Lehsuni Tikki Recipe
Pain Relief Oil Credit: Istock

Mustard Oil for Knee Pain: सरसों का तेल यानी मस्‍टर्ड ऑयल आयुर्वेद की दृष्टि से बे‍हद गुणकारी होता है। ये सिर्फ सब्जियों का स्‍वाद ही नहीं बढ़ाता बल्कि उसमें कई तरह के पोषण तत्‍वों को भी ऐड करता है। सरसों के तेल घुटने और मांसपेशियों में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है। यदि आप इस तेल में थोड़ा सा लहसुन मिला दें तो ये जादूई दवा का काम कर सकता है। जी हां, लहसुन अपने तीखे स्‍वाद के साथ-साथ स्‍वास्‍थ्‍य और औषधीय लाभों के लिए अधिक लोकप्रिय है। इसमें एलिसिन और डायलिल सल्‍फाइड नामक कंपाउंड होता है, जो एंटी-बैक्‍टीरियल और एंटी-फंगल ट्रीटमेंट का काम करते हैं। लहसुन में विटामिन, फैटी एसिड, आयरन और सल्‍फ्यूरिक एसिड होते हैं जो आपकी ओवरऑल हेल्‍थ को दुरुस्‍त रखने में मदद कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं लहसुन और सरसों के तेल के फायदों के बारे में। साथ ही जानते हैं इसे घर पर आसानी से कैसे तैयार किया जा सकता है।

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जोड़ों के दर्द से राहत

सरसों के तेल के फायदे
relief from joint pain

लहसुन और सरसों के तेल की मसाज करने से पुरानी से पुरानी अर्थराइटिस की समस्‍या में लाभ मिल सकता है। इस तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो मांसपेशियों की जकड़न को कम करके दर्द से राहत दिला सकता है। साथ ही ये घुटनों में ग्रीसिंग का काम करता है जिससे चलने और बैठने में आसानी हो जाती है। लहसुन और सरसों के तेल का उपयोग हफ्ते में तीन दिन किया जा सकता है। इसे गुनगुना करके इस्‍तेमाल करने से अधिक फायदा होता है।

सर्दी-जुकाम में आराम

लहसुन और सरसों का तेल सर्दी और जुकाम में बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इस तेल की नियमित मसाज से शरीर में गर्मी बनी रहती है। लहसुन के तेल का उपयोग सर्दी के दिनों में नाक बंद, छाती में जकड़न और खांसी की समस्‍या होने पर किया जा सकता है। इसमें भरपूर मात्रा में एंटी-वायरल और एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण होते हैं जो इम्‍यूनिटी को बूस्‍ट करने में मदद कर सकते हैं। लहसुन का तेल इस्‍तेमाल करने से पहले इसे पूरी तरह से पकाना आवश्‍यक है। इस तेल को दिन में एक बार या रात को सोते समय पीठ और छाती में लगाना चाहिए।

स्किन को बनाएं शाइनी

लहसुन का तेल सिर्फ जोड़ों के दर्द में ही नहीं बल्कि स्किन को हेल्‍दी बनाने का काम भी बखूबी कर सकता है। जिन लोगों को स्किन इंफेक्‍शन की समस्‍या रहती है उनके लिए ये तेल रामबाण है। ये स्किन को मॉइश्‍चराइज करने के साथ रैसेज और दानों से भी निजात दिला सकता है। लहसुन और सरसों से बना तेल गर्म होता है इसलिए इसका उपयोग हफ्ते में केवल एक ही बार किया जा सकता है। हालांकि ये तेल सबको सूट नहीं करता इसलिए इसे लगाने से पहले पैच टेस्‍ट करना आवश्‍यक है।

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पोस्‍ट डिलीवरी दर्द में आरामदायक

सरसों के तेल के फायदे
Relief from post delivery pain

डिलीवरी के बाद कई महीनों तक महिलाओं के शरीर में बेहद दर्द रहता है। इस दर्द को कम करने के लिए लहसुन और सरसों के तेल की मसाज की जा सकती है। ये तेल बेहद फायदेमंद होता है इससे मांसपेशियों के दर्द, सरदर्द, बदन दर्द और जकड़न से राहत मिल सकती है।

सरसों और लहसुन का तेल कैसे बनाएं

एक पैन में सरसों का तेल और लहसुन की 7-8 कलियों को अच्‍छी तरह पका लें। तेल को कुछ देर के लिए ठंडा होने के लिए रख दें। कुछ देर बाद इसका इस्‍तेमाल मसाज के तौर पर करें। बचे हुए तेल को एक कांच के जार में भरकर रख दें। तेल का इस्‍तेमाल करने से पहले इसे गर्म करना न भूलें।