पूरी दुनिया में विभिन्न प्रकार की डाइट को फॉलो करते हैं लोग: Types of Diets
Types of Diets

Types of Diets: इस बात से तो हम सभी वाकिफ हैं कि हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी होता है अपने आहार पर ध्यान देना। खान-पान का ख्याल रखकर ही व्यक्ति कई तरह की बीमारियों से आसानी से निजात पा सकता है। यहां तक कि इससे बढ़े हुए वजन को भी कम किया जा सकता है। शायद यही कारण है कि आज के समय में अधिकतर लोग तरह-तरह की डाइट को फॉलो करना पसंद करते हैं।

सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के विभिन्न देशों में लोग इन डाइट को फॉलो करते हैं और खुद को शेप में देखना चाहते हैं। यूं तो हर व्यक्ति अपनी बॉडी की जरूरतों को समझते हुए ही किसी डाइट को फॉलो करता है। लेकिन ऐसी कई डाइट हैं, जो बेहद ही पॉपुलर हैं और इसलिए पूरी दुनिया में लोग इन डाइट को लेना पसंद करते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही डाइट के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें पूरी दुनिया में बहुत अधिक पसंद किया जाता है-

कीटो डाइट

जब वर्ल्ड की सबसे पॉपुलर डाइट की बात होती है तो उसमें कीटो डाइट का नाम अवश्य लिया जाता है। यह एक ऐसी डाइट है, जो हाई फैट और हाई प्रोटीन डाइट है। लेकिन इसमें कार्ब्स का सेवन कम से कम किया जाता है। जब लोग अपनी डाइट में कार्ब्स का सेवन करना काफी कम कर देते हैं तो इससे उनका शरीर कीटोसिस में चला जाता है। यह एक ऐसी कंडीशन होती है, जिसमें शरीर ग्लूकोज की जगह एनर्जी के लिए पहले से ही स्टोर फैट को जलाता है। इससे तेजी से वजन कम हो सकता है। इतना ही नहीं, इससे कई क्रॉनिक बीमारियों के इलाज में भी मदद मिलती है। हालांकि, इस डाइट को फॉलो करने का एक तरीका होता है और यह डाइट उतनी भी आसान नहीं है। इसे हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है, इसलिए हमेशा चिकित्सकीय देखरेख में ही इसका पालन किया जाना चाहिए।

इंटरमिटेंट फास्टिंग

Intermittent Fasting
Types of Diets-Intermittent Fasting

यह एक ऐसी डाइट है, जो पिछले कुछ समय से काफी ट्रेन्ड में है। यह एक ऐसी डाइट है, जिसमें आपको किसी खास तरह के फूड को अपनी डाइट से बाहर नहीं करना होता है, बल्कि खाने की टाइमिंग पर फोकस करना होता है। इस तरह की डाइट में खाने में पैटर्न पर ध्यान दिया जाता है। जहां कुछ घंटे ईटिंग विंडो होता है तो कुछ घंटे फास्टिंग पीरियड चलता है। इसमें धीरे-धीरे ईटिंग विंडो की टाइमिंग को कम किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस तरह की डाइट से ना केवल वजन कम करने में मदद मिलती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है। साथ ही साथ, यह हार्ट हेल्थ पर भी पॉजिटिव असर डालती है, बस इसमें टाइमिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

मेडिटेरेनियन डाइट

मेडिटेरेनियन डाइट मेडिटेरेनियन देशों के पारंपरिक आहार पैटर्न से प्रेरित है। पिछले कुछ समय से यह काफी चलन में है। इसे वेट लॉस के साथ-साथ ओवर ऑल हेल्थ को सुधारने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। यहां तक कि 2023 यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट की वार्षिक रैंकिंग में मेडिटेरेनियन डाइट को सबसे बेहतर और हेल्दी डाइट का नाम दिया गया है। यह एक ऐसी डाइट है, जिसमें जैतून के तेल के साथ-साथ फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, फलियां, नट्स और बीजों की खपत पर जोर दिया जाता है। साथ ही साथ, मछली, मुर्गी का मॉडरेट सेवन करना और रेड मीट व डेयरी का सीमित सेवन करने की सलाह दी जाती है। चूंकि इस डाइट में हेल्दी फैट्स और एंटी-ऑक्सीडेंट पर अधिक जोर दिया जाता है, इसलिए इससे हार्ट हेल्थ पर पॉजिटिव असर पड़ता है।  इसके अलावा, यह वजन से लेकर टाइप 2 डायबिटीज को भी मैनेज करने में मददगार है। 

पैलियो डाइट

Types of Diets
Types of Diets-Pilio Diet

पुराने समय में लोग बहुत अधिक हेल्दी रहते थे। जबकि उस समय विज्ञान बहुत अधिक विकसित नहीं हुआ था, लेकिन अपने खानपान के दम पर लोग काफी लंबे समय तक जीते थे। पैलियो या पैलियोलिथिक डाइट इसी से इंस्पायर है। पैलियो आहार इस विचार पर आधारित है कि मनुष्यों को वही भोजन खाना चाहिए जो हमारे पूर्वजों ने पैलियोलिथिक युग के दौरान खाया होगा। इसमें लीन मीट, फिश, फल, सब्जियां, नट्स व सीड्स शामिल है। जबकि व्यक्ति को अनाज, फलियां, डेयरी, प्रोसेस्ड फूड और रिफाइंड शुगर को अपनी डाइट से बाहर कर देना चाहिए। इस डाइट में होल और अनप्रोसेस्ड फूड्स के सेवन पर जोर दिया जाता है। जिससे ना केवल व्यक्ति का डाइजेशन बेहतर होता है, बल्कि उसकी ओवर ऑल हेल्थ बेहतर होती है।

वेजिटेरियन या वीगन डाइट

अब पूरी दुनिया में लोग वेजिटेरियन या वीगन डाइट फॉलो करने लगे हैं। यहां तक कि बड़े-बड़े सितारे नॉन-वेज छोड़कर वीगन की राह अपनाने लगे हैं। यह एक ऐसी डाइट है, जिसमें नॉन-वेज फूड यहां तक कि अंडे को भी डाइट से बाहर कर दिया जाता है। जहां वेजिटेरियन डाइट में लोग पशु उत्पाद जैसे शहद व दूध आदि का सेवन करते हैं। वहीं, वीगन डाइट में सिर्फ नॉन-वेज ही नहीं छोड़ा जाता, बल्कि पशु उत्पाद जैसे दूध  आदि को भी डाइट से बाहर कर दिया जाता है। ये डाइट कुछ क्रॉनिक डिसीज जैसे हार्ट या टाइप 2 डायबिटीज के रिस्क को भी कम करते हैं। यूं तो इस तरह की डाइट सेहत के लिए काफी अच्छी है। लेकिन इस तरह की डाइट लेते हुए विटामिन बी 12 या आयरन आदि के इनटेक पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत होती है। 

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...