Overview: मानसून में आलू और प्याज में निकलते हैं अंकुर, क्या इन्हें खाना सुरक्षित है?
बरसात में आलू और प्याज का अंकुरण एक आम समस्या है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इन्हें सुरक्षित रूप से उपयोग कर सकते हैं।
Sprouts in Potato and Onion: आपने अक्सर देखा होगा कि बरसात का मौसम आते ही रसोई में रखे आलू और प्याज में अंकुर निकलना शुरू हो जाते हैं। नम और गर्म वातावरण की वजह से इन सब्जियों में हरे रंग के अंकुर नजर आने लगते हैं। अक्सर लोग इन्हें साफ करके सब्जी और सलाद में इस्तेमाल कर लेते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या इन अंकुरित आलू और प्याज को खाना सुरक्षित है। क्या इससे किसी तरह का नुकसान हो सकता है। तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
आलू और प्याज में क्यों निकलते हैं अंकुर

आलू और प्याज प्रकृति की अनोखी देन हैं, जो सही परिस्थितियों में नए पौधों को जन्म देने की क्षमता रखते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जब आलू को गर्म, नम और उजाले वाले स्थान पर रखा जाता है, तो यह वसंत जैसी परिस्थितियों को महसूस करता है। इससे आलू में अंकुरण शुरू हो जाता है, जो एक नए पौधे को जन्म देने की प्रक्रिया है। वहीं दूसरी ओर, प्याज भी नमी और गर्मी के कारण अंकुरित होता है, जिससे उसमें हरे रंग के अंकुर दिखाई देते हैं।
क्या अंकुरित आलू और प्याज खाना सुरक्षित है
अंकुरित आलू और प्याज को खाने से पहले कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। आलू के अंकुर और हरे हिस्से में सोलानिन और चैकोनिन जैसे ग्लाइकोएल्कलॉइड्स नामक कंपाउंड पाए जाते हैं, जो विषैले हो सकते हैं। ये कंपाउंड एक प्रकार का टॉक्सिन है जो आलू कीड़े और बीमारियों से खुद को बचाने के लिए बनाता है। इसके सेवन से पेट खराब, उल्टी, दस्त, सिरदर्द और चक्कर जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खाना पकाने से ये विषैले तत्व पूरी तरह खत्म नहीं होते, इसलिए अंकुर और हरे हिस्सों को पूरी तरह हटा देना चाहिए।
खाना बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान
– बरसात के मौसम में घर में अधिक आलू और प्याज को स्टोर न करें।
– यदि आलू में छोटे-छोटे अंकुर हों, तो इन्हें आसानी से उंगलियों से तोड़ा जा सकता है। बड़े अंकुरों के लिए चाकू या सब्जी छीलने वाले उपकरण का उपयोग करें।
– यदि आलू की त्वचा हरी हो गई हो, तो उसे भी छीलकर हटा दें। लेकिन अगर आलू नरम, सिकुड़ा हुआ, बहुत अधिक अंकुरित या हरा हो, तो उसे फेंक देना ही बेहतर है।
– प्याज के मामले में भी, अंकुरित हिस्से को काटकर हटा देना चाहिए, लेकिन अगर प्याज बहुत नरम हो जाए, तो उसे खाने से बचना चाहिए।
अंकुरण कैसे रोकें

– आलू और प्याज को अंकुरित होने से बचाने के लिए सही भंडारण जरूरी है।
– इन्हें ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें, जहां तापमान 7-10 डिग्री सेल्सियस के बीच हो।
– आलू को कागज की थैली, जूट के बोरे या हवादार बक्से में रखें, ताकि हवा का संचार बना रहे।
– प्लास्टिक की थैलियों में भंडारण से नमी बढ़ती है, जो अंकुरण को बढ़ावा देती है।
– इसके अलावा, आलू और प्याज को सेब या प्याज से दूर रखें, क्योंकि ये सब्जियां और फल एथिलीन गैस छोड़ते हैं, जो अंकुरण को तेज करती है।
– रेफ्रिजरेटर में आलू रखने से बचें, क्योंकि ठंडा तापमान स्टार्च को शर्करा में बदल देता है, जिससे स्वाद और बनावट प्रभावित होती है।
– प्याज को भी नमी से बचाने के लिए सूखे स्थान पर रखें।
क्या करें अगर आलू-प्याज अंकुरित हो जाएं
यदि आलू या प्याज में छोटे-मोटे अंकुर हों, तो इन्हें काटकर हटा दें और बाकी हिस्से का उपयोग करें। लेकिन अगर अंकुर बड़े हों, त्वचा हरी हो या सब्जी नरम हो, तो उसे फेंक देना ही सुरक्षित है। विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार , “जब संदेह हो, तो फेंक दो” यह नियम खाद्य सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।
