योगा आजकल हर घर में किया जा रहा है। वजह सबने इसकी अहमियत समझ ली है। घर पर बड़े-बूढ़े, पुरुष-महिला और बच्चे सभी इसके फायदे महसूस कर रहे हैं। अब तो योग दिवस भी मनाया जाने लगा है। मगर योगा की इतनी खासियतों के बीच महिलाओं के लिए योगा नहीं करने से जुड़े नियम भी याद रखे जाने चाहिए। जी हां, एक ऐसा समय भी आता है, जब महिलाओं को योगा से दूरी बना लेनी चाहिए। अगर लंबे समय से आपके मन में भी ये सवाल है कि पीरियड के दौरान योगा किया जाना चाहिए या नहीं तो जवाब के साथ हम तैयार हैं। महिलाओं को महीने के उन दिनों में योगा से थोड़ी दूरी बनाना जरूरी हो जाता है। लेकिन ये पूरी तरह से जरूरी नहीं है। मतलब पूरी तरह से बंद भी नहीं करना है और पूरी तरह से करना भी नहीं है। तो करना क्या है और क्या नहीं, आइए जानें-

योगा के साथ–
महिला महावारी के दौरान योगा के साथ शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से ही एडजस्ट नहीं कर पाती है। दरअसल उसकी बॉडी का इन दिनों में शुद्धिकरण होता है और ये एक पूरी प्रक्रिया है, जिसमें बहुत सारे बदलाव होता हैं। जिसकी वजह से शारीरिक और मानसिक असर भी भरपूर होता है। इसके अलावा योगा करने से गंदगी होने का डर भी रहता है, दूसरे शरीर पर भी इसका गलत असर हो सकता है। कभी पेट पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है तो कभी ब्लड फलो भी बढ़ सकता है। इसलिए पीरियड में योगा करते हुए कुछ नियम याद रखना जरूरी हो जाती है।

मानसिक जरूरत भी–
महावारी एक ऐसा दौर होता है, जब महिलाएं मनसिक तौर पर भी बहुत डाउन होती हैं। उन्हें योगा के दौरान और ज्यादा मानसिक दबाव का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए कुछ खास योगा आसन ही करने की सलाह दी जाती है।

कौन से योगा करें–
- महावारी के दौरान कुछ योगा करने की सलाह ही दी जाती है। जिनसे कोई दिक्कत नहीं होगी बल्कि मदद ही मिलेगी। जैसे,
- आंखों, गर्दन, थायरॉइड ग्लैंड, एड़ियों और पंजों के शुक्ष्म योगा
- प्राणायाम और ध्यान
- नाड़ीशोधन प्राणायाम
- भ्रामरी
- ओम मंत्र का उच्चारण और ध्यान
- मंत्रोच्चारण और सांसों का ध्यान
- योग निद्रा
- शीतलता बनाए रखने के लिए शिकरी और शीतली योगा
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योगागुरु सुनील सिंह
बिलकुल न करें–
- महावारी के दौरान कुछ योगासन करने से हमेशा ही बचना चाहिए। इनकी वजह से शारीरिक नुकसान हो सकता है। इनको पहचान लीजिए-
- सूर्य नमस्कार एक ऐसा आसन है, जिसका असर पूरे शरीर पर होता है। जबकि महावारी में पेट और इसके आसपास के हिस्सों पर दबाव नहीं पड़ना चाहिए। इससे बॉडी में ब्लड सर्कुलेशन तेज हो जाता है। जिसकी वजह से ब्लड फ्लो भी नचुरल से तेज हो सकता है।
- बैकवर्ड बेंडिंग आसन न करें जैसे भुजंग आसन, शलभ आसन, इससे पेट में दर्द भी हो सकता है, जो पहले से ही कई महिलाओं को होता है।
- कपालभाति और भस्त्रिका प्राणायां से बचें। इनका असर पेट पर होगा जो सही नहीं है।
(अंतरराष्ट्रीय योगा गुरु सुनील सिंह से बातचीत पर आधारित)
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