1.  भुजंगासन :

पेट के बल लेट जाएँ और दोनों पैरों को मिलाकर रखें। अपनी हथेलियों को अपने कंधों के बगल में जमीन पर रखें। श्वास लेते हुए धीरे- धीरे अपने सीने को ऊपर को ओर उठाएँ। अपने चेहरे को पीछे की तरफ ले जाएँ ताकि आप छत को देख सकें। 15-20 सेकेंड्स के लिए इसी स्थितिमें रुकें। फिर श्वास छोड़ते हुए धीरे- धीरे वापस आ जाएँ। इस अभ्यास को 5-10 बार करना है। इस आसन के नियमित अभ्यास से कंधों का दर्द और जकड़न समाप्त होती है और कंधे की मांसपेशियों में लचीलापन आता है। 

2.  पर्वतासन :

 

खड़े होकर या पालथी मारकर बैठ जाएँ। श्वास लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएँ। कोशिश करें कि आपकी कोहनी सीधी रहे और हाथ कानों को स्पर्श करें। हाथों को ऊपर की ओर स्ट्रेच करते हुए नमस्कार की मुद्रा बनाएँ। फिर श्वास छोड़ते हुए हाथों को नीचे लेकर आयें। थोडी देर इसी स्थिति में रुकें। इसी प्रकार से 5 से 10 बार रोजाना करें। इस आसन को करने से कंधे का दर्द और जकड़न समाप्त होती है,साथ ही रीढ़ की हड्डी में भी खिंचाव होता है जिससे पीठ के दर्द में भी आराम मिलता है।  

3.  मार्जरी आसन :

 

अपने घुटनों को मोड़कर वज्रासन में बैठें। फिर अपने घुटनों के बल खड़े हो जाएँ। आगे की ओर झुककर अपनी हथेलियों को जमीन पर रखें। हाथ घुटनों की सीध में होने चाहिए तथा बाहें और जांघें समानांतर होने चाहिए। श्वास लेते हुए सिर को ऊपर की ओर उठाना है,साथ साथ कमर को नीचे की ओर लाना है फिर श्वास छोड़ते हुए सिर नीचे की तरफ तथा कमर ऊपर की ओर ले जानी है। इस अभ्यास को 10-15 बार करें। इस आसन को करने से कंधों की जकड़न और कमर दर्द में बहुत जल्दी आराम मिलता है। इससे कमर,कंधे तथा गर्दन में लचीलापन आता है जिससे पूरी रीढ़ की हड्डी की जकड़न दूर होती है।