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चंद्र नमस्कार कितनी बार करना चाहिए

Surya Namaskar : यदि आप योगा करते हैं तो आप ने सूर्य नमस्कार के बारे में तो सुना ही होगा। यह सूर्य की रोशनी से मिलने वाली ऊर्जा को अपने अंदर लेने का बहुत अच्छा तरीका है। परंतु क्या आप ने कभी चन्द्र नमस्कार के बारे में सुना है? यदि नहीं तो जिस प्रकार सूर्य नमस्कार नामक योगा होता है उसी प्रकार चन्द्र नमस्कार भी एक आसन होता है जो लुनर एनर्जी यानी चन्द्रमा से मिलने वाली ऊर्जा को अपने अंदर लाने का एक आसन होता है। अतः आइए जानते हैं कि सूर्य व चन्द्र नमस्कार करने का सही तरीका क्या होता है। 

सूर्य नमस्कार

Surya Namaskar
सूर्य नमस्कार

यह सोलर एनर्जी को प्राप्त करने के लिए किया जाता है और जब सूर्य की किरणे सबसे अधिक तेज रोशनी देती हैं। यह 12 पावरफुल योगा की एक सीक्वेंस होती है जिसे 2 सेट्स में किया जाता है। यह योगा हमारे मस्तिष्क और शरीर को ऊर्जा उपलब्ध कराता है। यह हमारे दिमाग को स्पष्ट करते हैं, उसे दृढ़ बनाते हैं। 

कैसे करें सूर्य नमस्कार ?

सबसे पहले प्रणाम आसन करें। अपनी मैट पर खड़े हो जाएं व अपने पैरों को एक साथ जोड़ कर बन्द कर लें। अंदर की ओर सांस लें अपनी छाती को अंदर की ओर खिंचे ओर अपने हाथों को आगे की ओर पसार लें। सांस छोड़ते समय अपने दोनो हाथों को जोड़ लें। 

इसके बाद हस्त उत्तनासन करें। पहले अंदर की ओर सांस लें, अपने हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और थोड़े से पीछे हो जाएं। आप के कंधे आप के कानों के पास आने चाहिए। 

हस्त पदासन करने के लिए अपने हाथों से अपने पैरो को छुएं। 

अश्व संचलासन करने के लिए अपने एक घुटने को पीछे कर लें और उसे मोड़ लें। अपने एक घुटने को आगे की ओर ही रखें। पीछे वाले घुटने को स्ट्रेच करें। 

चतुरंगा दण्डासन करने के लिए अपने दाएं घुटने को पीछे की ओर रख कर एक प्लैंक की अवस्था में आ जाएं। आप के दोनो हाथ आपके कंधो के नीचे होने चाहिए। 

भुजंगासन : अपने शरीर को जमीन पर लेटाए। और अपनी हथेलियों को अपनी छाती के समीप रखें। अब सांस अंदर की ओर खींचते हुए अपने शरीर को ऊपर की ओर उठाएं।

चन्द्र नमस्कार

Surya Namaskar
चन्द्र नमस्कार

इसे रात में किया जाता है जब चांद निकल आता है। यह भी 2 सेट में किया जाता है और इस में 17 योगा शामिल हैं। चन्द्र नमस्कार से हमें चन्द्रमा से लूनर एनर्जी मिलती है। यह हमारे मस्तिष्क में शांति लाता है जिस की मदद से हम रिलैक्स रहते हैं। 

कैसे किया जाता है चंद्र नमस्कार?

प्रनामासन : सूर्य नमस्कार की तरह इसमें भी आप को पहले सीधे खड़े होना है। अपने दोनो पैरो को मोड़ लें और अपनी छाती को अंदर की ओर सिकोड़ते हुए नमस्कार करें।

चंद्रासन : अंदर की ओर सांस खींचे और दाईं ओर अपने सारे शरीर को झुका लें। इसके बाद ऐसा ही बाईं ओर भी करें। 

उत्कता कोनासन :अपने पैर को आगे की ओर रखें और सीधे खड़े हों। जैसे ही आप सांस छोड़ते है तो अपने घुटनों को मोड़ लें। आप की जांघ जमीन के समानांतर होनी चाहिए। आप की हथेलियां आप के सामने होनी चाहिए और आप की फॉर आर्मस 90 डिग्री के एंगल पर मुड़ी हुई होनी चाहिए।

इसके अलावा भी चन्द्र नमस्कार के 14 अन्य आसन हैं जैसे उथिता ताड़ासन, त्रिकोणासन, पर्सवोत्नासन, लेफ्ट साइड लंज, मालासन आदि।

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