Summary: गर्भावस्था में उल्टी की रोकथाम के लिए अपनाएं ये कारगर उपाय
गर्भावस्था में होने वाली उल्टी और जी मिचलाने की समस्या से पुदीना, अदरक, नींबू, सौंफ, तुलसी और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक घरेलू उपायों से राहत मिल सकती है। ये उपाय शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने के साथ-साथ मॉर्निंग सिकनेस को भी कम करते हैं।
Pregnancy Vomiting Relief: गर्भावस्था के समय हर महिला को कई तरह के शारीरिक मानसिक और हार्मोनल बदलावों से होकर गुजरना पड़ता है। इन बदलावों और परेशानियों में सबसे आम दिखात है सुबह की उल्टी या इसे मॉर्निंग सिकनेस। यह दिक्कत खासतौर पर प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में सबसे अधिक महसूस होती है। लगातार जी मचलाना और उल्टी होने से गर्भवती महिला की दिनचर्या और उसके शरीर का ऊर्जा स्तर प्रभावित होने लगते हैं। हालांकि यह पूरी तरह से एक सामान्य स्थिति है, लेकिन इसपर ध्यान देना बहुत जरूरी है। कुछ प्राकृतिक और बेहद सुरक्षित घरेलू उपाय की मदद से इस समस्या से आराम पाया जा सकता है।
ये सभी उपाय बेहद सुरक्षित हैं लेकिन फिर भी इन्हें अपनाने से पहले अपनी डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।
ठंडक और राहत देगा पुदीना

पुदीना पेट को ठंडक का एहसास देता है और उसकी खुशबू से उल्टी में राहत मिलती है। उल्टी के साथ एसिडिटी होने पर भी पुदीने का रस मददगार साबित होता है।
इस तरह करें उपयोग
पुदीने की चाय पिएं। ताजे पुदीने के पत्ते चबाएं। नींबू और पुदीने का शरबत भी इस परेशानी में फायदेमंद होता है।
अदरक है रामबाण इलाज
प्रेग्नेंसी में जी मचलाने पर अदरक को रामबाण इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। अदरक में मौजूद प्राकृतिक गुण पेट की गड़बड़ी और उल्टी की समस्या से काफी हद तक राहत दिलाते हैं।
उपयोग की विधि

अदरक की चाय बनाकर दिन में दो से तीन बार पिएं। चाहें तो अदरक के भुने हुए छोटे टुकड़े को दांतों के बीच में रखें या हल्के-हल्के चबाएं। अदरक के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका सेवन करें।
सूखा नाश्ता या ग्लूकोस वाला बिस्कुट
सुबह खाली पेट रहना उल्टी की परेशानी को बढ़ावा देता है। ऐसे में आप हल्का नाश्ता जरूर करें,
इस तरह करें उपयोग
बिस्तर से उठने से पहले एक-दो ग्लूकोस बिस्कुट या टोस्ट खा लें। दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाते रहें।
नींबू की शक्ति
नींबू की भीनी-भीनी खुशबू और उसका मौजूद खट्टापन उल्टी की भावना को कम करने में मदद करता है, साथ ही पेट को शान्ति का एहसास कराता है।
इस तरह करें उपयोग

हल्के गुनगुने पानी में नींबू के रस के साथ थोड़ा सा शहद घोल कर पिएं। नींबू को सूंघने से भी उल्टी से खराब मन को राहत मिलती है। घर पर बनाई हुई नींबू की कैंडी या फिर गुनगुने नींबू पानी का सेवन करें।
हाइड्रेशन का स्रोत नारियल पानी
नारियल पानी शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता है और साथ ही कमजोरी से भी बचाता है।
इस तरह करें उपयोग
दिन में एक-दो बार नारियल पानी जरूर पिएं। नारियल पानी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर की ऊर्जा बनाए रखते हैं।
आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी तुलसी
तुलसी के पत्ते पेट को अंदर तक ठंडक पहुंचाते हैं और जी मचलाने की भावना को काम करते हैं।

इस तरह करें उपयोग
तुलसी की ताज़ी पत्तियां चबाएं, पेट में काफी ठंडक महसूस होगी। दूध वाली चाय की जगह खाली तुलसी की चाय बनाकर पिएं।
पारंपरिक उपाय है सौंफ

सौंफ में मौजूद तत्व मिचली और उल्टी में काफी राहत देते हैं। सौंफ अपने ठंडक भरे स्वभाव के लिए जाना जाता है। पेट को ठंडक देने के साथ ही अपनी खुशबु की मदद से उल्टी की भावना को दूर करता है।
इस तरह करें उपयोग
एक छोटा चम्मच सौंफ लें और थोड़ा-थोड़ा लेकर इसे अच्छी तरह चबाएं। सौंफ की चाय बनाकर दिन में दो से तीन बार पिएं।
