Humming To Cure Asthma: साँस से संबंधित समस्याएँ जैसे साइनस, अस्थमा आजकल काफ़ी बढ़ रही है। इसके लिए लोग कई तरह की दवाइयां और उपचार करते हैं लेकिन फिर भी उतना लाभ नहीं होता है। लेकिन आज हम आपको ऐसा तरीक़ा बताने जा रहे हैं जिससे आपको इस समस्या में काफ़ी हद तक राहत मिल सकती है। यह तरीक़ा है गुनगुनाना या हमिंग। जी हाँ, दिन में सिर्फ़ 15 मिनट आपको यह श्वसन तंत्र को क्लियर करने वाली यह एक्सरसाइज करनी है। जानते हैं इसके बारे में-
हमिंग या गुनगुनाना

जब आप मुँह बंद करके कुछ गुनगुनाते हैं तो आपको साँस से संबंधित समस्याओं में आराम मिलता है। दरअसल, इससे नाक में जाने वाले नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। शोधकर्ताओं के अनुसार गुनगुनाते समय नाइट्रिक ऑक्साइड की मात्रा 15 गुना बढ़ जाती है। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि गुनगुनाते समय फंसे हुए साइनस स्रावों में से कुछ नाइट्रिक ऑक्साइड के साथ बाहर निकल जाते हैं जिससे संक्रमण ठीक हो जाता है। इससे साइनसाइटिस और अस्थमा दोनों कम हो सकते हैं।
नाइट्रिक ऑक्साइड क्यों महत्वपूर्ण है
नाइट्रिक ऑक्साइड एक प्राकृतिक ब्रोन्कोडायलेटर का काम करती यह शरीर में स्वाभाविक रूप से निर्मित होता रहता है। नाइट्रिक ऑक्साइड वायुमार्ग को आराम देने में मदद करता है और उन्हें बहुत ज़्यादा सीमित होने से रोकता है।
क्या होता है अस्थमा और साइनस में

अस्थमा में लंग्स के वायुमार्ग में सूजन आ जाती है। कई बार सांस की नलियों में कफ जमा हो जाता है, जिससे यह समस्या बढ़ सकती हैं। इससे खांसी और सर्दी की समस्या होती है। इससे घरघराहट, खांसी, सीने में जकड़न और सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएँ हो जाती है। साइनस ज्यादातर बैक्टीरिया और संक्रमण की वजह से होता है। इसमें नाक बंद हो जाती है और तेज सिरदर्द होता है। लंबे समय तक साइनस की समस्या रहने से इससे अस्थमा भी हो सकता है।
हमिंग के दूसरे फ़ायदे
- जब आप गुनगुनाते हैं तो आपका मन खुश होता है और आप रिलैक्स्ड महसूस करते हैं। इससे गुड हॉर्मोन सीक्रेट होते हैं और मूड अच्छा रहता है।
- इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और मौसमी बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
- हमिंग से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और हार्ट हेल्थ भी बूस्ट होती है।
- इससे फोकस बढ़ता है और बेहतर एकाग्रता और स्मरण शक्ति होती है।
- इससे तनाव दूर होता है।
- अगर आपको रात में नींद आने की समस्या है तो आपके लिए हमिंग काफ़ी फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे बैचैनी कम होती है और बेहतर नींद आती है।
किसी भी समय कर सकते हैं
आप चाहें तो हमिंग मैडिटेशन में ओम का जाप भी कर सकते हैं, लेकिन ऐसा ज़रूरी नहीं है कि आप हमिंग के लिए बैठकर ओम का जाप ही करें। आप कोई गाना भी गुनगुना सकते यह भी ज़रूरी नहीं है कि आप किसी तय समय पर ही हमिंग करें। आप कभी भी दिन के किसी भी समय इसको कर सकते हैं।
तो, आप भी साँस की बीमारियों से दूर रहने के लिए हर दिन ये एक्सरसाइज ज़रूर करें।
