विभुवन संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए करें ये उपाय: Vibhuvan Sankashti Chaturthi
Vibhuvan Sankashti Chaturthi

Vibhuvan Sankashti Chaturthi: 2 अगस्त 2023 से अधिकमास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत को चुकी है। चार अगस्त को विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। ये व्रत तीन साल में एक बार आता है, जिस कारण अधिकमास में इस दिन भगवान गणेश की पूजा का और अधिक महत्व बढ़ जाता है। अधिकमास में आने के कारण इस चतुर्थी को अधिकमास चतुर्थी या मलमास चतुर्थी भी कहते हैं। मान्यता है कि इस व्रत करने पर सालभर संकष्टी चतुर्थी व्रत का फल मिलता है। इस लेख में हम आपको विभुवन संकष्टी चतुर्थी का शुभ मुहूर्त और गणेश पूजा के शुभ समय की जानकारी देंगे, साथ ही बताएंगे कि कैसे आप इस दिन भगवान गणेश की पूजा कर जीवन में आने वाली अड़चनों को कम कर सकते हैं।

अधिकमास में संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का महत्त्व

इस साल (2023) अधिकमास सावन माह में आया है। अधिकमास मास भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस माह में आने वाली संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा करने से सभी मांगलिक कार्य संपन्न होते हैं। इस दिन पूजा करने से शादी-ब्याह में आने वाली रूकावट, संतान प्राप्ति और आर्थिक तरक्की में आने वाली बाधाएं दूर हो जाती हैं। साथ ही घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

कार्य सफलता के लिए करें पूजा

कार्य में सफलता के लिए विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन प्रातकाल स्नान करने के बाद भगवान गणेश की स्थापना करें। अब उनपर गेंदे के फूल की माला, दूर्वा और गुड़ अर्पित करें। गणपति को उनका प्रिय प्रसाद मोदक चढ़ाएं और ओम गं गणपतये नम: मंत्र का जाप करते हुए पूजा संपन्न करें। इस पूजा से आपने सभी कार्यों सफलतापूर्वक पूर्ण होंगे।

धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि के लिए करें पूजा

Vibhuvan Sankashti Chaturthi Puja
Vibhuvan Sankashti Chaturthi Puja Money

धन-संपत्ति से युक्त होने और घर में सुख-समृद्धि के लिए विभुवन संकष्टी चतुर्थी पर गणेश स्तोत्र का सच्चे मन से पाठ करना चाहिए। साथ ही 11 माला ‘ओम श्रीं ओम ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः’ मंत्र का जाप करें। इस तरह पूजा-पाठ करने से मनुष्य धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

विवाह में देरी होने पर करें पूजा

अगर आपकी उम्र विवाह योग्य है और विवाह में बार-बार बाधाएं आ रही हैं तो विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश पर गुड़ की 21 डली (छोटे-छोटे टुकड़े) और दूर्वा चढ़ाएं। इस उपाय को करने से विवाह में आने वाली बाधाएं खत्म हो जाती हैं।

तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त

विभुवन संकष्टी चतुर्थी तिथि 04 अगस्त, शुक्रवार, दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर शुरू होकर, 05 अगस्त, शनिवार, सुबह 09 बजकर 39 मिनट पर समाप्त होगी। गणेश पूजा के लिए शुभ समय 04 अगस्त, शुक्रवार, सुबह 05 बजकर 39 से लेकर सुबह 07 बजकर 21 मिनट तक होगा।

वर्तमान में गृहलक्ष्मी पत्रिका में सब एडिटर और एंकर पत्रकारिता में 7 वर्ष का अनुभव. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी दैनिक अखबार में इंटर्न के तौर पर की. पंजाब केसरी की न्यूज़ वेबसाइट में बतौर न्यूज़ राइटर 5 सालों तक काम किया. किताबों की शौक़ीन...