Herbal Tea Benefits: बदलते मौसम के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, और जरा सी लापरवाही से तबीयत बिगड़ सकती है। इस दौरान खांसी, जुकाम, गले में संक्रमण और सूजन जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन परेशानियों से बचाव और राहत के लिए हर्बल टी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। हर्बल टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स कोल्ड और फ्लू के वायरस से लड़ने में मदद करते हैं, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं और गले के दर्द व सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। इसके सेवन से गले में नमी बनी रहती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम होता है और गले की खराश में राहत मिलती है। आइए जानते हैं कुछ ऐसी हर्बल टी के बारे में, जो खांसी, गले में दर्द और खराश से आराम दिलाने में मददगार साबित हो सकती हैं।
अदरक की चाय
अदरक अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है, जो गले में खराश, दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। खांसी और गले के संक्रमण से राहत पाने के लिए अदरक की चाय एक प्रभावी घरेलू उपाय हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीमाइक्रोबियल गुण वायरस से लड़ने में सहायक होते हैं। अदरक की चाय बनाने के लिए, अदरक के टुकड़ों को पानी में उबालें और फिर इसमें शहद मिलाकर पिएं। यह चाय गले को आराम देने के साथ-साथ संक्रमण से लड़ने में भी मदद करती है।
कैमोमाइल चाय
कैमोमाइल अपनी कई स्वास्थ्य लाभों के कारण हाल के वर्षों में काफी लोकप्रिय हो गई है। यह न केवल सबसे आसानी से उपलब्ध हर्बल चाय में से एक है, बल्कि प्राचीनकाल से इस्तेमाल किए जाने वाले हर्बल उपचारों में भी शामिल है। कैमोमाइल चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो गले की खराश और सूजन को कम करने में सहायक माने जाते हैं। इसे बनाने के लिए, कैमोमाइल के फूलों को पानी में उबालें और जब उनका अर्क पानी में मिल जाए, तो इसमें शहद मिलाकर सेवन करें। यह चाय गले को आराम देने के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती है।
पुदीना की चाय
पुदीना चाय का सेवन खांसी की समस्या को दूर करने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण गले की जलन और संक्रमण को कम करने में सहायक होते हैं। पुदीना में पाया जाने वाला मेंथॉल सांस की नली को साफ करता है और कफ को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे गले में जमे बलगम से राहत मिलती है। इस चाय को बनाने के लिए, ताजा पुदीना पत्तियों को पानी में उबालें। जब पानी में पुदीना का अर्क आ जाए, तो इसमें शहद मिलाकर छान लें और सेवन करें।
लौंग की चाय
गले की खराश से राहत पाने के लिए लौंग की चाय एक प्रभावी उपाय हो सकती है। लौंग में एंटीफंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं। इस चाय को बनाने के लिए, पानी में लौंग, अदरक और शहद डालकर उबालें। जब मिश्रण अच्छी तरह उबल जाए, तो इसे छानकर पी लें। गले की खराश दूर करने के लिए, लौंग को दूध में डालकर पीना भी फायदेमंद हो सकता है।
काली मिर्च और दालचीनी की चाय
गले की खराश से राहत पाने के लिए काली मिर्च और दालचीनी की चाय का सेवन फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए गर्म पानी में काली मिर्च और दालचीनी मिलाकर उबालें और फिर इसे छानकर सुबह-शाम पिएं। खांसी से राहत पाने के लिए इसमें नींबू का रस भी मिला सकते हैं। काली मिर्च में एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं, जबकि दालचीनी का सेवन गले के संक्रमण को ठीक करने में सहायक होता है।
तुलसी की चाय
तुलसी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-वायरल गुण होते हैं, जो संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं। इसके पत्तों को पानी में उबालकर चाय बनाएं और गर्मागरम सेवन करें। तुलसी गले की सूजन को कम करने, इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने और खांसी से राहत दिलाने में कारगर है। बेहतर परिणाम के लिए इस चाय को दिन में दो बार पिएं।
