नयी मां का रखें ख्याल, इस रेसिपी से बानी ड्राई फ्रूट पंजीरी से आएगी नयी मां को गजब की ताकत
पंजीरी में इस्तेमाल होने वाले ताजे घी, सूखे मेवे, और मसाले नई मां के शरीर को पोषण से भर देती है।
Dry Fruit Panjeeri for New Moms: पंजीरी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जिसे खासतौर पर डिलीवरी के बाद ताकत और ऊर्जा देने के लिए बनाया जाता है। यह शरीर को जल्दी रिकवर करने, दूध की आपूर्ति बढ़ाने, और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करती है।पंजीरी में इस्तेमाल होने वाले ताजे घी, सूखे मेवे, और मसाले नई मां के शरीर को पोषण से भर देती है।
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सामग्री
गेहूं का आटा 1 कप
घी 1/2 कप
चीनी 1/2 कप
सूखे मेवे 1/2 कप
तिल 2 टेबल स्पून
तरबूज के बीज 2 टेबल स्पून
इलायची पाउडर 1 छोटा चम्मच
सौंफ 1 छोटा चम्मच
सूखा अदरक पाउडर 1/2 छोटा चम्मच
जायफल पाउडर 1/4 छोटा चम्मच
गुलाब जल 1 छोटा चम्मच
बनाने की विधि

आटे को सेंकना
एक कढ़ाई में घी गरम करें। जब घी पिघल जाए, तो उसमें गेहूं का आटा डालें। आटे को मध्यम आंच पर लगातार हिलाते हुए सेंकें, जब तक वह हल्का सुनहरा न हो जाए और खुशबू न आने लगे। यह प्रक्रिया करीब 8-10 मिनट तक चल सकती है, ध्यान रखें कि आटा जलने न पाए।
सूखे मेवों को सेंकना
एक अलग पैन में सूखे मेवों (बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता) को हल्का सा सेंक लें, ताकि वे कुरकुरे हो जाएं। इन्हें एक प्लेट में निकालकर रख लें।
अब तिल और मगज को भी हल्का सा सेंक लें, फिर इनको भी मेवों के साथ प्लेट में रख लें।
सभी चीजों को मिलाना
जब आटा अच्छे से सेंक जाए, तो उसमें तले हुए सूखे मेवे, तिल, मगज, सौंफ, इलायची पाउडर, सोंठ, और जायफल पाउडर डालें।
अब चीनी डालें और उसे अच्छे से घुलने तक पंजीरी में मिलाएं। अगर आप गुड़ का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे छोटे टुकड़ों में काटकर डालें और धीरे-धीरे पिघलने तक पकाएं।
एक बार जब चीनी पूरी तरह से घुल जाए, तो पंजीरी को 2-3 मिनट और पकाएं।

यदि आप चाहें तो इस पंजीरी में गुलाब जल या किवड़ा जल डाल सकते हैं, ताकि उसे एक खुशबू मिले।
पंजीरी को गैस से उतारकर ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा होने पर यह थोड़ी सख्त हो जाएगी।
ठंडी होने पर इसे एक एयरटाइट कंटेनर में रख सकते हैं और रोज़ाना 2 चम्मच सेवन करें।
ड्राई फ्रूट पंजीरी के फायदे
ऊर्जा और ताकत
पंजीरी में सूखे मेवे और घी होते हैं जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर को जल्दी रिकवरी और ताकत की आवश्यकता होती है
दूध की आपूर्ति
इसमें तिल और सौंठ जैसी सामग्री होती है जो माँ के दूध की आपूर्ति को बढ़ाती हैं।
हड्डियों की मजबूती
पंजीरी में तिल, मगज और सूखे मेवे जैसे कैल्शियम से भरपूर तत्व होते हैं, जो माँ की हड्डियों को मजबूत करते हैं।

पाचन
सोंठ और सौंफ जैसे तत्व पाचन क्रिया को सुधारते हैं। डिलीवरी के बाद कई महिलाओं को पेट की समस्याएं होती हैं, जैसे गैस और कब्ज, और ये उस समस्या को हल करने में मदद करते हैं।
खून की कमी
पंजीरी में आयरन होता है, जो खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। यह डिलीवरी के बाद होने वाली कमजोरी को दूर करता है।
पंजीरी का नियमित सेवन शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है, जिससे माँ को ताकत मिलती है और वह अपनी दिनचर्या को फिर से शुरू कर सकती है।
