Surya Namaskar

सूर्य नमस्कार करने से क्या होता है।

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से शरीर को कई लाभ हो सकते हैं। यह वजन को घटाने से लेकर श्वसन संबंधी समस्याओं को दूर कर सकता है। आइए जानते हैं इसके लाभ और इससे जुड़ी परेशानियों के बारे में-

Benefits of Surya Namaskar : हमारे देश में योग का खास महत्व है। नियमित रूप से योग करने से आप हमेशा के लिए निरोग हो सकते हैं। योग में कई तरह से आशन शामिल हैं, जो शरीर के विभिन्न भागों पर व्यापक रूप से प्रभाव डालते हैं। योग के सभी आसन में सूर्य नमस्कार के आसनों का खास महत्व है। सर्यू नमकस्कार में 12 आसान को शामिल किया जाता है, जिसके अपने अलग-अलग फायदे होते हैं। ऐसे में अगर आप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास करते हैं, तो आपके शरीर को कई लाभ हो सकते हैं। आइए जानते हैं नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने के क्या फायदे हैं?

वजन घटाने में है फायदेमंद

रोजाना सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास करने से आपका वजन तेजी से कम हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो सूर्य नमस्कार का अभ्यास करने से आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है, जो आपके शरीर की कैलोरी को तेजी से बर्न कर सकता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका वजन तेजी से कम हो तो इसके लिए आप नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें।

पल्मोनरी फंक्शन में लाए सुधार सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार कई आसनों का समावेश होता है। अगर आप इसके 12 आसनों को क्रमबद्ध तरीके से रोजाना करते हैं, तो इससे आपके शरीर के लगभग हर एक अंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सर्यू नमस्कार योग में सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया भी शामिल होती है, जो मुख्य रूप से आपके फेफड़ों की कार्य क्षमता को बढ़ावा देता है। ऐसे में अगर आप पल्मोनरी फंक्शन यानी फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर करना चाहते हैं, तो रोजाना सूर्य नमकस्कार का अभ्यास करें।

रेस्पिरेटरी प्रेशर में लाए सुधार

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से आप रेस्पिरेटरी प्रेशर (श्वसन दबाव) को कम कर सकते हैँ। दरअसल, इस आसान का नियमित रूप से अभ्यास करने से सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया में सुधार लाया जा सकता है, जो आपके श्वसन तंत्र की मजबूती को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही इससे फेफड़ों की कार्य क्षमता बेहतर की जा सकती है। सांस छोड़ने और लेने की प्रक्रिया बेहतर होने से आपके फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर दबाव कम पड़ता है, जो आपकी सांस संबंधी परेशानियों को दूर करने में प्रभावी हो सकता है।

पीरियड्स की परेशानी करे कम

रोजाना सूर्य नमस्कार के अभ्यास से पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानियों को दूर किया जा सकता है। खासतौर पर अगर आपको पीरियड्स के दौरान काफी ज्यादा थकान, कमजोरी, पेट में दर्द, बदन दर्द, मूड स्विंग, तनाव जैसी परेशानी होती है, तो सूर्य नमस्कार का अभ्यास करें। इससे आपको काफी लाभ होगा। इसके अलावा सूर्य नमकस्कार की मदद से आप अनियमित पीरियड्स की परेशानी को भी दूर कर सकता है। इससे मासिक चक्र की निरंतरता में मदद मिलती है।

मांसपेशियों की बढ़ाएं मजबूती

सूर्य नमस्कार के अभ्यास से आपके मांसपेशियों की मजबूती बढ़ती है। दरअसल, सूर्य नमस्कार में 12 आसान होते हैं, जो आपके शरीर की अलग-अलग मांसपेशियों को एक्टिव रखते हैं। इससे मांसपेशियों की मजबूती और कार्य क्षमता बेहतर हो सकती है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी मांसपेशियों की मजबूती बढ़े, तो नियमित रूप से आप सूर्य नमकस्कार के आसनों का अभ्यास जरूर करें।

मन को करे शांत और डिप्रेशन करे दूर

रोजाना सूर्य नमस्कार के अभ्यास से मन को शांत करने में मदद मिलती है। यह आपकी चिंता विकृति को दूर कर सकता है, जिससे आपका मन शांत होता है। इसके अलावा इस आसन से अभ्यास से आपके मन में आए बुरे विचार कम होते हैं, जिससे आप डिप्रेशर जैसी समस्याओं से दूर रहते हैं। कई हेल्थ एक्सपर्ट स्ट्रेस और डिप्रेशन से जूझ रहे व्यक्तियों को रोजाना सूर्य नमस्कार करने की सलाह देते हैं।

स्किन और बालों के लिए फायदेमंद

सूर्य नमकस्कार के अभ्यास से स्किन और बालों की परेशानी को दूर किया जा सकता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, सूर्य नमस्कार करने से आपकी स्किन फ्रेश मजबूत करती है। इससे स्किन की रंगत में सुधार आता है। वहीं, तनाव के कारण कम उम्र में सफेद बालों की परेशानी को भी कम करने में यह प्रभावी होता है।

इसके अलावा अगर आप सूर्य नमस्कार का अभ्यास रोजाना करते हैं तो इससे शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर होता है, जो स्किन और बालों की चमक को बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही स्किन और बालों को लंबे समय तक हेल्दी रख सकता है।

पाचन करे दुरुस्त

नियमित रूप से सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है। इससे आपको बिना वजह अपच, कब्ज जैसी परेशानी नहीं होती है। अगर आप पाचन में गड़बड़ी को दूर रखना चाहते हैं तो नियमित रूप से सूर्य नमस्कार का अभ्यास जरूर करें।

सूर्य नमस्कार के आसान

प्रणामासन
हस्तउत्तानासन
पादहस्तासन
अश्व संचालनासन
पर्वतासन
अष्टांगासन
भुजंगासन
पर्वतासन
अश्व संचालनासन
पादहस्तासन
हस्तउत्तानासन
प्रणाम आसन

शुरुआती लोगों के लिए सूर्य नमस्कार लिए कुछ आसान से टिप्स

  • सूर्य नमस्कार हमेथा सूर्योदय के समय सूर्य निकलने की दिशा में करें।
  • अगर आप पहली बार सूर्य नमकस्कार कर रहे हैं, तो इसके चरणों की बारीकियों पर ध्यान दें।
  • शुरुआती समय में सूर्य नमस्कार के आसनों को धीरे-धीरे करें।
  • सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास खाली पेट करें, इससे बेहतर रिजल्ट मिलेगा।
  • इसके 12 आसनों का अभ्यास करने के दौरान अपने सांस छोड़ने और लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें।
  • सूर्य नमस्कार के आसनों के दौरान अपनी मांसपेशियों पर अधिक दबाव न डालें।
  • शुरुआती दिनों में सूर्य नमस्कार के अभ्यास को करने से पहले एक्सपर्ट या फिर किसी ट्रेनर की मदद जरूर लें।
  • अगर आपको सूर्य नमस्कार को करने के दौरान किसी तरह का दर्द महसूस हो रहा है तो इस स्थिति में कुछ दिनों के लिए इसे बंद कर दें।

सूर्य नमस्कार के लिए सावधानियां

  • गर्भवती महिलाओं को सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर या फिर हर्निया की परेशानी है, तो सूर्य नमस्कार न करेँ।
  • कमर दर्द की स्थिति में सूर्य नमस्कार के आसनों का अभ्यास करने से परहेज करें।
  • पीरियड्स के दौरान महिलाएं सूर्य नमस्कार न करें।

सूर्य नमस्कार का नियमित रूप से अभ्यास करने से आपको काफी लाभ हो सकता है। हालांकि, कुछ विपरीत परिस्थितियों में सूर्य नमस्कार के अभ्यास से बचें। ताकि आपकी परेशानियां गंभीर न हों। खासतौर पर गर्भावस्था के दौरान सूर्य नमकस्कार के आसनों से परहेज करें, ताकि आप किसी भी तरह की अनहोनी से बच सकें।

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