स्वस्थ दिल के लिए जरूरी है सम्पूर्ण और पौष्टिक आहार: Healthy Diet for Healthy Heart
Healthy Diet for Healthy Heart

Healthy Diet for Healthy Heart: हाल ही में लखनऊ के एक स्कूल में नौवीं क्लास के बच्चे की हार्ट अटैक से हुई मौत की खबर सुर्खियों में रही। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी इतनी कम उम्र में अचानक हुई मौत ने सभी को हैरान जरूर कर दिया है। डॉक्टरों का मानना है कि गलत खानपान और आधुनिक जीवनशैली इसकी मूल वजह है जिसकी बदौलत पेरेंट्स को अपने बच्चे को खोने का दर्द झेलना पड़ा।

हार्ट वैसे तो यह हमारी मुट्ठी के बराबर छोटा-सा अंग है लेकिन शरीर का सबसे अहम हिस्सा है। यह ब्लड को साफ करके ऑक्सीजन के साथ शरीर के सभी अंगों तक सर्कुलेट करता है और हमें स्वस्थ रखता है। लेकिन खानपान की गलत आदतों और गतिहीन जीवनशैली की वजह से हार्ट की आर्टरीज कई बार ब्लाॅक हो जाती हैं। जिससे हार्ट पर दवाब पड़ता है, वह अपना काम ठीक तरह नहीं कर पाता और कई बीमारियां उभरने लगती हैं।

डाॅक्टरों की मानें तो हार्ट की बीमारियां जो पहले 40 साल के बाद होती थी, लेकिन अब यह 20-35 साल की उम्र में होने लगी हैं। असल में हार्ट संबंधी बीमारियों की नींव बचपन में 8-14 साल की उम्र में ही पड़ जाती है। प्यूबर्टी स्टेज से गुजर रहे बच्चे में शारीरिक विकास और हार्मोनल बदलाव हो रहे होते हैं जिसकी वजह से इस स्टेज पर हार्ट का काम भी बढ़ जाता है। लेकिन पौष्टिक तत्वों से भरपूर बैलेंस डाइट न लेने से कोलेस्ट्राॅल जैसे हानिकारक तत्व बचपन से ही शरीर में जमा होने लगते हैं और ‘अर्ली हार्ट प्राॅब्लम‘ होने का खतरा बढ़ा देते हैं।

जरूरी है बचपन से ही हैल्दी फूड हैबिट्स अपनाने की जिससे हमारा हार्ट स्वस्थ और मजबूत हो। इसके लिए छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है-

घर का बने खाने को दें प्रेफ्रेंस

Healthy Diet for Healthy Heart
Healthy Diet for Healthy Heart-Foods

सबसे जरूरी है कि घर में बना पौष्टिक तत्वों से भरपूर बैलेंस डाइट का सेवन करें। एक क्लिक पर मंगाया गया बाहर का खाना खाने में भले ही टेस्टी हो, उसमें इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ, मसाले और तेल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचातेे हैं। क्या मालूम बाहर का खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें कितनी खरी हैं और इन्हें बनाने में कितनी हाइजीन का ध्यान रखा गया है। इनके माध्यम से ट्रांस फैट का सेवन अधिक तो नहीं कर रहे जो हार्ट के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

पोर्शन का रखें ध्यान

Healthy Diet for Healthy Heart
Healthy Diet for Healthy Heart-Food Portion

अपनी डाइट में प्लेट और आहार के पोर्शन का ध्यान रखें। छोटी प्लेट में खाना खाएं। प्लेट में तीन कटोरी रखें जिसमें एक कटोरी में प्रोटीन, दूसरी में विटामिन और मिनरल्स और तीसरी में अनाज होना चाहिए। हार्ट को फिट रखने के लिए हाई फाइबर और लो फैट वाली बैलेंस डाइट लेनी चाहिए। गेहूं, बाजरा, ज्वार, बारले, रागी, जो, ब्राउन राइस जैसे फाइबर से भरपूर अनाज लें। डाइट में दलिया, स्प्राउट्स, ओट्स, चोकरयुक्त आटा, आटा ब्रेड, आटा नूडल्स जैसी चीजें शामिल करें। इनमें मौजूद फाइबर, विटामिन, मिनरल हार्ट आर्टरीज में कोलेस्ट्राॅल को जमने नहीं देते जिससे हार्ट की समस्याएं कम होती हैं।

रेनबो डाइट है फायदेमंद

रेनबो डाइट लेना फायदेमंद है यानी रोजाना अपनी थाली में 4-5 रंगों के खाद्य पदार्थ को शामिल करना चाहिए। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व, विटामिन और मिनरल हार्ट को मजबूती प्रदान करते हैं। पूरे दिन में मौसमानुसार ताजे और अलग-अलग रंग के फल-सब्जियां जरूर लेने चाहिए। सब्जियां सब्जी, सलाद, सूप, रोस्टेड, भुनी हुई किसी भी रूप में खा सकते हैं। जूस पीने के बजाय फल खाना बेहतर है। फलों में मौजूद फाइबर पेट भरे होने का अहसास तो कराता ही है, रक्त धमनियों कोलेस्ट्राॅल जमने से भी रोकता है। जबकि जूस में केवल 10 प्रतिशत पल्प, 20 प्रतिशत हाई कंसंट्रेट, बाकी एसेंस और पानी होता है जो पीने में भले ही अच्छा लगे, सेहत के लिहाज से कम फायदेमंद होता है।

अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन खाना चाहिए जैसे-शाकाहारी लोग मटर, फलियां, दालें, चने, राजमा, दाल, दूध, दही, पनीर, जैसी चीजें खा सकते हैं। मांसाहारी लोग के लिए साल्मन, मैकरन, फ्लैक्स सीड्स, चिया सीड्स, अखरोट, बादाम, सोयाबीन और उससे बनी चीजें जैसी कोल्ड वाॅटर वाली मछलियां, चिकन, मछली, अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं।

दिन में जब आपको भूख लगे या ब्रंच टाइम में सूप या 2 फल खाना सेहतमंद है। दूध के साथ ओमेगा-3 से भरपूर बादाम या मुट्ठी भर ड्राई फ्रूट्स, या केला, सेब जैसे फल ले सकते हैं। चाय- काॅफी या खाने के साथ एनर्जी ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक बिल्कुल न पिएं। इनमें मौजूद कैफीन और सिंथेटिक पदार्थ हार्ट को नुकसान पहुंचाते हैं।

हेल्दी फैट का करें सेवन

हार्ट को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए दिन में एक चम्मच हेल्दी फैट या ऑयल जरूर खाएं। इसे देसी घी, मक्खन या ऑलिव, चिलौंजी, तिल, फ्लेक्स या चिया सीड्स का तेल, नारियल का तेल, कच्ची धानी सरसों के तेल में बने आहार के रूप में ले सकते हैं। यथासंभव एक बार इस्तेमाल किए तेल को दोबारा इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि यह ट्रांसफैट में कंवर्ट हो जाता है और इससे हार्ट आर्टरीज ब्लाॅक होने का खतरा रहता है।

करें इनसे परहेज

अनाज में रिफाइंड चीजें या मैदा और उससे बनी प्रोसेस्ड या हाई कैलोरी फूड से परहेज करना चाहिए। केक, नूडल्स, पाई, मैगी, बन, पाॅव, मफिन्स, पेस्ट्री, डोनट, कुकीज, साॅस, पापड़, बटर या मसाला पाॅपकाॅर्न जैसी चीजें खाने से परहेज करना चाहिए। इनकी वजह से मोटापा बढे़गा जिससे हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

सोडियम रिच आहार के सेवन से बचना चाहिए। इनके सेवन से ब्लड प्रेशर बढ़ने और हार्ट डिजीज होने का खतरा रहता है। दिन भर में ज्यादा से ज्यादा 5 ग्राम या छोटा चम्मच नमक खाना चाहिए। इसलिए नमक वाले जितने भी अतिरिक्त खाद्य पदार्थ हैं जैसे- चटनियां, आचार, साॅस, पापड़, चिप्स, टैमेटो प्यूरी, म्योनीज, कैन या डिब्बाबंद जैसे ज्यादा नमक वाले फल-सब्जियां, खाद्य पदार्थ हार्ट के लिए हेल्दी नहीं है। इनमें प्रीजर्वेेटिव के साथ काफी मात्रा में सोडियम, फैट, क्रीम होता है, जो सेहतमंद नहीं है। चिप्स जैसे पैकेट फूड में क्लेरेफाइड बटर, मक्खन, मारजरीन, मलाई, पाम का तेल जैसे सैचुरेटिड फैट होते है जो शरीर के लिए हेल्दी नहीं होते।

हाइड्रोजेनेटिक फैट वाले खाद्य पदार्थ हार्ट के लिए हेल्दी होते हैं जैसे-बादाम, पिस्ता, चिलगोज़ा, सीड्स, एवोकेडो, साल्मन मछली। इन्हें अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। क्रीम, म्योनीज, कोको बटर, पाम ऑयल, रेड मीट ऑयल जैसे अनहेल्दी फैट वाली चीजें नहीं खानी चाहिए। हाॅट डाॅग, ऑर्गन मीट, रेड मीट, साॅसेज, बैकन, पोक जैसी हैवी-प्रोटीन वाली चीजों से परहेज करें क्योंकि इनमें फैट बहुत ज्यादा होता है। इनमें मौजूद फैट आर्टरीज में जमने लगता है और मोटापा बढ़ने लगता है। आर्टरीज में बैड कोलेस्ट्राॅल बढ़ने से कोरोनरी हार्ट डिजीज, हार्ट अटैक का खतरा रहता है।

(डॉ रचना कटारिया, आहार विशेषज्ञ, डाइट क्लीनिक, दिल्ली)