Mental Health Tips: इन दिनों मूड स्विंग होना या अवसाद होना आम हो चला है। खान-पान में सावधानी न बरतना इसका मुख्य कारण है। हमारा मानसिक स्वास्थ्य ज्यादातर हमारे खान-पान पर निर्भर करता है। आपने सुना ही होगा जैसा ‘अन्न वैसा मन’ इसलिए जरूरी है कि हम अपने अच्छे स्वास्थ्य के लिए अच्छा खाना खाएं अपने खान-पान का ध्यान रखें। चूंकि, त्योहार का मौसम है तो जाहिर है कि आप उसकी तैयारियों में जुट जाएंगे ऐसे में कई बार आपको घबराहट होने लगती है। अति-उत्साहित होने से हमारा रक्त प्रवाह तेज होने लगता है, जिसकी वजह से ऐसी स्थिति बन जाती है। वैसे तो त्योहार का महीना बहुत सकारात्मक होता है लेकिन हमें कई बार इन दिनों में तैयारियों को लेकर एंजायटी होने लगती है। एंजायटी लोगों में आम होने लगी है। जैसा कि हम जानते हैं कि एंजायटी होना हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा है। इसलिए हम इस लेख में ये जानेंगे कि आप एंजायटी से और खासकर त्योहारों में होने वाली एंजायटी से आप खुद को कैसे स्थिर और स्वस्थ रखें।
मेन्टल हेल्थ क्या है?
व्यक्ति के जीवन पर मानसिक स्वास्थ्य का बहुत प्रभाव पड़ता है। यदि मानसिक स्वास्थ्य अच्छा न हो तो व्यक्ति परेशान रहने लगता है। खराब मानसिक स्वास्थ्य के कारण व्यक्ति को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मानसिक स्वास्थ्य हमारे आत्मविश्वास पर निर्भर करता है। मनोवैज्ञानिक स्तर, भावनात्मक संतुलन और सामाजिक खुशहाली मानसिक स्वास्थ्य के अंतर्गत आता है।
क्या हैं एंजायटी के लक्षण

एंजायटी यानी घबराहट होने के कई लक्षण सामने आते हैं। जब हम एंग्जायटी महसूस करते हैं तो हम तनाव में रहते हैं, एक अजीब तरह की बेचैनी होती है और कई बार इसका ठीक-ठीक कारण भी नहीं समझ पाते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि व्यक्ति के चेहरे से जाहिर नहीं होता कि व्यक्ति तनाव में है लेकिन अंदर ही अंदर व्यक्ति परेशान रहता है। इसी तरह एक लक्षण ये भी है कि किसी न किसी चीज से डर लगता है। ऐसा कहा जाता है कि किसी भी बात को ज्यादा नहीं सोचना चाहिए लेकिन हम ज्यादा सोचकर अपने तनाव को बढ़ाते हैं।
त्योहारों में होती है घबराहट

त्योहार में जहां हर ओर खुशियां नजर आती है, वहीं चिंताएं भी घेर लेती है कि आखिर त्योहार की तैयारी कैसे होगी। त्योहार में ऐसा अकसर देखा गया है कि हम खरीदारी और साज-सजावट इत्यादि को लेकर परेशान रहने लगते हैं और इन तैयारियों में इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि अपने खाने-पीने का कोई खयाल नहीं रहता। ज्यादा सोचते रहने के कारण हम त्योहार को खुशी-खुशी मनाने की जगह अपना मन उदास कर लेते हैं। अपने द्वारा की गई तैयारियों से असंतुष्ट रहकर अपना पूरा त्योहार खराब कर लेते हैं।
त्योहार में कैसे रहें एंजायटी फ्री
रोज करें व्यायाम: न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी व्यायाम बहुत जरूरी है। अगर आप मानसिक तनाव में हैं तो व्यायाम जरूर करें, इससे आप काफी बेहतर महसूस करेंगे। व्यायाम करने से सभी प्रकार की चिंताओं से मुक्ति मिलेगी।
ध्यान करना है जरूरी: ध्यान अथवा मेडिटेशन से आप एंजायटी से मुक्ति पा सकते हैं। हम अपनी भाग-दौड़ की जिंदगी की परेशानियों में उलझे रहते हैं। खासकर, त्योहारों के सीजन में तो अपने लिए बिलकुल वक्त नहीं मिलता इसलिए रोज ही मेडिटेशन के लिए वक्त निकालें।
मंत्रोच्चारण: चूंकि त्योहार का मौसम है तो वातावरण सकारात्मक रहता है। ऐसे में आप अगर मंत्रोच्चारण करते हैं तो आप पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है। आपका मन शांत होता है। आप महसूस करते हैं कि आपकी चिंता या घबराहट खत्म हो रही है।
एकांत न रहें: जब घबराहट होने लगे या मन घबराने लगे तो एकांत बिलकुल मत रहिये। हो सके तो अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार से बात करें। त्योहार का महीना है तो ऐसे में आप अपने घरवालों, दोस्तों के साथ शॉपिंग करने जा सकते हैं। कई बार एंजायटी होने लगती है और अपने मन को अच्छा करने के लिए आप लोगों से मिल सकते हैं, घूम सकते हैं।
खाने का रखें खास ध्यान: शारीरिक हो या मानसिक स्वास्थ अच्छे खान पान पर निर्भर है। त्योहारों में हम अपने शरीर की फिक्र किए बिना ही जरूरत से ज्यादा तला-भुना और तीखा खा लेते हैं जिससे हमारा मानसिक स्वास्थ्य खराब होता है। अच्छा खाना पीना आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए उतना ही जरूरी है जितना की शारीरिक स्वास्थ्य के लिए। यदि आप जंक फूड ज्यादा खाते हैं तो उसका बुरा असर आपके शरीर के साथ-साथ आपके मेन्टल स्वास्थ को भी खराब करता है। इसलिए बहुत जरूरी है कि हेल्दी खाना ही खाएं। ठ्ठ
