Heart Palpitations Remedy: हार्ट बीट या दिल की धड़कन का बढ़ना, पसीने आना और बेचैनी जैसे लक्षण महसूस होना अनियमित या असामान्य हार्ट कंडीशन का एक प्रकार है, जिसे एरिथामिया के नाम से जाना जाता है। इस स्थिति में हार्ट रिदम स्थिर नहीं रहती, दिल तेजी से धड़कता है और बेचैनी महसूस हो सकती है। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति की हार्टबीट 60 से 100 धड़कन प्रति मिनट तक रहनी चाहिए लेकिन जब ये 120 या इससे अधिक हो जाए तो थोड़ी सावधानी बरतनी आवश्यक हो जाती है। दिल की धड़कन का बढ़ना सामान्य नहीं होता, ये किसी कार्डियोवेस्कुलर समस्या का संकेत भी हो सकता है। इसे नियंत्रित और सामान्य करने में कई घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। लेकिन इसके पहले हार्ट बीट तेज होने के कारण और लक्षणों के बारे में जानना बेहद जरूरी है।
क्यों होती है हार्ट बीट तेज (Why Is The Heartbeat Fast)

हार्ट बीट तब तेज हो जाती है जब हार्ट की पंपिंग एक्टिविटी में कोई रुकावट आने लगती है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। हालांकि ज्यादातर मामलों में ये कोई गंभीर समस्या नहीं होती लेकिन इसे नजरअंदाज करने की भूल भी न करें। चलिए जानते हैं हार्ट बीट तेज होने के संभावित कारणों के बारे में।
डिहाइड्रेशन
डिहाइड्रेशन तब होता है जब तरल पदार्थ के कम सेवन से शरीर में पानी की मात्रा में कमी आ जाती है। डिहाइड्रेशन होने से हार्टबीट पर तेजी से प्रभाव होता है और घबराहट होने लगती है। तेज हार्टबीट को टैचीकार्डियो के रूप में भी जाना जाता है। जिसमें प्रतिमिनट 100 से अधिक हार्टबीट को मेजर किया जा सकता है। डिहाइड्रेशन के दौरान हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
कैफीन का अधिक सेवन
कैफीन एक उत्तेजक है और असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में लेने से अनियमित हार्ट बीट की समस्या हो सकती है। आमतौर पर एक दिन में 10 ग्राम से अधिक कैफीन का सेवन हार्ट डिजीज का कारण बन सकता है। चाय और कॉफी के अलावा एनर्जी ड्रिंक, चॉकलेट और सप्लीमेंट्स में भी अधिक मात्रा में कैफीन पाई जाती है।
अल्कोहल
अल्कोहल हार्ट बीट को सामान्य स्तर से काफी बढ़ा सकती है। अधिक अल्कोहल के सेवन से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इलेक्ट्रोलाइट गड़बड़ी भी हो सकती है। ये दोनों ही दिल ही धड़कन बढ़ने का कारण हो सकते हैं। इसलिए जो लोग नियमित रूप से अल्कोहल का सेवन करते हैं उन्हें कम मात्रा में पीने की सलाह दी जाती है। महिलाओं को प्रतिदिन शराब का एक पैग या पुरुषों को 2 पैग से अधिक नहीं पीना चाहिए।
एंग्जाइटी
चिंता या एंग्जाइटी हार्ट पल्पीटेशन के आम कारणों में से एक है। तेज हार्ट बीट स्ट्रैस हार्मोन और नर्वस सिस्टम की सक्रियता के कारण हो सकती है जो पैनिक अटैक को ट्रिगर कर सकती है। हालांकि पैनिक अटैक अस्थायी होते हैं और किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं होते।
लो ऑक्सीजन लेवल
ब्लड में लो ऑक्सीजन लेवल, जिसे हाइपोक्सिमिया कहा जाता है, भी तेज हार्टबीट का कारण हो सकता है। लो ऑक्सीजन लेवल लंग्स इफेक्शन, निमोनिया और कई हार्ट डिजीज के कारण हो सकता है।
एनीमिया
एनीमिया की वजह से कई शारीरिक समस्याएं आ सकती हैं जिसमें से तेज हार्ट बीट होना काफी सामान्य है। शरीर में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को पहुंचाने के लिए हार्ट बीट सामान्य से अधिक बढ़ जाती है। जिसके परिणामस्वरूप दिल की तेज धड़कन की अनुभूति हो सकती है।
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क्या हैं हार्ट बीट बढ़ने के संभावित लक्षण (Symptoms Of Increase Heartbeat

कई लोगों को हार्ट बीट तेज होने पर किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस नहीं होते हैं लेकिन थकान और सांस लेने में परेशानी इस बात की ओर इशारा करते हैं कि आपकी हार्ट बीट तेज है। हार्ट बीट तेज होने पर ये लक्षण महसूस हो सकते हैं।
– थकान
– सांस लेने में कठिनाई
– चक्कर
– तेज धड़कन
– बेहोशी
– अधिक पसीना आना
– गर्मी लगना
– अधिक प्यास लगना
– सीने में दर्द
– जबड़े में दर्द
तेज हार्ट बीट को कंट्रोल करने के घरेलू उपाय (How To Control Increase Heartbeat)

दिल की धड़कन कुछ ही मिनट या सेकेंड के लिए तेज होती है जैसे आप तेजी से घूम रहे हों, बैठे हों या लेटे हों। लाइफस्टाइल में बदलाव या घरेलू उपचार आपकी दिल की धड़कन को कंट्रोल या कम करने में मदद कर सकते हैं।
रिलेक्सेशन टेक्नीक
स्ट्रैस हार्ट बीट को बढ़ा सकता है और खराब भी कर सकता है। क्योंकि तनाव और उत्तेजना आपके एड्रेनालाइन को बढ़ा सकते हैं। रिलेक्सेशन के माध्यम से अपने स्ट्रैस को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। रिलेक्सेशन टेक्नीक में आप मेडिटेशन, ताई ची, प्राणायाम या योग का सहारा ले सकते हैं। इससे दिल की धड़कन को कंट्रोल करना आसान हो जाएगा।
पर्याप्त पानी पिएं
डिहाइड्रेशन के कारण हार्ट बीट तेज हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे ब्लड में पानी होता है, डिहाइड्रेशन की स्थिति में ब्लड गाढ़ा हो जाता है जो हार्ट बीट को प्रभावित करता है। शरीर में ब्लड जितना गाढ़ा होगा उतनी ज्यादा मेहनत हार्ट को ब्लड पंप करने के लिए करनी होगी। जो हार्ट बीट को बढ़ा सकती है। इसलिए तेज हार्ट बीट के दौरान पानी का सेवन करें।
तेजी से खांसे
ये जानकर आपको हैरानी हो सकती है कि तेज खांसने से हार्ट बीट को सामान्य करने में मदद मिल सकती है। जब आप तेजी से खांसते हैं तो आपकी छाती पर दबाव पड़ता है जिस वजह से हार्ट बीट को सामान्य होने का मौका मिल जाता है। इसलिए आपको जब भी महसूस हो कि आपकी हार्टबीट फास्ट हो रही है तो तेजी से खांस सकते हैं।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें
हार्ट बीट तेज होने की स्थिति में ब्रीदिंग एक्सरसाइज फायदेमंद हो सकता है। हालांकि यदि नियमित रूप से ब्रीदिंग एक्सरसाइज की जाए तो दिल की कई बीमारियों और समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। सही ढंग से ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने के लिए आप एक्सपर्ट से सलाह कर सकते हैं।
पर्याप्त नींद लें
अधिक थकान और कई बार नींद पूरी न होने के कारण भी हार्ट बीट तेज हो जाती है। इसलिए आपको जब भी महसूस हो कि आपकी हार्ट बीट तेज हो रही है तो आराम करें या थोड़ी देर सो जाएं। हार्ट को हेल्दी बनाने के लिए प्रतिदिन 6-7 घंटे की पर्याप्त नींद लें।
डाइट में करें बदलाव
हार्ट को हेल्दी बनाने के लिए आपको अपनी डाइट में बदलाव करना होगा। हैवी और अधिक मात्रा में खाना खाने से आपकी हार्ट बीट प्रभावित हो सकती है। इसलिए हार्ट बीट को सामान्य बनाए रखने के लिए फ्रूट, वेजिटेबल, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को डाइट में शामिल करना चाहिए।
क्यों होती है खाने के बाद धड़कन तेज

कई बार खाना खाने के बाद दिल की धड़कन तेजी से चलने लगती है। दिल की धड़कन बढ़ना आम बात है और ये कोई गंभीर समस्या नहीं है। लेकिन दिल की धड़कन का तेज होना हमारी लाइफस्टाइल और डाइट पर निर्भर करता है। कम पोटेशियम वाला भोजन या डिहाइड्रेशन की वजह से धड़कन तेज हो सकती है। यदि आपको हाइपोग्लाइसीमिया या लो ब्लड शुगर है तो आपकी डाइट के कारण दिल की धड़कन बढ़ने का खतरा अधिक हो जाता है। वहीं खाने के साथ कोल्ड ड्रिंक, डाइट ड्रिंक, सोडा, अल्कोहल या कैफीन का सेवन करने से भी दिल की धड़कने बढ़ सकती हैं। इसके अलावा फूड एलर्जी भी हार्ट बीट को बढ़ाने में मदद कर सकती है। जो लोग बिना चबाए जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं उनकी हार्ट बीट भी सामान्य से अधिक हो सकती है। इसलिए खाना आराम से धीरे-धीरे चबाकर खाएं और खाने के बाद 15-20 मिनट की वॉक अवश्य करें। यदि ये समस्या बार-बार महसूस हो रही हैं तो ब्लड, यूरिन और स्ट्रैस टेस्ट कराएं और चिकित्सक से समय रहते संपर्क करें।
FAQ | क्या आप जानते हैं
आप अपनी हार्ट बीट को तेजी से कैसे कम कर सकते हैं ?
क्या होगा जब दिल की धड़कन 90 से ऊपर हो ?
हार्ट को हेल्दी करने के लिए क्या खाना चाहिए ?
सोते समय हार्ट बीट क्यों तेज हो जाती है ?
हार्ट बीट तेज होने पर क्या पीना चाहिए ?
किन कारणों से दिल की धड़कन तेज हो जाती है ?
