Summary:; व्रत हो या नाश्ता, हर मौके के लिए परफेक्ट साबूदाना खिचड़ी रेसिपी
साबूदाना खिचड़ी एक हल्की लेकिन ऊर्जा से भरपूर डिश है, जो जल्दी पच जाती है।
आसान टिप्स के साथ इसे खिली-खिली और बेहद स्वादिष्ट बनाना अब और भी सरल है।
Sabudana Khichdi: आज हम एक ऐसी डिश बनाने जा रहे हैं जो हल्की, स्वादिष्ट और बनाने में बेहद आसान है- साबूदाना खिचड़ी! यह महाराष्ट्र की एक बहुत ही लोकप्रिय डिश है जिसे अक्सर व्रत या उपवास के दौरान खाया जाता है। लेकिन इसकी खासियत सिर्फ इतनी ही नहीं है, इसे आप कभी भी नाश्ते में या हल्के भोजन के रूप में बना सकते हैं।
साबूदाना खिचड़ी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि ऊर्जा से भरपूर भी होती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स की अच्छी मात्रा होती है जो आपको तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसके अलावा, यह पेट के लिए भी हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। तो, अगर आप कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो स्वादिष्ट भी हो और पौष्टिक भी, तो साबूदाना खिचड़ी आपके लिए एकदम सही विकल्प है।
साबूदाना खिचड़ी बनाने के कई तरीके हैं, और हर घर में इसकी अपनी एक खासियत होती है। आज हम एक ऐसा तरीका सीखेंगे जो बहुत ही आसान है और जिससे आपकी खिचड़ी खिली-खिली और स्वादिष्ट बनेगी। इसमें कुछ छोटे-छोटे टिप्स और ट्रिक्स हैं जो आपकी खिचड़ी को एकदम परफेक्ट बना देंगे। तो चलिए, बिना किसी देरी के शुरू करते हैं!

Sabudana Khichdi
Ingredients
Method
- सबसे पहले, साबूदाना को एक बड़े कटोरे में लें और इसे पानी से अच्छी तरह धो लें। आपको इसे 2-3 बार धोना होगा जब तक कि पानी साफ न दिखने लगे। यह स्टार्च को हटाने में मदद करता है, जिससे खिचड़ी चिपचिपी नहीं बनती।
- साबूदाना धोने के बाद, कटोरे में इतना पानी डालें कि साबूदाना बस 1 इंच पानी में डूबा रहे। इससे ज्यादा पानी न डालें, वरना साबूदाना बहुत नरम हो जाएगा और चिपचिपा हो जाएगा। इसे कम से कम 4-5 घंटे या रात भर के लिए भिगो दें।अगर आप इसे रात भर भिगो रहे हैं, तो सुबह आप देखेंगे कि साबूदाना पूरी तरह से फूल गया है और नरम हो गया है। आप एक दाना उठाकर उंगलियों के बीच दबाकर देख सकते हैं, यह आसानी से मैश हो जाना चाहिए। यदि इसमें कोई अतिरिक्त पानी है, तो उसे धीरे से निकाल दें।

- एक पैन में मूंगफली लें और उन्हें मध्यम आंच पर सूखा भून लें। उन्हें लगातार चलाते रहें ताकि वे हर तरफ से समान रूप से भुनें। जब वे हल्के भूरे रंग की हो जाएं और उनकी खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें और उन्हें ठंडा होने दें।

- जब मूंगफली ठंडी हो जाएं, तो उन्हें एक मिक्सर ग्राइंडर में डालें और दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि उन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं, बल्कि थोड़ा कुरकुरापन रहने दें। यह खिचड़ी में एक अच्छी बनावट देगा।

- एक बड़े कड़ाही या पैन में घी या तेल गरम करें। घी का उपयोग करने से खिचड़ी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। जब तेल गरम हो जाए, तो उसमें जीरा डालें और उसे चटकने दें।

- जीरा चटकने के बाद, इसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। उन्हें कुछ सेकंड के लिए भूनें जब तक कि उनकी कच्ची महक न चली जाए। यदि आप करी पत्ता का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे भी इसी समय डाल दें और उसे कुरकुरा होने तक भूनें।

- अब उबले और कटे हुए आलू के टुकड़े पैन में डालें। उन्हें मध्यम आंच पर 2-3 मिनट के लिए भूनें, जब तक कि वे हल्के सुनहरे न हो जाएं। यह आलू को एक अच्छा स्वाद और थोड़ी कुरकुरापन देगा।

- अब भिगोया हुआ साबूदाना और दरदरी पिसी हुई मूंगफली पैन में डालें। साथ ही स्वादानुसार सेंधा नमक भी डाल दें। सेंधा नमक विशेष रूप से व्रत में खाया जाता है, लेकिन आप अपनी पसंद का कोई भी नमक इस्तेमाल कर सकते हैं।

- सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिलाएं। सुनिश्चित करें कि साबूदाना और मूंगफली का मिश्रण आलू और मसालों के साथ समान रूप से मिल जाए। इसे मध्यम आंच पर 5-7 मिनट के लिए पकाएं, लगातार चलाते रहें।

- जब आप खिचड़ी पका रहे हों, तो आप देखेंगे कि साबूदाना पारदर्शी होना शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि वह पक रहा है। इसे तब तक पकाएं जब तक कि सभी साबूदाने के दाने पारदर्शी न हो जाएं। ध्यान रहे कि इसे ज्यादा न पकाएं, वरना यह चिपचिपा हो सकता है।

- जब खिचड़ी पक जाए, तो गैस बंद कर दें। अब इसमें नींबू का रस और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें।

- सभी को अच्छी तरह से मिलाएं और गरमागरम परोसें! आप इसे दही, पुदीने की चटनी या फिर सिर्फ एक कप चाय के साथ भी परोस सकते हैं।

Notes
- स्टार्च धोना: साबूदाने को हमेशा 2-3 बार अच्छी तरह से धोएं जब तक कि पानी साफ न दिखने लगे। इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है, जो खिचड़ी को चिपचिपा होने से बचाता है।
- सही भुनाई: मूंगफली को हमेशा मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक वे हल्के सुनहरे न हो जाएं और उनमें से अच्छी खुशबू न आने लगे। अधभुनी मूंगफली का स्वाद कच्चा लगेगा और ज़्यादा भुनी हुई कड़वी हो सकती हैं।
- मध्यम आंच पर पकाएं: साबूदाना खिचड़ी को हमेशा मध्यम आंच पर पकाएं। तेज आंच पर पकाने से साबूदाना चिपक सकता है या नीचे से जल सकता है, जबकि धीमी आंच पर वह बहुत ज़्यादा नरम हो सकता है।
- नींबू का रस अंत में: नींबू का रस हमेशा गैस बंद करने के बाद ही डालें। इससे नींबू का ताज़ा और खट्टा स्वाद बरकरार रहता है। अगर आप इसे पकाते समय डाल देंगे, तो उसका स्वाद उड़ जाएगा। नींबू का रस खिचड़ी को एक चटपटा स्वाद देने के साथ-साथ उसे चिपचिपा होने से भी बचाता है।
- आलू को भूनना: उबले हुए आलू के टुकड़ों को डालने के बाद उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इससे उन्हें एक स्वादिष्ट क्रस्ट मिलता है और वे खिचड़ी में soggy नहीं लगते।











