री  फिश या सी-फूड न खाएं। ये सभी खाद्य पदार्थ उचित तापमान पर पकाए जाने चाहिए।
  9. अंडे अच्छी तरह फेंट कर ही पकाएं। अगर किसी व्यंजन में कच्चे अंडे डाले गए हैं तो उन्हें अपनी अगुंलियां काटने से बाज आएं। यदि अंडे पाश्चराइज़ हों तो बेहतर होगा।
  10. कच्ची सब्जियां अच्छी तरह धोएं। यह जरूरी नहीं कि आॅर्गेनिक सब्जी की धूल मिट्टी और प्रदूषण से रहित होगी।
  11. ऐसे अंकुरित पदार्थ न लें, जिनमें बैक्टीरिया पनपने की संभावना हो।
  12. पाश्चराइज्ड डेयरी उत्पाद ही लें व इन्हें फ्रिज में रखें। अनपाश्चराइज़ दूध से बने चीज़ व डेयरी उत्पाद न ही लें तो बेहतर होगा। यदि खाने ही हों तो उन्हें अच्छी तरह पका लें।
  13. हाॅट डाॅग, डेली मीट व कोल्ड स्मोक्ड सी फूड भी संक्रमित हो सकता है। सावधानी के तौर पर कोई भी मीट खाने से पहले भाप में गर्म कर लें।
  14. जूस को पाइश्चराइज होना चाहिए। ईख फूड स्टोर हो या रोड के किनारे बना स्टैंड हमेशा पाश्चराइज़ जूस ही पिएं। यदि उसके बारे में पक्का पता न हो तो उसे न पीएं।
  15. बाहर खाना खाते समय साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दें। यदि खराब होने वाले खाद्य पदार्थ बाहर ही पड़े हों और बाथरूम गंदा पड़ा हाे तो वहां मक्खियों को आने का खुला निमंत्रण मिलता है, ऐसी जगह न जाना ही ठीक रहेगा।

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