Sabudana khichdi steps
Sabudana khichdi steps

Summary:; व्रत हो या नाश्ता, हर मौके के लिए परफेक्ट साबूदाना खिचड़ी रेसिपी

साबूदाना खिचड़ी एक हल्की लेकिन ऊर्जा से भरपूर डिश है, जो जल्दी पच जाती है।
आसान टिप्स के साथ इसे खिली-खिली और बेहद स्वादिष्ट बनाना अब और भी सरल है।

Sabudana Khichdi: आज हम एक ऐसी डिश बनाने जा रहे हैं जो हल्की, स्वादिष्ट और बनाने में बेहद आसान है- साबूदाना खिचड़ी! यह महाराष्ट्र की एक बहुत ही लोकप्रिय डिश है जिसे अक्सर व्रत या उपवास के दौरान खाया जाता है। लेकिन इसकी खासियत सिर्फ इतनी ही नहीं है, इसे आप कभी भी नाश्ते में या हल्के भोजन के रूप में बना सकते हैं।

साबूदाना खिचड़ी सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि ऊर्जा से भरपूर भी होती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स की अच्छी मात्रा होती है जो आपको तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। इसके अलावा, यह पेट के लिए भी हल्की होती है और आसानी से पच जाती है। तो, अगर आप कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो स्वादिष्ट भी हो और पौष्टिक भी, तो साबूदाना खिचड़ी आपके लिए एकदम सही विकल्प है।

साबूदाना खिचड़ी बनाने के कई तरीके हैं, और हर घर में इसकी अपनी एक खासियत होती है। आज हम एक ऐसा तरीका सीखेंगे जो बहुत ही आसान है और जिससे आपकी खिचड़ी खिली-खिली और स्वादिष्ट बनेगी। इसमें कुछ छोटे-छोटे टिप्स और ट्रिक्स हैं जो आपकी खिचड़ी को एकदम परफेक्ट बना देंगे। तो चलिए, बिना किसी देरी के शुरू करते हैं!

Sabudana Khichdi

Sabudana Khichdi

सबूदाना खिचड़ी एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट भारतीय व्यंजन है, जिसे खासतौर पर व्रत (उपवास) के दौरान बनाया जाता है। इसमें भीगे हुए साबूदाने, उबले आलू, मूंगफली, हरी मिर्च और जीरा का इस्तेमाल किया जाता है। हल्के मसालों और नींबू के रस के साथ तैयार की गई यह डिश हल्की, एनर्जी से भरपूर और आसानी से पचने वाली होती है। यह नाश्ते या हल्के भोजन के रूप में भी बहुत पसंद की जाती है।
Prep Time 30 minutes
Cook Time 50 minutes
Course: Breakfast / Snack / Fasting Food
Cuisine: Indian (Maharashtrian / North Indian)
Calories: 260

Ingredients
  

  • 1 कप साबूदाना मध्यम आकार का
  • आधा कप मूंगफली
  • 1 मध्यम आकार का आलू (उबला हुआ और छोटे टुकड़ों में कटा हुआ
  • 2-3 हरी मिर्च बारीक कटी हुई, आप अपने स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं
  • 1 इंच टुकड़ा अदरक कद्दूकस किया हुआ या बारीक कटा हुआ
  • 1 चम्मच जीरा
  • 7-8 पत्ते करी पत्ता
  • 2 बड़े चम्मच घी या तेल मूंगफली का तेल या सूरजमुखी का तेल सबसे अच्छा रहता है
  • 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
  • 2 बड़े चम्मच हरा धनिया बारीक कटा हुआ, सजावट के लिए
  • सेंधा नमक स्वादानुसार
  • नमक स्वादानुसार

Method
 

चरण 1: साबूदाना को धोना
  1. सबसे पहले, साबूदाना को एक बड़े कटोरे में लें और इसे पानी से अच्छी तरह धो लें। आपको इसे 2-3 बार धोना होगा जब तक कि पानी साफ न दिखने लगे। यह स्टार्च को हटाने में मदद करता है, जिससे खिचड़ी चिपचिपी नहीं बनती।
चरण 2: साबूदाना भिगोना
  1. साबूदाना धोने के बाद, कटोरे में इतना पानी डालें कि साबूदाना बस 1 इंच पानी में डूबा रहे। इससे ज्यादा पानी न डालें, वरना साबूदाना बहुत नरम हो जाएगा और चिपचिपा हो जाएगा। इसे कम से कम 4-5 घंटे या रात भर के लिए भिगो दें।
    अगर आप इसे रात भर भिगो रहे हैं, तो सुबह आप देखेंगे कि साबूदाना पूरी तरह से फूल गया है और नरम हो गया है। आप एक दाना उठाकर उंगलियों के बीच दबाकर देख सकते हैं, यह आसानी से मैश हो जाना चाहिए। यदि इसमें कोई अतिरिक्त पानी है, तो उसे धीरे से निकाल दें।
    Washing sabudana pearls in bowl
चरण 3: मूंगफली भूनना
  1. एक पैन में मूंगफली लें और उन्हें मध्यम आंच पर सूखा भून लें। उन्हें लगातार चलाते रहें ताकि वे हर तरफ से समान रूप से भुनें। जब वे हल्के भूरे रंग की हो जाएं और उनकी खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें और उन्हें ठंडा होने दें।
    Roasting peanuts in pan
चरण 4: मूंगफली को दरदरा पीसना
  1. जब मूंगफली ठंडी हो जाएं, तो उन्हें एक मिक्सर ग्राइंडर में डालें और दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि उन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं, बल्कि थोड़ा कुरकुरापन रहने दें। यह खिचड़ी में एक अच्छी बनावट देगा।
    Grinding roasted peanuts into powder
चरण 5: तेल या घी गरम करना
  1. एक बड़े कड़ाही या पैन में घी या तेल गरम करें। घी का उपयोग करने से खिचड़ी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। जब तेल गरम हो जाए, तो उसमें जीरा डालें और उसे चटकने दें।
    Tempering mustard seeds and curry leaves in oil
चरण 6: हरी मिर्च और अदरक भूनना
  1. जीरा चटकने के बाद, इसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। उन्हें कुछ सेकंड के लिए भूनें जब तक कि उनकी कच्ची महक न चली जाए। यदि आप करी पत्ता का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे भी इसी समय डाल दें और उसे कुरकुरा होने तक भूनें।
    Adding green chilies and ginger to hot oil
चरण 7: उबले आलू डालना
  1. अब उबले और कटे हुए आलू के टुकड़े पैन में डालें। उन्हें मध्यम आंच पर 2-3 मिनट के लिए भूनें, जब तक कि वे हल्के सुनहरे न हो जाएं। यह आलू को एक अच्छा स्वाद और थोड़ी कुरकुरापन देगा।
    Sautéing spiced potato cubes in pan
चरण 8: साबूदाना और मूंगफली डालना
  1. अब भिगोया हुआ साबूदाना और दरदरी पिसी हुई मूंगफली पैन में डालें। साथ ही स्वादानुसार सेंधा नमक भी डाल दें। सेंधा नमक विशेष रूप से व्रत में खाया जाता है, लेकिन आप अपनी पसंद का कोई भी नमक इस्तेमाल कर सकते हैं।
    Adding sabudana and peanut mixture to pan
चरण 9: अच्छी तरह मिलाना
  1. सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिलाएं। सुनिश्चित करें कि साबूदाना और मूंगफली का मिश्रण आलू और मसालों के साथ समान रूप से मिल जाए। इसे मध्यम आंच पर 5-7 मिनट के लिए पकाएं, लगातार चलाते रहें।
    Cooking sabudana khichdi with potatoes and peanuts
चरण 10: खिचड़ी को पकाना
  1. जब आप खिचड़ी पका रहे हों, तो आप देखेंगे कि साबूदाना पारदर्शी होना शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि वह पक रहा है। इसे तब तक पकाएं जब तक कि सभी साबूदाने के दाने पारदर्शी न हो जाएं। ध्यान रहे कि इसे ज्यादा न पकाएं, वरना यह चिपचिपा हो सकता है।
    Sabudana khichdi cooking in a pan
चरण 11: नींबू का रस और हरा धनिया डालना
  1. जब खिचड़ी पक जाए, तो गैस बंद कर दें। अब इसमें नींबू का रस और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें।
    Adding coriander to sabudana khichdi
चरण 12: परोसना
  1. सभी को अच्छी तरह से मिलाएं और गरमागरम परोसें! आप इसे दही, पुदीने की चटनी या फिर सिर्फ एक कप चाय के साथ भी परोस सकते हैं।
    Sabudana khichdi

Notes

टिप्स और ट्रिक्स:
  • स्टार्च धोना: साबूदाने को हमेशा 2-3 बार अच्छी तरह से धोएं जब तक कि पानी साफ न दिखने लगे। इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है, जो खिचड़ी को चिपचिपा होने से बचाता है।
  • सही भुनाई: मूंगफली को हमेशा मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक वे हल्के सुनहरे न हो जाएं और उनमें से अच्छी खुशबू न आने लगे। अधभुनी मूंगफली का स्वाद कच्चा लगेगा और ज़्यादा भुनी हुई कड़वी हो सकती हैं।
  • मध्यम आंच पर पकाएं: साबूदाना खिचड़ी को हमेशा मध्यम आंच पर पकाएं। तेज आंच पर पकाने से साबूदाना चिपक सकता है या नीचे से जल सकता है, जबकि धीमी आंच पर वह बहुत ज़्यादा नरम हो सकता है।
  • नींबू का रस अंत में: नींबू का रस हमेशा गैस बंद करने के बाद ही डालें। इससे नींबू का ताज़ा और खट्टा स्वाद बरकरार रहता है। अगर आप इसे पकाते समय डाल देंगे, तो उसका स्वाद उड़ जाएगा। नींबू का रस खिचड़ी को एक चटपटा स्वाद देने के साथ-साथ उसे चिपचिपा होने से भी बचाता है।
  • आलू को भूनना: उबले हुए आलू के टुकड़ों को डालने के बाद उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इससे उन्हें एक स्वादिष्ट क्रस्ट मिलता है और वे खिचड़ी में soggy नहीं लगते।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...