Ingredients
Method
चरण 1: साबूदाना को धोना
- सबसे पहले, साबूदाना को एक बड़े कटोरे में लें और इसे पानी से अच्छी तरह धो लें। आपको इसे 2-3 बार धोना होगा जब तक कि पानी साफ न दिखने लगे। यह स्टार्च को हटाने में मदद करता है, जिससे खिचड़ी चिपचिपी नहीं बनती।
चरण 2: साबूदाना भिगोना
- साबूदाना धोने के बाद, कटोरे में इतना पानी डालें कि साबूदाना बस 1 इंच पानी में डूबा रहे। इससे ज्यादा पानी न डालें, वरना साबूदाना बहुत नरम हो जाएगा और चिपचिपा हो जाएगा। इसे कम से कम 4-5 घंटे या रात भर के लिए भिगो दें।अगर आप इसे रात भर भिगो रहे हैं, तो सुबह आप देखेंगे कि साबूदाना पूरी तरह से फूल गया है और नरम हो गया है। आप एक दाना उठाकर उंगलियों के बीच दबाकर देख सकते हैं, यह आसानी से मैश हो जाना चाहिए। यदि इसमें कोई अतिरिक्त पानी है, तो उसे धीरे से निकाल दें।

चरण 3: मूंगफली भूनना
- एक पैन में मूंगफली लें और उन्हें मध्यम आंच पर सूखा भून लें। उन्हें लगातार चलाते रहें ताकि वे हर तरफ से समान रूप से भुनें। जब वे हल्के भूरे रंग की हो जाएं और उनकी खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें और उन्हें ठंडा होने दें।

चरण 4: मूंगफली को दरदरा पीसना
- जब मूंगफली ठंडी हो जाएं, तो उन्हें एक मिक्सर ग्राइंडर में डालें और दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि उन्हें बिल्कुल बारीक पाउडर न बनाएं, बल्कि थोड़ा कुरकुरापन रहने दें। यह खिचड़ी में एक अच्छी बनावट देगा।

चरण 5: तेल या घी गरम करना
- एक बड़े कड़ाही या पैन में घी या तेल गरम करें। घी का उपयोग करने से खिचड़ी का स्वाद और भी बढ़ जाता है। जब तेल गरम हो जाए, तो उसमें जीरा डालें और उसे चटकने दें।

चरण 6: हरी मिर्च और अदरक भूनना
- जीरा चटकने के बाद, इसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च और कद्दूकस किया हुआ अदरक (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। उन्हें कुछ सेकंड के लिए भूनें जब तक कि उनकी कच्ची महक न चली जाए। यदि आप करी पत्ता का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे भी इसी समय डाल दें और उसे कुरकुरा होने तक भूनें।

चरण 7: उबले आलू डालना
- अब उबले और कटे हुए आलू के टुकड़े पैन में डालें। उन्हें मध्यम आंच पर 2-3 मिनट के लिए भूनें, जब तक कि वे हल्के सुनहरे न हो जाएं। यह आलू को एक अच्छा स्वाद और थोड़ी कुरकुरापन देगा।

चरण 8: साबूदाना और मूंगफली डालना
- अब भिगोया हुआ साबूदाना और दरदरी पिसी हुई मूंगफली पैन में डालें। साथ ही स्वादानुसार सेंधा नमक भी डाल दें। सेंधा नमक विशेष रूप से व्रत में खाया जाता है, लेकिन आप अपनी पसंद का कोई भी नमक इस्तेमाल कर सकते हैं।

चरण 9: अच्छी तरह मिलाना
- सभी सामग्री को अच्छी तरह से मिलाएं। सुनिश्चित करें कि साबूदाना और मूंगफली का मिश्रण आलू और मसालों के साथ समान रूप से मिल जाए। इसे मध्यम आंच पर 5-7 मिनट के लिए पकाएं, लगातार चलाते रहें।

चरण 10: खिचड़ी को पकाना
- जब आप खिचड़ी पका रहे हों, तो आप देखेंगे कि साबूदाना पारदर्शी होना शुरू हो जाएगा। इसका मतलब है कि वह पक रहा है। इसे तब तक पकाएं जब तक कि सभी साबूदाने के दाने पारदर्शी न हो जाएं। ध्यान रहे कि इसे ज्यादा न पकाएं, वरना यह चिपचिपा हो सकता है।

चरण 11: नींबू का रस और हरा धनिया डालना
- जब खिचड़ी पक जाए, तो गैस बंद कर दें। अब इसमें नींबू का रस और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें।

चरण 12: परोसना
- सभी को अच्छी तरह से मिलाएं और गरमागरम परोसें! आप इसे दही, पुदीने की चटनी या फिर सिर्फ एक कप चाय के साथ भी परोस सकते हैं।

Notes
टिप्स और ट्रिक्स:
- स्टार्च धोना: साबूदाने को हमेशा 2-3 बार अच्छी तरह से धोएं जब तक कि पानी साफ न दिखने लगे। इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है, जो खिचड़ी को चिपचिपा होने से बचाता है।
- सही भुनाई: मूंगफली को हमेशा मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक वे हल्के सुनहरे न हो जाएं और उनमें से अच्छी खुशबू न आने लगे। अधभुनी मूंगफली का स्वाद कच्चा लगेगा और ज़्यादा भुनी हुई कड़वी हो सकती हैं।
- मध्यम आंच पर पकाएं: साबूदाना खिचड़ी को हमेशा मध्यम आंच पर पकाएं। तेज आंच पर पकाने से साबूदाना चिपक सकता है या नीचे से जल सकता है, जबकि धीमी आंच पर वह बहुत ज़्यादा नरम हो सकता है।
- नींबू का रस अंत में: नींबू का रस हमेशा गैस बंद करने के बाद ही डालें। इससे नींबू का ताज़ा और खट्टा स्वाद बरकरार रहता है। अगर आप इसे पकाते समय डाल देंगे, तो उसका स्वाद उड़ जाएगा। नींबू का रस खिचड़ी को एक चटपटा स्वाद देने के साथ-साथ उसे चिपचिपा होने से भी बचाता है।
- आलू को भूनना: उबले हुए आलू के टुकड़ों को डालने के बाद उन्हें हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इससे उन्हें एक स्वादिष्ट क्रस्ट मिलता है और वे खिचड़ी में soggy नहीं लगते।
